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Rohtak News: दांत की छोटी-छोटी दिक्कतों से मिलेगा छुटकारा
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रोहतक। दंत के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। पीजीआईडीएस (पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ डेंटल साइंस) में बेहतर इलाज मुहैया होगा। मरीजों के लिए यहीं इंप्लांट तैयार किए जाएंगे और लगाए जाएंगे। इसके लिए यहां डेंटल इंप्लांट एडवांस सेंटर बनाया जा रहा है। इससे मरीजों को छोटी-छोटी चीजों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। साथ ही इंप्लांट किसी आकार का लगेगा, इसकी भी सटीक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। इसके लिए सिटी स्कैन में नए सॉफ्टवेयर प्रयोग किए जाएंगे। जल्दी ही यह सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे होंगी।
पीजीआईएमएस परिसर स्थित पीजीआईडीएस या डेंटल कॉलेज में भी रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। पीजीआईएमएस के अन्य विभागों की तरह डेंटल कॉलेज की ओपीडी भी मरीजों से फुल होती है। यहां रोजाना औसतन 400 मरीज पहुंचते हैं। इन मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों में डेंटल चेयर, डॉक्टर व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। अब इन सुविधाओं को एडवांस लेवल पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में डेंटल इंप्लांट एडवांस सेंटर बनाया जा रहा है। यहीं मरीजों के लिए जरूरी इंप्लांट तैयार होंगे और लगाए जाएंगे। इससे मरीजों को राहत मिलने के साथ विद्यार्थियों को भी लाभ होगा। वह नया सीख सकेंगे। इससे उपचार की तकनीक बेहतर होगी। सेंटर में कैविटी, इंप्लांट तैयार करना, दांत निकालना व अन्य मुश्किल काम किए जाएंगे।
लैब में तैयार होगा सटीक दांत
पीजीआईडीएस में नोडल सेंटर ऑफ एडवांस डेंटल इमेजिंग भी तैयार किया जा रहा है। यह सुविधा मरीजों को और राहत पहुंचाएगी। मरीज को लगाई जाने वाले दांत या इंप्लांट सटीक आकार के मिलेंगे। इंप्लांट के छोटा या बड़ा होने का झंझट भी समाप्त होगा। इसके लिए नए साॅफ्टवेयर सिटी स्कैन की इमेज को और बेहतर बनाएंगे। साथ ही इनसे घाव या जरूर अनुसार आकार की सटीक जानकारी प्राप्त होगी।
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संस्थान में मरीजों को बेहतर उपचार मुहैया कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में डेंटल इंप्लांट एडवांस सेंटर व नोडल सेंटर ऑफ एडवांस डेंटल इमेजिंग तैयार किए जा रहे हैं। इनसे मरीज की तकलीफ कम होगी। साथ ही कम खर्च में बेहतर उपचार मिलेगा।
डॉ. संजय तिवारी, प्राचार्य, पीजीआईडीएस।
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पीजीआईएमएस परिसर स्थित पीजीआईडीएस या डेंटल कॉलेज में भी रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। पीजीआईएमएस के अन्य विभागों की तरह डेंटल कॉलेज की ओपीडी भी मरीजों से फुल होती है। यहां रोजाना औसतन 400 मरीज पहुंचते हैं। इन मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों में डेंटल चेयर, डॉक्टर व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। अब इन सुविधाओं को एडवांस लेवल पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में डेंटल इंप्लांट एडवांस सेंटर बनाया जा रहा है। यहीं मरीजों के लिए जरूरी इंप्लांट तैयार होंगे और लगाए जाएंगे। इससे मरीजों को राहत मिलने के साथ विद्यार्थियों को भी लाभ होगा। वह नया सीख सकेंगे। इससे उपचार की तकनीक बेहतर होगी। सेंटर में कैविटी, इंप्लांट तैयार करना, दांत निकालना व अन्य मुश्किल काम किए जाएंगे।
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लैब में तैयार होगा सटीक दांत
पीजीआईडीएस में नोडल सेंटर ऑफ एडवांस डेंटल इमेजिंग भी तैयार किया जा रहा है। यह सुविधा मरीजों को और राहत पहुंचाएगी। मरीज को लगाई जाने वाले दांत या इंप्लांट सटीक आकार के मिलेंगे। इंप्लांट के छोटा या बड़ा होने का झंझट भी समाप्त होगा। इसके लिए नए साॅफ्टवेयर सिटी स्कैन की इमेज को और बेहतर बनाएंगे। साथ ही इनसे घाव या जरूर अनुसार आकार की सटीक जानकारी प्राप्त होगी।
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संस्थान में मरीजों को बेहतर उपचार मुहैया कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में डेंटल इंप्लांट एडवांस सेंटर व नोडल सेंटर ऑफ एडवांस डेंटल इमेजिंग तैयार किए जा रहे हैं। इनसे मरीज की तकलीफ कम होगी। साथ ही कम खर्च में बेहतर उपचार मिलेगा।
डॉ. संजय तिवारी, प्राचार्य, पीजीआईडीएस।