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Rohtak News: गौरव कभी एटीएम तो कभी स्कूलों में करता था सफाई का काम, वेतन कम मिलने पर शुरू की चोरी
Sun, 12 May 2024 10:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 12 May 2024 10:54 PM IST
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झज्जर। एटीएम से बैटरी चोरी करने वाले इंटर स्टेट गिरोह का सरगना गौरव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर क्षेत्र का रहने वाला है। अब वर्तमान में वह दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में किराये के एक मकान पर रहता है। गिरोह में शामिल मनीष और दिलीप भी दिल्ली में ही किराये पर रहते हैं। ये दोनों सगे भाई हैं और गौरव के मामा के लड़के हैं।
बैटरियां चोरी करने का गिरोह गौरव चला रहा था, इसमें बाद में उसके मामा के लड़के दिलीप और मनीष भी शामिल हो गए थे। गौरव दरअसल कई साल पहले जौनपुर से दिल्ली आ गया था, जहां पर उसके ममेरे भाई मनीष और दिलीप पहले ही रहते थे। यहां आकर उसने पहले एक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी में बतौर सुपरवाइजर नौकरी की, लेकिन तनख्वाह कम होने की वजह से वह बार-बार नौकरियां बदलता रहा। कभी सिक्योरिटी एजेंसी के मार्फत एटीएम के कैबिनों में साफ-सफाई का काम किया तो कभी किसी स्कूल में सफाई कर्मचारी बनकर गुजारा करता रहा। काफी समय पहले पहली बार उसके मामा के लड़के ने उसे एक एटीएम मशीन के कैबिन में पुरानी बैटरियां रखे होने की सूचना दी तो वहां से उन्होंने बैटरी चोरी का धंधा शुरू किया। पहली बार चोरी करने पर 2800 रुपये एक कबाड़ी से मिले। इसके बाद गौरव की हिम्मत बढ़ गई और उसने एक के बाद एक बैटरियां चोरी की और कई वारदातों को अंजाम दे डाला। शुरुआत में गौरव और उसके ममेरे भाई मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते थे, लेकिन बाद में उन्हें जरूरत महसूस हुई तो उसके ममेरे भाई की कार को वारदात अंजाम देने में इस्तेमाल किया। तीनों ने मिलकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न जिलों में करीब 30 वारदातों को अंजाम दे डाला।
झज्जर से किया गिरफ्तार
पुलिस टीम को आरोपियों के बारे में गुप्त सूचना मिली थी, इस पर तत्परता से काम करते हुए तीनों आरोपियों को झज्जर क्षेत्र से काबू किया गया। उनके कब्जे से साल्हावास क्षेत्र स्थित हितैची एटीएम कैबिन से चोरी की गई तीन बैटरियां, वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी, चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पेंचकस, प्लास जैसे लोहे के कुछ औजार भी बरामद किए गए हैं।
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इन जगहों पर की गई वारदात
यह वारदातें हरियाणा के बहादुरगढ़, झज्जर, रोहतक, पानीपत, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, हिसार, पलवल, पटौदी के बिलासपुर, सोनीपत के अलावा दिल्ली के नांगलोई, नजफगढ़, द्वारका व अन्य इलाकों के अलावा राजस्थान में वारदात की गई हैं।
बैटरियां चोरी करने का गिरोह गौरव चला रहा था, इसमें बाद में उसके मामा के लड़के दिलीप और मनीष भी शामिल हो गए थे। गौरव दरअसल कई साल पहले जौनपुर से दिल्ली आ गया था, जहां पर उसके ममेरे भाई मनीष और दिलीप पहले ही रहते थे। यहां आकर उसने पहले एक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी में बतौर सुपरवाइजर नौकरी की, लेकिन तनख्वाह कम होने की वजह से वह बार-बार नौकरियां बदलता रहा। कभी सिक्योरिटी एजेंसी के मार्फत एटीएम के कैबिनों में साफ-सफाई का काम किया तो कभी किसी स्कूल में सफाई कर्मचारी बनकर गुजारा करता रहा। काफी समय पहले पहली बार उसके मामा के लड़के ने उसे एक एटीएम मशीन के कैबिन में पुरानी बैटरियां रखे होने की सूचना दी तो वहां से उन्होंने बैटरी चोरी का धंधा शुरू किया। पहली बार चोरी करने पर 2800 रुपये एक कबाड़ी से मिले। इसके बाद गौरव की हिम्मत बढ़ गई और उसने एक के बाद एक बैटरियां चोरी की और कई वारदातों को अंजाम दे डाला। शुरुआत में गौरव और उसके ममेरे भाई मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते थे, लेकिन बाद में उन्हें जरूरत महसूस हुई तो उसके ममेरे भाई की कार को वारदात अंजाम देने में इस्तेमाल किया। तीनों ने मिलकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न जिलों में करीब 30 वारदातों को अंजाम दे डाला।
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झज्जर से किया गिरफ्तार
पुलिस टीम को आरोपियों के बारे में गुप्त सूचना मिली थी, इस पर तत्परता से काम करते हुए तीनों आरोपियों को झज्जर क्षेत्र से काबू किया गया। उनके कब्जे से साल्हावास क्षेत्र स्थित हितैची एटीएम कैबिन से चोरी की गई तीन बैटरियां, वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी, चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पेंचकस, प्लास जैसे लोहे के कुछ औजार भी बरामद किए गए हैं।
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इन जगहों पर की गई वारदात
यह वारदातें हरियाणा के बहादुरगढ़, झज्जर, रोहतक, पानीपत, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, हिसार, पलवल, पटौदी के बिलासपुर, सोनीपत के अलावा दिल्ली के नांगलोई, नजफगढ़, द्वारका व अन्य इलाकों के अलावा राजस्थान में वारदात की गई हैं।