{"_id":"667dfd03d1cd1faa46092e47","slug":"fraud-case-registered-after-11-months-after-complaint-to-director-general-of-police-rohtak-news-c-17-roh1019-451937-2024-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: पुलिस महानिदेशक को शिकायत करने पर 11 माह बाद धोखाधड़ी का केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: पुलिस महानिदेशक को शिकायत करने पर 11 माह बाद धोखाधड़ी का केस दर्ज
विज्ञापन
रोहतक। गूगल से होटल बुक करने के लिए ली गई एक वेबसाइट से एक छात्र से साइबर अपराधियों ने फर्जी वेबसाइट के माध्यम से 77029 रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने बैंक और पुलिस को तत्काल घटना की जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से की है तो 11 माह बाद पीजीआईएमएस थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
रोहतक की देव कॉलोनी निवासी नवदीप मलिक ने दी शिकायत में बताया कि वह बंगलूरु में बीटेक कर रहा है और पिछले जुलाई-2023 में उसे कुछ दिन के लिए कॉलेज जाना था। इसके लिए उन्होंने होटल बुक करने के लिए गूगल से वेबसाइट सर्च की थी। उस पर यूपीआई से छह हजार रुपये जमा कराकर होटल का कमरा बुक कर लिया। मगर कुछ समय बाद ही उक्त वेबसाइट के माध्यम से बताया कि उनका होटल का कमरा बुक नहीं हो पाएगा इसलिए 6000 रुपये को रिफंड करना है। इसके लिए वह एक एनीडेस्क नाम एप डाउनलोड कराया। इसके बाद उनके खाते से दो बार में 29,883 और दूसरी बार में 41,146 रुपये कट गए जबकि छह हजार रुपये पहले ही ठगे जा चुके थे। 27 जुलाई को उन्होंने ठगी की जानकारी पुलिस और बैंक को दी गई, मगर इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कई बार पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क साधा गया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। चूंकि वह स्वयं दूसरे प्रदेश में है और पिता बुजुर्ग है इसलिए जब कोई कार्रवाई नहीं हुई पीड़ित ने पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के नाम एक शिकायत दी तो पुलिस हरकत में आई और आनन-फानन धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
ठगी की घटना बंगलुरु की थी और बाद में पीड़ित की ओर से साइबर सेल को शिकायत दी गई थी। उसकी जांच चल रही थी और जब थाने पर शिकायती पत्र आया तो रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। अब आरोपियों की तलाश करते हुए उनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
विज्ञापन
-अशोक कुमार, पीजीआईएमएस थाना प्रभारी।
विज्ञापन
रोहतक की देव कॉलोनी निवासी नवदीप मलिक ने दी शिकायत में बताया कि वह बंगलूरु में बीटेक कर रहा है और पिछले जुलाई-2023 में उसे कुछ दिन के लिए कॉलेज जाना था। इसके लिए उन्होंने होटल बुक करने के लिए गूगल से वेबसाइट सर्च की थी। उस पर यूपीआई से छह हजार रुपये जमा कराकर होटल का कमरा बुक कर लिया। मगर कुछ समय बाद ही उक्त वेबसाइट के माध्यम से बताया कि उनका होटल का कमरा बुक नहीं हो पाएगा इसलिए 6000 रुपये को रिफंड करना है। इसके लिए वह एक एनीडेस्क नाम एप डाउनलोड कराया। इसके बाद उनके खाते से दो बार में 29,883 और दूसरी बार में 41,146 रुपये कट गए जबकि छह हजार रुपये पहले ही ठगे जा चुके थे। 27 जुलाई को उन्होंने ठगी की जानकारी पुलिस और बैंक को दी गई, मगर इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कई बार पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क साधा गया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। चूंकि वह स्वयं दूसरे प्रदेश में है और पिता बुजुर्ग है इसलिए जब कोई कार्रवाई नहीं हुई पीड़ित ने पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के नाम एक शिकायत दी तो पुलिस हरकत में आई और आनन-फानन धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
विज्ञापन
ठगी की घटना बंगलुरु की थी और बाद में पीड़ित की ओर से साइबर सेल को शिकायत दी गई थी। उसकी जांच चल रही थी और जब थाने पर शिकायती पत्र आया तो रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। अब आरोपियों की तलाश करते हुए उनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
विज्ञापन
-अशोक कुमार, पीजीआईएमएस थाना प्रभारी।