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नकल कराने के आरोपी प्रधानाचार्य, शिक्षक समेत चार को जेल भेजा
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महम। गांव चिड़ी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को परीक्षा के दौरान स्कूल के अंदर नकल कराने के मामले में स्कूल प्रधानाचार्य मनोज कुमार, गणित अध्यापक जयसिंह, क्लर्क जोगेंद्र और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मंजीत को पुलिस ने वीरवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
कोर्ट में सरकारी वकील एडवोकेट कविता का सहयोग कर रही एडवोकेट सुनीता राठी ने बताया कि नकल कराने के आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि नकल रोकने के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार 200 मीटर की परिधि में कोई भी फोटोस्टेट आदि की मशीन चालू नहीं होनी चाहिए, जबकि इस मामले में स्कूल में नकल के दौरान प्रयोग किए गए कंप्यूटर, दो प्रिंटर कम फोटोस्टेट मशीन पुलिस टीम ने स्कूल के लिपिक कक्ष से बरामद किए थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर स्कूली छात्रों को परीक्षा के अंदर पेपर की कुंजी व हल पेपर उपलब्ध करवा रहे थे।
बचाव पक्ष के वकील ने कहा-किसे कराई नकल ये नहीं बताया
बचाव पक्ष के वकील एडवोकेट प्रदीप ढाका ने कोर्ट के सामने आरोपियों को पाक साफ बताते हुए कहा कि आरोपियों पर नकल कराने के आरोप लगाए गए हैं, लेकिन यह नहीं बताया गया है कि नकल किस किस छात्र को कराई गई। जब किसी नकल करने वाले छात्र की ही पहचान नहीं की गई है तो नकल करना साबित कैसे हो गया। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा केंद्र के बाहर जुटने वाले तत्वों पर नकेल कसने में नाकाम हो रही है। इसलिए ड्यूटी करने वाले अध्यापकों को निशाना बनाया जा रहा है।
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ये था मामला
बुधवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महम हेमेंद्र मीणा को दोपहर करीब 2.40 बजे उड़नदस्ता अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भिवानी ने पुलिस को सूचना दी कि गांव चिड़ी में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तैनात कर्मचारी स्कूल के अंदर विद्यार्थियों को नकल करवाने का काम कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते लाखनमाजरा थाना प्रभारी निरीक्षक अब्दुल्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। जांच में सामने आया कि स्कूल के अंदर तैनात स्टाफ जिसमें प्रधानाचार्य मनोज, क्लर्क जोगेंद्र और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मंजीत अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर स्कूल के अंदर परीक्षा दे रहे बच्चों को नकल उपलब्ध करवा रहे थे। स्कूल में बने लिपिक कक्ष की छानबीन करने पर कमरे से पहले संचालित हुई अन्य विषयों की परीक्षा के हल पेपर और उस दिन की हिंदी की परीक्षा के वैकल्पिक और लिखित प्रश्नों के हल किए हुए काफी मात्रा में फोटोस्टेट प्रति प्रत्येक कोड की उतर कुंजी और कंप्यूटर पर प्रश्न पत्र मिले। स्कूल में खिड़कियों के बाहर से ढेर सारी पर्चियां बरामद की गई। इसके अलावा बिना अनुमति के टीजीटी अध्यापक को कमरे के अंदर बुलाया हुआ था। जिसकी पहचान गांव इंद्रगढ़ के सरकारी स्कूल में तैनात जयसिंह निवासी प्रवेश नगर रोहतक के रूप में हुई है। उड़न दस्ता टीम की शिकायत पर पुलिस ने कई धाराओं में केस दर्ज किया था।
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कोर्ट में सरकारी वकील एडवोकेट कविता का सहयोग कर रही एडवोकेट सुनीता राठी ने बताया कि नकल कराने के आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि नकल रोकने के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार 200 मीटर की परिधि में कोई भी फोटोस्टेट आदि की मशीन चालू नहीं होनी चाहिए, जबकि इस मामले में स्कूल में नकल के दौरान प्रयोग किए गए कंप्यूटर, दो प्रिंटर कम फोटोस्टेट मशीन पुलिस टीम ने स्कूल के लिपिक कक्ष से बरामद किए थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर स्कूली छात्रों को परीक्षा के अंदर पेपर की कुंजी व हल पेपर उपलब्ध करवा रहे थे।
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बचाव पक्ष के वकील ने कहा-किसे कराई नकल ये नहीं बताया
बचाव पक्ष के वकील एडवोकेट प्रदीप ढाका ने कोर्ट के सामने आरोपियों को पाक साफ बताते हुए कहा कि आरोपियों पर नकल कराने के आरोप लगाए गए हैं, लेकिन यह नहीं बताया गया है कि नकल किस किस छात्र को कराई गई। जब किसी नकल करने वाले छात्र की ही पहचान नहीं की गई है तो नकल करना साबित कैसे हो गया। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा केंद्र के बाहर जुटने वाले तत्वों पर नकेल कसने में नाकाम हो रही है। इसलिए ड्यूटी करने वाले अध्यापकों को निशाना बनाया जा रहा है।
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ये था मामला
बुधवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महम हेमेंद्र मीणा को दोपहर करीब 2.40 बजे उड़नदस्ता अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भिवानी ने पुलिस को सूचना दी कि गांव चिड़ी में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तैनात कर्मचारी स्कूल के अंदर विद्यार्थियों को नकल करवाने का काम कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते लाखनमाजरा थाना प्रभारी निरीक्षक अब्दुल्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। जांच में सामने आया कि स्कूल के अंदर तैनात स्टाफ जिसमें प्रधानाचार्य मनोज, क्लर्क जोगेंद्र और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मंजीत अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर स्कूल के अंदर परीक्षा दे रहे बच्चों को नकल उपलब्ध करवा रहे थे। स्कूल में बने लिपिक कक्ष की छानबीन करने पर कमरे से पहले संचालित हुई अन्य विषयों की परीक्षा के हल पेपर और उस दिन की हिंदी की परीक्षा के वैकल्पिक और लिखित प्रश्नों के हल किए हुए काफी मात्रा में फोटोस्टेट प्रति प्रत्येक कोड की उतर कुंजी और कंप्यूटर पर प्रश्न पत्र मिले। स्कूल में खिड़कियों के बाहर से ढेर सारी पर्चियां बरामद की गई। इसके अलावा बिना अनुमति के टीजीटी अध्यापक को कमरे के अंदर बुलाया हुआ था। जिसकी पहचान गांव इंद्रगढ़ के सरकारी स्कूल में तैनात जयसिंह निवासी प्रवेश नगर रोहतक के रूप में हुई है। उड़न दस्ता टीम की शिकायत पर पुलिस ने कई धाराओं में केस दर्ज किया था।