Haryana: भविष्य बताने वाले ज्योतिष विधायकी में आजमा रहे भाग्य, रोहतक में 4 मजदूर व 8 पेंशनर्स चुनावी रण में
रोहतक जिले की चार सीटों पर पेशे से नौ बिजनेसमैन भी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। वहीं, आठ ऐसे प्रत्याशी भी हैं जो सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। इनकी आजीविका सरकार से मिलने वाली पेंशन पर चलती है।
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चुनाव के रंग निराले हैं। प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय दलों के नेता तो दम भर ही रहे हैं, लेकिन कई ऐसे प्रत्याशी भी हैं जो राजनीतिक या संपन्न घरानों से अलग पृष्ठभूमि लेकर अपनी किस्मत आजमाने चुनावी मैदान में उतरे हैं।
रोहतक जिले की कलानौर विधानसभा सीट से पेशे से ज्योतिष बाबा ईश्वर नाथ ने भी नामांकन दाखिल किया है। आम आदमी परिवर्तन पार्टी ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया है। अपने चुनावी घोषणा पत्र में ईश्वर नाथ ने बताया कि वे पेशे से ज्योतिष हैं। 54 वर्षीय बाबा ईश्वर रोहतक में हिसार रोड स्थित चमत्कारी शिव मंदिर में रहते हैं। मंदिर के दान से ही उनकी आजीविका चलती है।
जिले में चार मजदूर भी विधानसभा चुनाव में ताल ठोक रहे हैं। इनमें महम विधानसभा सीट से पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक ने 60 वर्षीय कृष्ण को टिकट दिया है। चुनावी घोषणा पत्र में इन्होंने अपना व्यवसाय मजदूरी बताया है। महम सीट से ही निर्दलीय महेंद्र सिंह, कलानौर विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रेम कुमार, रोहतक विधानसभा सीट से इनेलो प्रत्याशी दिलौर ने अपना व्यवसाय मजदूरी करना बताया है।
ई-रिक्शा चालक, इंटरनेट कैफे संचालक भी मैदान में
रोहतक सीट से मिशन एकता पार्टी के प्रत्याशी 27 वर्षीय महेंदर बागड़ी का इंटरनेट कैफे है। उनकी आजीविका कैफे से चलती है। वहीं, कलानौर विधानसभा सीट से नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के संचालक 53 वर्षीय रणबीर सिंह ई-रिक्शा चालक हैं। उनका खुद का ई-रिक्शा है और जीवनयापन का माध्यम भी यही है।
पेशे से 11 किसान और 10 अधिवक्ता भी आजमा रहे किस्मत
जिले की चार विधानसभा सीटों पर कुल 56 प्रत्याशी मैदान में हैं। इन सभी ने अपने घोषणा पत्र में जो व्यवसाय बताया है, उनमें सर्वाधिक 11 का पेशा खेती है। वहीं, पेशे से 10 अधिवक्ता भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनके अलावा दो कॉन्ट्रैक्टर और दो प्राइवेट जॉब करने वाले भी चुनावी रण में उतरे हैं।
9 बिजनेसमैन और 8 पेंशनर्स भी चुनावी रण में उतरे
रोहतक जिले की चार सीटों पर पेशे से नौ बिजनेसमैन भी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। वहीं, आठ ऐसे प्रत्याशी भी हैं जो सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। इनकी आजीविका सरकार से मिलने वाली पेंशन पर चलती है। कई पूर्व और वर्तमान विधायक भी हैं, जिन्हें हरियाणा विधानसभा से विधायकी पेंशन मिलती है।