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Rohtak News: पीजीआईएमएस के कार्यवाहक प्रिंसिपल राकेश गोयल की आत्महत्या में पूर्व प्राचार्य गिरफ्तार
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आरोपी गजेंद्र। संवाद
पीजीआईएमएस स्थित फार्मेसी कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल राकेश गोयल (56) के आत्महत्या के मामले में शनिवार को पूर्व प्राचार्य डॉ. गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। फार्मेसी कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल ने सुसाइड नोट में आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने बताया कि 29 अगस्त को हुए पीजीआईएमएस के कार्यवाहक प्रिंसिपल राकेश कुमार गोयल के आत्महत्या प्रकरण में पुलिस ने तीसरे और अहम आरोपी पूर्व प्राचार्य गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर राकेश गोयल को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। इसी के चलते उसे गिरफ्तार किया है। इसके अलावा इसी प्रकरण में महिला डॉ. जुगनू और सीमा बेयरर को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, दोनों की अब अदालत से जमानत मंजूर हो चुकी है। इस मामले में अभी कई आरोपी फरार हैं। पुलिस इन आरोपियों को भी गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी है।
सुसाइड नोट में 12 बार लिखा था डॉ. गजेंद्र सिंह का नाम
पीजीआईएमएस में कार्यवाहक प्रिंसिपल ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था। उसी के आधार पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस सूत्रों की मानें तो सुसाइड नोट में राकेश गोयल ने 12 बार गजेंद्र सिंह का नाम लिखा था। इसमें उनको साजिश के तहत फंसाने का भी आरोप लगाया था। सूत्रों का कहना है कि एक फोटो के आधार पर इन लोगों ने कई माह तक उनका मानसिक उत्पीड़न किया था।
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29 अगस्त को भालौठ नहर के पास मिली थी स्कूटी
पीजीआईएमएस के पूर्व प्राचार्य और अन्य कर्मचारियों की प्रताड़ना से परेशान होकर कार्यवाहक प्रिंसिपल ने जेएलएन नहर में आत्महत्या की थी। उनकी स्कूटी 29 अगस्त को भालौठ नहर के किनारे खड़ी मिली थी। साथ में उनकी चप्पल, स्कूटी व जहरीले पदार्थ की डिब्बी, जिसमें सल्फास की गोली बताई गई थी, मिली थी। मामले की जांच आईएमटी थाना पुलिस कर रही है। राकेश गोयल का शव करीब 11 घंटे बाद एनडीआरएफ की टीम ने बरामद किया था।
इन साक्ष्यों के आधार पर की गई कार्रवाई
पुलिस ने डॉ. जुगनू की निशानदेही पर एक लैपटॉप बरामद किया था। इसमें कुछ एडिट किए गए फोटो-वीडियो बताए गए थे और उन्हीं के आधार पर राकेश गोयल को प्रताड़ित किया जा रहा था। इसके अलावा पुलिस ने उनकी अलमारी से कुछ कागजात बरामद किए थे। इनमें 30 जुलाई को भेजी गई 17 पेज की शिकायत, 28 अगस्त 2018 को भेजी गई 179 पेज की शिकायत, एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक भेजी गई 15 पेज की शिकायत और लीगल नोटिस शामिल थे। पुलिस ने इन कागजात को सुसाइड नोट के साथ साक्ष्य के रूप में प्रयोग किया है।
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कार्यवाहक प्रिंसिपल गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया है, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
- महेश कुमार, थाना प्रभारी आईएमटी।
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पुलिस ने बताया कि 29 अगस्त को हुए पीजीआईएमएस के कार्यवाहक प्रिंसिपल राकेश कुमार गोयल के आत्महत्या प्रकरण में पुलिस ने तीसरे और अहम आरोपी पूर्व प्राचार्य गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर राकेश गोयल को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। इसी के चलते उसे गिरफ्तार किया है। इसके अलावा इसी प्रकरण में महिला डॉ. जुगनू और सीमा बेयरर को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, दोनों की अब अदालत से जमानत मंजूर हो चुकी है। इस मामले में अभी कई आरोपी फरार हैं। पुलिस इन आरोपियों को भी गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी है।
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सुसाइड नोट में 12 बार लिखा था डॉ. गजेंद्र सिंह का नाम
पीजीआईएमएस में कार्यवाहक प्रिंसिपल ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था। उसी के आधार पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस सूत्रों की मानें तो सुसाइड नोट में राकेश गोयल ने 12 बार गजेंद्र सिंह का नाम लिखा था। इसमें उनको साजिश के तहत फंसाने का भी आरोप लगाया था। सूत्रों का कहना है कि एक फोटो के आधार पर इन लोगों ने कई माह तक उनका मानसिक उत्पीड़न किया था।
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29 अगस्त को भालौठ नहर के पास मिली थी स्कूटी
पीजीआईएमएस के पूर्व प्राचार्य और अन्य कर्मचारियों की प्रताड़ना से परेशान होकर कार्यवाहक प्रिंसिपल ने जेएलएन नहर में आत्महत्या की थी। उनकी स्कूटी 29 अगस्त को भालौठ नहर के किनारे खड़ी मिली थी। साथ में उनकी चप्पल, स्कूटी व जहरीले पदार्थ की डिब्बी, जिसमें सल्फास की गोली बताई गई थी, मिली थी। मामले की जांच आईएमटी थाना पुलिस कर रही है। राकेश गोयल का शव करीब 11 घंटे बाद एनडीआरएफ की टीम ने बरामद किया था।
इन साक्ष्यों के आधार पर की गई कार्रवाई
पुलिस ने डॉ. जुगनू की निशानदेही पर एक लैपटॉप बरामद किया था। इसमें कुछ एडिट किए गए फोटो-वीडियो बताए गए थे और उन्हीं के आधार पर राकेश गोयल को प्रताड़ित किया जा रहा था। इसके अलावा पुलिस ने उनकी अलमारी से कुछ कागजात बरामद किए थे। इनमें 30 जुलाई को भेजी गई 17 पेज की शिकायत, 28 अगस्त 2018 को भेजी गई 179 पेज की शिकायत, एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक भेजी गई 15 पेज की शिकायत और लीगल नोटिस शामिल थे। पुलिस ने इन कागजात को सुसाइड नोट के साथ साक्ष्य के रूप में प्रयोग किया है।
कार्यवाहक प्रिंसिपल गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया है, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
- महेश कुमार, थाना प्रभारी आईएमटी।

आरोपी गजेंद्र। संवाद