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एमडीयू की स्वायत्तता के लिए शिक्षकों व गैर शिक्षकों का धरना शुरू
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एमडीयू के शिक्षकों, गैर शिक्षकों व छात्रों ने विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को लेकर वीरवार को धरना शुरू कर दिया है। यह सांकेतिक धरना कुलपति कार्यालय के बाहर शुरू किया गया है। यहां रोजाना सुबह 9 से 12 बजे तक रोष प्रकट किया जाएगा। इसकी अध्यक्षता गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान रणधीर कटारिया ने की।
धरने में शामिल सभी संघों ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा है कि एमडीयू परिसर में सभी विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करने के आदेश के खिलाफ शिक्षक, गैर-शिक्षक, छात्र संगठनों ने धरने की शुरुआत की है। शिक्षक संघ के प्रधान डॉ. विकास सिवाच ने कहा कि सरकार विश्वविद्यालय में मनमानी चला रही है। यहां ऐसे फैसले लागू किए जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में शिक्षा खत्म हो जाएगी। सरकार स्वायत्तता को बचाने के नाम पर विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को खत्म कर रही है। गैर शिक्षक संघ के प्रधान रणधीर कटारिया ने कहा कि इससे पहले सरकार ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लेकर आई थी। हरियाणा के विश्वविद्यालयों में इसका जोरदार विरोध किया गया था। इसके बाद सरकार ने इसे लागू करने से मना किया था। अब अंदर खाते सरकार उस ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को लागू कर रही है। एसएफआई के राज्य सहसचिव अर्जुन बोहत ने कहा कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020 लागू होने के बाद से सरकार प्रदेश में शिक्षा को खत्म करने का काम कर रही है। सरकार अपने फायदे के लिए विश्वविद्यालय का उपयोग करके शिक्षा का निजीकरण, बाजारीकरण कर रही है। इससे आम आदमी, किसान व मजदूर के बच्चों से शिक्षा दूर हो जाएगी। विवि की कार्यकारी परिषद् से इस तरह के एजेंडे पास नहीं होने दिए जाएंगे। इस मौके पर पूर्व प्रधान सुमेर, पूर्व प्रधान कुलवंत मलिक, पूर्व प्रधान फूल कुमार बोहत, डॉ. आंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम डूमोलिया, आईएसओ अरविंद गोस्वामी, इनसो अध्यक्ष प्रदीप देसवाल, एबीवीपी से सन्नी नारा आदि मौजूद रहे।
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धरने में शामिल सभी संघों ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा है कि एमडीयू परिसर में सभी विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करने के आदेश के खिलाफ शिक्षक, गैर-शिक्षक, छात्र संगठनों ने धरने की शुरुआत की है। शिक्षक संघ के प्रधान डॉ. विकास सिवाच ने कहा कि सरकार विश्वविद्यालय में मनमानी चला रही है। यहां ऐसे फैसले लागू किए जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में शिक्षा खत्म हो जाएगी। सरकार स्वायत्तता को बचाने के नाम पर विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को खत्म कर रही है। गैर शिक्षक संघ के प्रधान रणधीर कटारिया ने कहा कि इससे पहले सरकार ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लेकर आई थी। हरियाणा के विश्वविद्यालयों में इसका जोरदार विरोध किया गया था। इसके बाद सरकार ने इसे लागू करने से मना किया था। अब अंदर खाते सरकार उस ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को लागू कर रही है। एसएफआई के राज्य सहसचिव अर्जुन बोहत ने कहा कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020 लागू होने के बाद से सरकार प्रदेश में शिक्षा को खत्म करने का काम कर रही है। सरकार अपने फायदे के लिए विश्वविद्यालय का उपयोग करके शिक्षा का निजीकरण, बाजारीकरण कर रही है। इससे आम आदमी, किसान व मजदूर के बच्चों से शिक्षा दूर हो जाएगी। विवि की कार्यकारी परिषद् से इस तरह के एजेंडे पास नहीं होने दिए जाएंगे। इस मौके पर पूर्व प्रधान सुमेर, पूर्व प्रधान कुलवंत मलिक, पूर्व प्रधान फूल कुमार बोहत, डॉ. आंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम डूमोलिया, आईएसओ अरविंद गोस्वामी, इनसो अध्यक्ष प्रदीप देसवाल, एबीवीपी से सन्नी नारा आदि मौजूद रहे।
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