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बारिश में रैनकपुरा सरकारी स्कूल की छत गिरी, बाल-बाल बचा मुखिया और स्टाफ

Thu, 29 Oct 2015 02:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Thu, 29 Oct 2015 02:15 AM IST
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flor broen in rohtak scholl
रैनकपुरा स्थित गवर्नमेंट मिडिल स्कूल में बुधवार को बारिश की वजह से एक
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कमरे की छत गिर गई। सवा साल से कंडम घोषित इस कमरे में स्कूल मुखिया का दफ्तर चलाया जा रहा था। स्टाफ हादसे से चंद मिनट पहले ही बरामदे में हाजिरी लगाकर यहां से निकला था। हादसा पहली शिफ्ट के खत्म होने के बाद 12:35 बजे से लेकर दूसरी शिफ्ट शुरू होने से पहले 12:45 बजे के बीच हुआ।

स्कूल मुखिया का कहना है कि कमरे की छत टपकने के कारण चंद मिनट पहले ही रजिस्टर बाहर मंगाकर सभी ने हाजिरी लगाई थी। गनीमत रही कि छत गिरने के समय कमरे में कोई नहीं था। कंप्यूटर, अलमारी और कुर्सी मलबे में दबने के कारण जरूर टूट गए।

जगह कम के चलते दो शिफ्ट में चल रहा स्कूल
रैनकपुरा में चल रहे मिडिल स्कूल का नया भवन बनाया जा रहा है। इसमें ऊपर और नीचे 3-3 कमरे बनाए जा रहे हैं। नीचे के तीन कमरों का काम पूरा हो गया है। इसलिए जगह कम होने की वजह से बाकी के तीन कमरों में दो शिफ्ट में मिडिल स्कूल चलाया जा रहा है।

 पुरानी बिल्डिंग में 3 कमरे और 2 स्टोर रूम है। जिसमें से 2 कमरों का स्कूल प्रबंधन अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए इस्तेमाल कर रहा है। स्कूल में सुबह की शिफ्ट में छठी से आठवीं तक के विद्यार्थी पढ़ते हैं। इसमें करीब 107 विद्यार्थी हैं। वहीं, शाम की शिफ्ट में पहली से पांचवीं कक्षा में लगभग 250 बच्चे पढ़ते हैं।

टल गया बड़ा हादसा
सवा साल पहले मिडिल स्कूल की पुरानी बिल्डिंग को पीडब्ल्यूडी ने कंडम घोषित कर दिया था। जगह कम थी तो पुरानी बिल्डिंग के दो कमरों का प्रयोग किया जा रहा है। जिसमें से एक कमरे में मैं बैठता हूं। बुधवार सुबह बारिश की वजह से छत टपकने लगी और वह गिर गई। हादसे के समय छुट्टी हो गई थी तो कमरे में कोई नहीं था। शुक्र है बड़ा हादसा टल गया।
- देवेंद्र दहिया, मुखिया, राजकीय मिडिल विद्यालय, रैनकपुरा।

हमने स्कूल मुखिया से कहा है कि यह कमरे कंडम घोषित किए गए हैं, इसलिए इनका इस्तेमाल न करें। बच्चों को भी इन कमरों से दूर रखने की हिदायत दी है।
- वीरेंद्र मलिक, बीईओ।
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