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पिता की मौत के अहसास ने अंतरराष्ट्रीय कारोबारी को बनाया बेसहारा बुजुर्गों का सहारा, शहर के 500 बुजुर्ग जुड़े, बटना दबाते ही पहुंच जाएगी एंबुलेंस

Sun, 05 Apr 2020 01:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2020 01:18 AM IST
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five hundred old people connected with online, push a button and ambulance will reach
04सीटीवाई01वीकेपी : सेक्टर एक में खड़ी श्री रामशरण दास भ्याना मेमोरियल ट्रस्ट की एंबूलेंस। - फोटो : RohtakCity
रोहतक। शहर के अंतरराष्ट्रीय कारोबारी को पिता की मौत ने ऐसा झकझोरा कि उसने पूरे शहर के बुजुर्गों का सहारा बनने की ठान ली। एक साल में युवा अपने साथियों के साथ मिलकर आधे शहर को कवर कर चुका है। उनके पास करीब 400 बुजुर्गों का पूरा डाटा है, जो परिजनों से अलग रहते हैं या दूर रहते हैं। इसके लिए सेक्टर 1, सनसिटी व मॉडल टाउन में एंबुलेंस खड़ी रहती है। जो सूचना मिलते ही बुजुर्ग को लेने पहुंच जाती है।
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सेक्टर एक निवासी सुमित भ्याना ने बताया कि उसकी कार्गों बुकिंग कंपनी हैं, जो विदेशों से सामान लाना व भेजने का कार्य करती है। इसका ऑफिस दिल्ली, थाईलैंड, चीन, मलेशिया व इंडोनेशिया में भी है। वह परिवार सहित गुरुग्राम में था, जबकि माता-पिता रोहतक के सेक्टर एक में रह रहे थे। 16 फरवरी 2019 को उसके पिता रामशरण दास भ्याना बाथरूम में गए थे, जहां अचानक हार्ट अटैक आ गया। 30 मिनट तक वे बाथरूम में अचेत पड़े रहे। सुमित की मां ने इंतजार के बाद देखा तो वह घबरा गई और उसे भी फोन करने में 15 से 20 मिनट लग गए। सुमित भी गुरुग्राम से डेढ़ घंटे बाद घर पहुंच सका। जब तक रामशरण दास को अस्पताल ले जाया गया, तब तक देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने कहा, अगर समय पर अस्पताल ले आते तो बचाया जा सकता था। पूरे घटनाक्रम ने सुमित के दिल पर गहरा असर डाला और उसने अपने पिता के नाम पर श्री रामशरण दास भ्याना मेमोरियल ट्रस्ट बनाया। जो उन बुजुर्गों को समय पर उपचार या हेल्प पहुंचाने का काम करता है, जिनका कोई सहारा नहीं है। आज इस ट्रस्ट के 16 सदस्य हैं, जिसमें कंपनी से जुड़े विदेशी युवक भी शामिल हैं।
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लॉकडाउन में हर मरीज को अस्पताल पहुंचाने का लिया फैसला
ट्रस्ट की तरफ से केवल बुजुर्गों को सूचना मिलने पर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जाता है, लेकिन लॉकडाउन के चलते वे मरीज भी अस्पतालों में नहीं जा रहे जो गंभीर बीमारी से परेशान हैं। सुमित भ्याना ने बताया कि जब तक कारोना के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी, तब तक उनका ट्रस्ट हर तरह के मरीज को सूचना मिलने पर अस्पताल लेकर जाएगी। इसमें चाहे बुजुर्ग हो या युवा।
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हर हाथ पर होगी खास घड़ी, बटन दबाते ही पहुंच जाएगी सूचना
सुमित ने बताया कि बैंगलोर के एक इंजीनियर ने एक ऐसी घड़ी तैयारी करवाई है, जिसका बटन दबाते ही पूरी लोकेशन उनके ट्रस्ट की टीम के पास पहुंच जाएगी। इसमें लोकेशन से लेकर माइक्रोफोन से बातचीत तक संभव है। इस तरह की वे 60 घड़ी ट्रस्ट से जुड़े बुजुर्गों में बांट चुके हैं। कोरोना के चलते व्यापारिक गतिविधियां बंद पड़ी हैं। ऐसे में जैसे ही व्यापार खुलेगा विदेश से ऐसी घड़ी मंगवाकर ट्रस्ट के बचे बुजुर्गों को बांधेंगे।

केवल इतनी सूचना लेते हैं बुजुर्ग से
ट्रस्ट से जुड़ने वाले बुजुर्गों से केवल इतनी सूचना ली जाती है, जितनी उपचार करते समय डॉक्टर पूछता है। बीमारी क्या है। पुराना रिकॉर्ड क्या रहा है। आधार व मोबाइल नंबर क्या है। परिवार में कौन-कौन हैं।
यहां-यहां खड़ी होती है एंबुलेंस, इस नंबर करें कॉल
1. सेक्टर-1
कवर एरिया : सेक्टर 1, सेक्टर 2, सेक्टर 3 (पार्ट्स), सेक्टर 14, ओमैक्स सिटी, सेक्टर 28, फ्रेंड्स कालोनी, रामगोपाल कॉलोनी व देव कॉलोनी।
2. सनसिटी
कवर एरिया : सनसिटी का सेक्टर 34, 35 व 36, सेक्टर 3,4,5,6, बसंत विहार, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, जसबीर कॉलोनी, चाणक्यपुरी कॉलोनी व विशाल नगर।
3. मॉडल टाउन
कवर एरिया : मॉडल टाउन, कमल कॉलोनी, सुभाष नगर, तिलक नगर, आदर्श नगर, संजय कॉलोनी व गांधी कैंप लाइन पार पीजीआई की तरफ का एरिया।
हेल्पलाइन नंबर : 01262-275500 (30 लाइन)
मोबाइल नंबर : 7498809821
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