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Rohtak News: फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर 15 लाख ठगने के आरोप में पांच गिरफ्तार
Wed, 18 Sep 2024 01:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 18 Sep 2024 01:20 AM IST
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रोहतक। फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर पीजीआईएमएस क्वार्टर में रहने वाली भावना से 15 लाख ठगने के पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों राजस्थान के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं, जो बीकानेर से ठग गिरोह चला रहे थे। मंगलवार को पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से तीन को चार दिन के रिमांड पर लिया है, जबकि दो को न्यायिक हिरासत के चलते जेल भेजा गया है।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महेश कुमार ने बताया कि भावना ने दी शिकायत में बताया था कि 9 अगस्त को उसके पास कॉल आई। सामने वाली महिला ने कहा, वह हैदराबाद के एसबीआई बैंक से बोल रही है। उसने बैंक की शाखा से क्रेडिट कार्ड ले रखा है। भावना के मना करने पर उसने कहा, उसकी कॉल हैदराबाद पुलिस को ट्रांसफर की जा रही है। एक युवक ने भावना को कहा कि वह हैदराबाद पुलिस से बात कर रहा है, उसे आधार कार्ड दिखाएं। उन्होंने कहा, आपके ऊपर मनी लाड्रिंग व आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का केस है, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। आपको दो-तीन दिन के लिए नजरबंद करना होगा। वे वीडियो कॉल से नजर रखेंगे। उसे फर्जी कागजात भेजे गए। इसके बाद फिर कॉल आई, इस बार कहा, वे सीबीआई अधिकारी हैं। अगर गिरफ्तारी से बचना है तो उनके खाते में रुपये ट्रांसफर करने होंगे। भावना ने डर के मारे दो बार में करीब 15 लाख रुपये भेज दिए। भावना से और पैसों की मांग की गई तो उसने मना कर दिया। आरोपियों ने कहा कि वे उसकी गिरफ्तारी की तिथि बढ़ा देंगे। साथ में सुप्रीम कोर्ट की रिसिप्ट भेजी गई। परेशान होकर भावना ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी। पुलिस ने जांच कर राजस्थान के बीकानेर निवासी मनोज, चेन्नई हाल में बीकानेर में किराये पर रह रहे दिनेश उर्फ विशाल, आरोपी अरविंद नागपुर, राजस्थान, हिमांशु निवासी जिला झुंझनु व दीपक को गिरफ्तार किया है।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महेश कुमार ने बताया कि भावना ने दी शिकायत में बताया था कि 9 अगस्त को उसके पास कॉल आई। सामने वाली महिला ने कहा, वह हैदराबाद के एसबीआई बैंक से बोल रही है। उसने बैंक की शाखा से क्रेडिट कार्ड ले रखा है। भावना के मना करने पर उसने कहा, उसकी कॉल हैदराबाद पुलिस को ट्रांसफर की जा रही है। एक युवक ने भावना को कहा कि वह हैदराबाद पुलिस से बात कर रहा है, उसे आधार कार्ड दिखाएं। उन्होंने कहा, आपके ऊपर मनी लाड्रिंग व आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का केस है, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। आपको दो-तीन दिन के लिए नजरबंद करना होगा। वे वीडियो कॉल से नजर रखेंगे। उसे फर्जी कागजात भेजे गए। इसके बाद फिर कॉल आई, इस बार कहा, वे सीबीआई अधिकारी हैं। अगर गिरफ्तारी से बचना है तो उनके खाते में रुपये ट्रांसफर करने होंगे। भावना ने डर के मारे दो बार में करीब 15 लाख रुपये भेज दिए। भावना से और पैसों की मांग की गई तो उसने मना कर दिया। आरोपियों ने कहा कि वे उसकी गिरफ्तारी की तिथि बढ़ा देंगे। साथ में सुप्रीम कोर्ट की रिसिप्ट भेजी गई। परेशान होकर भावना ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी। पुलिस ने जांच कर राजस्थान के बीकानेर निवासी मनोज, चेन्नई हाल में बीकानेर में किराये पर रह रहे दिनेश उर्फ विशाल, आरोपी अरविंद नागपुर, राजस्थान, हिमांशु निवासी जिला झुंझनु व दीपक को गिरफ्तार किया है।
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