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मेरिट में आए कम नाम, विद्यार्थियों का लंबा होगा इंतजार
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यूजी कक्षाओं में दाखिले के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी दूसरी मेरिट लिस्ट में बहुत कम नाम आए हैं। इससे विद्यार्थियों की समस्या बढ़ जाएगी, उन्हें अब फिजिकल काउंसलिंग का इतंजार करना होगा। इसकी प्रक्रिया 28 सितंबर से शुरू होगी। शुक्रवार को सभी कॉलेजों में विद्यार्थियों ने फीस जमा करवाई और कागजातों का वेरिफिकेशन भी चलता रहा।
निदेशालय ने 22 सितंबर को दूसरी मेरिट लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में पहली लिस्ट की तुलना में काफी कम नाम हैं। अगर किसी कॉलेज में किसी कक्षा के लिए पहली मेरिट में 71 नाम जारी किए गए थे तो दूसरी लिस्ट में सिर्फ 41 विद्यार्थियों को ही लिया गया है। अगर बचे हुए करीब 30 विद्यार्थियों का नाम भी मेरिट में आ जाता तो वे भी फीस जमा करवाकर निश्चिंत हो जाते। लेकिन अब उन्हें भी फिजिकल काउंसलिंग का इंतजार करना पड़ेगा। उसकी भी प्रक्रिया 28 सितंबर से शुरू होगी, 28 को काउंसलिंग नहीं होगी, सिर्फ डॉक्यूमेंटेशन होगा। इस तरह विद्यार्थी लंबे समय तक परेशान रहेंगे। उधर, दूसरी मेरिट लिस्ट के बाद भी विद्यार्थियों की समस्याएं जारी रहीं। ज्यादातर विद्यार्थियों का कहना था कि उनके अंक ज्यादा हैं, इसके बावजूद उनका नाम दूसरी लिस्ट में नहीं आया। बीए में तो सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन की वजह से ऐसा हो संभव हो सकता है। लेकिन बीसीए में ऐसी शिकायतें कॉलेजों की समझ से भी परे हैं। दूसरी लिस्ट के बाद बहुत से विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्हें अपना मनपसंद कॉलेज या सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन नहीं मिला है। ऐसे विद्यार्थी भी हैं, जिन्होंने फॉर्म भी गलत भरा था। कई विद्यार्थी ऐसे आए जिन्होंने एक-दो कॉलेज ही भरे थे, कुछ विद्यार्थियों ने तो सिर्फ पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज ही भरा था। जबकि, विद्यार्थी पांच कॉलेजों की प्राथमिकता दे सकते थे। इसी तरह बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने चुनिंदा या एक-दो सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन भरे, जबकि वे जितने चाहे उतने भर सकते थे। वैश्य कॉलेज की नोडल अधिकारी (एडमिशन) अंजू सिंगला ने बताया कि 28 सितंबर से फिजिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। 28 को पोर्टल खुल जाएगा। उसके बाद विद्यार्थी अपनी सभी गलतियां सुधार सकेंगे। कॉलेजों की प्राथमिकता से लेकर सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन भी भर सकेंगे। जिन्होंने फॉर्म गलत भरे हैं, वे भी सुधार कर सकेंगे।
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निदेशालय ने 22 सितंबर को दूसरी मेरिट लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में पहली लिस्ट की तुलना में काफी कम नाम हैं। अगर किसी कॉलेज में किसी कक्षा के लिए पहली मेरिट में 71 नाम जारी किए गए थे तो दूसरी लिस्ट में सिर्फ 41 विद्यार्थियों को ही लिया गया है। अगर बचे हुए करीब 30 विद्यार्थियों का नाम भी मेरिट में आ जाता तो वे भी फीस जमा करवाकर निश्चिंत हो जाते। लेकिन अब उन्हें भी फिजिकल काउंसलिंग का इंतजार करना पड़ेगा। उसकी भी प्रक्रिया 28 सितंबर से शुरू होगी, 28 को काउंसलिंग नहीं होगी, सिर्फ डॉक्यूमेंटेशन होगा। इस तरह विद्यार्थी लंबे समय तक परेशान रहेंगे। उधर, दूसरी मेरिट लिस्ट के बाद भी विद्यार्थियों की समस्याएं जारी रहीं। ज्यादातर विद्यार्थियों का कहना था कि उनके अंक ज्यादा हैं, इसके बावजूद उनका नाम दूसरी लिस्ट में नहीं आया। बीए में तो सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन की वजह से ऐसा हो संभव हो सकता है। लेकिन बीसीए में ऐसी शिकायतें कॉलेजों की समझ से भी परे हैं। दूसरी लिस्ट के बाद बहुत से विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्हें अपना मनपसंद कॉलेज या सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन नहीं मिला है। ऐसे विद्यार्थी भी हैं, जिन्होंने फॉर्म भी गलत भरा था। कई विद्यार्थी ऐसे आए जिन्होंने एक-दो कॉलेज ही भरे थे, कुछ विद्यार्थियों ने तो सिर्फ पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज ही भरा था। जबकि, विद्यार्थी पांच कॉलेजों की प्राथमिकता दे सकते थे। इसी तरह बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने चुनिंदा या एक-दो सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन भरे, जबकि वे जितने चाहे उतने भर सकते थे। वैश्य कॉलेज की नोडल अधिकारी (एडमिशन) अंजू सिंगला ने बताया कि 28 सितंबर से फिजिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। 28 को पोर्टल खुल जाएगा। उसके बाद विद्यार्थी अपनी सभी गलतियां सुधार सकेंगे। कॉलेजों की प्राथमिकता से लेकर सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन भी भर सकेंगे। जिन्होंने फॉर्म गलत भरे हैं, वे भी सुधार कर सकेंगे।
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