{"_id":"6429c03a1596ff67cb0c09ac","slug":"female-employee-accused-dms-of-harassment-rohtak-news-c-17-1-112061-2023-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: महिला कर्मचारी ने डीएमएस पर प्रताड़ना का लगाया आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: महिला कर्मचारी ने डीएमएस पर प्रताड़ना का लगाया आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) में एक बार फिर डॉक्टर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी में विवाद शुरू हो गया है। इस बार डॉक्टर महिला डिप्टी सुपरिंटेंडेंट (डीएमएस) हैं और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी महिला है। महिला कर्मचारी ने वरिष्ठ चिकित्सक पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दी है।
वहीं महिला चिकित्सक ने शिकायतकर्ता के बेटे के खिलाफ अभद्रता करने व महिला द्वारा बेटे को नौकरी पर लगवाने का दबाव बनाने की शिकायत पहले ही दे रखी है।
चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी ने शिकायत में बताया कि महिला डॉक्टर ने पहले उसे अपशब्द बोले, फिर उसके साथ मारपीट तक की। आरोप है कि डॉक्टर पीजीआईएमएस के कर्मचारियों से निजी काम करवाती है। विवाद की वजह एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का सुपरवाइजर बताया गया है।
आरोप है कि महिला डॉक्टर जानबूझकर स्टाफ को परेशान करती है, उसे धमकी देती है कि वह नौकरी करके दिखाए। इस संबंध में महिला के साथ अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, सुपरवाइजर व ठेकेदार एकजुट हो गए हैं। संस्थान की अनुबंधित कर्मचारी एसोसिएशन भी इस मामले को लेकर पीजीआईएमएस थाना से मिल चुकी है। हालांकि इस मामले को अभी ठंडे बस्ते में डाला गया है। वहीं अन्य कर्मचारियों का आरोप है कि उनके साथ भी डॉक्टर अभद्रता करते हैं और वह भी अपनी शिकायत डॉक्टर के खिलाफ संस्थान को देंगे।
विज्ञापन
सभी आरोप हैं गलत : डीएमएस
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के आरोपों पर संबंधित महिला डीएमएस ने बताया कि महिला एक साल से उनके पास काम कर रही है। अब तक कोई समस्या नहीं आई। जब उसने बेटे को नौकरी पर लगवाने की बात कही तब से गड़बड़ हो रही है। वह उन पर गलत आरोप लगा कर अपनी बात सही करना चाहती हैं। नौकरी लगाना व हटाना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। मुझे जो कार्य दिया गया है, उसे ईमानदारी से कर रही हूं। इस संबंध में मैने चिकित्सा अधीक्षक पीजीआईएमएस व पीजीआईएमएस थाना में पहले ही शिकायत दे रखी है।
विज्ञापन
वहीं महिला चिकित्सक ने शिकायतकर्ता के बेटे के खिलाफ अभद्रता करने व महिला द्वारा बेटे को नौकरी पर लगवाने का दबाव बनाने की शिकायत पहले ही दे रखी है।
चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी ने शिकायत में बताया कि महिला डॉक्टर ने पहले उसे अपशब्द बोले, फिर उसके साथ मारपीट तक की। आरोप है कि डॉक्टर पीजीआईएमएस के कर्मचारियों से निजी काम करवाती है। विवाद की वजह एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का सुपरवाइजर बताया गया है।
विज्ञापन
आरोप है कि महिला डॉक्टर जानबूझकर स्टाफ को परेशान करती है, उसे धमकी देती है कि वह नौकरी करके दिखाए। इस संबंध में महिला के साथ अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, सुपरवाइजर व ठेकेदार एकजुट हो गए हैं। संस्थान की अनुबंधित कर्मचारी एसोसिएशन भी इस मामले को लेकर पीजीआईएमएस थाना से मिल चुकी है। हालांकि इस मामले को अभी ठंडे बस्ते में डाला गया है। वहीं अन्य कर्मचारियों का आरोप है कि उनके साथ भी डॉक्टर अभद्रता करते हैं और वह भी अपनी शिकायत डॉक्टर के खिलाफ संस्थान को देंगे।
विज्ञापन
सभी आरोप हैं गलत : डीएमएस
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के आरोपों पर संबंधित महिला डीएमएस ने बताया कि महिला एक साल से उनके पास काम कर रही है। अब तक कोई समस्या नहीं आई। जब उसने बेटे को नौकरी पर लगवाने की बात कही तब से गड़बड़ हो रही है। वह उन पर गलत आरोप लगा कर अपनी बात सही करना चाहती हैं। नौकरी लगाना व हटाना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। मुझे जो कार्य दिया गया है, उसे ईमानदारी से कर रही हूं। इस संबंध में मैने चिकित्सा अधीक्षक पीजीआईएमएस व पीजीआईएमएस थाना में पहले ही शिकायत दे रखी है।