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एग्रीकल्चर वाहनों पर निशुल्क फास्टैग लगाने की बनाई जा रही योजना
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रोहतक। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टोल प्लाजा पर यातायात को सुगम बनाने और टोल टैक्स की वसूली को आसान बनाने के लिए फास्टैग सिस्टम लागू कर दिया है। इस दौरान टोल पर सिर्फ एक कैश लाइन होगी। वहीं अगर गलती से भी बिना टैग वाले वाहनों को फास्टैग लाइन में ले जाया गया तो उसे दोगुना टैक्स अदा करना होगा। टोल पर ट्रैक्टर - ट्रालियों व एग्रीकल्चर वाहनों का कोई टैक्स नहीं होता है। अब टोल पर कैश लाइन और निशुल्क वाहनों की एक ही लाइन हो गई है। इस कारण निशुल्क व बिना टैग व्यावसायिक वाहनों को इसी लाइन से गुजरना पड़ रहा है। इस बारे में मकड़ौली टोल प्लाजा के सीजीएम कर्नल शेखावत ने बताया कि एग्रीकल्चर वाहनों का कैश लाइन में बर्बाद हो रहे समय और इंधन को देखते हुए अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एग्रीकल्चर वाहनों पर भी निशुल्क फास्टैग लगाने की परियोजना पर काम कर रहा है।
एनएचएआई ऐसी परियोजना बनाने की और कदम उठा रहा है, जिससे टोल पर किसी वाहन चालक को ब्रेक न लगाने पड़े। कैश लाइन में एग्रीकल्चर वाहन भी लाइन में लगे रहते हैं, जिस कारण उनका समय और्र इंधन दोनों बर्बाद होते हैं। किसी का समय और इंधन बर्बाद न हो इसलिए देश भर में एग्रीकल्चर वाहनों पर भी ऐसे निशुल्क फास्टैग लगाने पर विचार किया जा रहा है, जिसे स्कैन करके बूम अपने आप खुल जाएगा और कोई पैसा भी नहीं कटेगा। सीजीएम ने कहा कि कैश लाइन को भी धीरे - धीरे करके बंद किया जाएगा। इसकी अभी कोई अंतिम तारीख नहीं है। लेकिर्न इंधन की बर्बादी, प्रदूषण और समय की बर्बादी को देखते हुए डिजिटल इंडिया की तरफ कदम बढ़ाया जा रहा है।
एग्रीकल्चर वाहनों पर फास्टैग का फायदा
अगर एग्रीकल्चर वाहनों पर निशुल्क फास्टैग लगते हैं तो वो बिना विलंब के टोल से निकल सकेंगे। क्रॉप सीजन मेें यह ज्यादा कारगर सिद्ध होगा। निशुल्क फास्टैग को स्कैन कर अपने आप बूम उठ जाएगा, जिससे वाहन को वहां को दो तीन सेकेंड से ज्यादा नहीं खड़ा होना पड़ेगा। जिससे सबसे बढ़ी समस्या प्रदूषण से निजात मिलेगी। दूसर्रा इंधन एक गैर प्राकृतिक इंधन बचेगा और वाहन चालक का समय भी बचेगा।
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दोगुना टोल देकर निकल रहे लोग
टोल प्लाजा पर फास्टैग लाइन में बिना टैग की गाड़ियों से दोगुना जुर्माना वसूलने का नियम लागू होने के बाद से ही जिन वाहन चालकों को जल्दी है, वो दोगुना टोल देकर गुजर रहे हैं, तीन दिनों में 300 के करीब वाहन चालक दोगुना टोल देकर क्रास कर चुके हैं। वहीं जिन्हें जल्दी नहीं थी वो एग्रीकल्चर वाहनों के बीच में फंसकर चार से पांच मिनट का समय वेस्ट करके कैश लाइन से ही निकल रहे हैं। टोल पर ट्रैक्टर ट्रालियों व एग्रीकल्चर वाहनों का कोई टैक्स नहीं होता है। अब टोल पर कैश लाइन और निशुल्क वाहनों की एक ही लाइन हो गई है। जिस कारण एक की लाइन पर निशुल्क व बिना टैग व्यावसायिक वाहनों को गुजरना पड़ रहा है।
मकड़ौली टोल पर 1500 के करीब लोगों ने मंगलवार को बनवाए टैग
मकड़ौली टोल पर मंगलवार को 1500 के करीब लोगों ने फास्टैग बनवाए। सीजीएम कर्नल शेखावत ने कहा कि हरियाणा में अन्य राज्यों की अपेक्षा फास्टैग बनवाने के लिए लोगों का काफी रुझान देखने को मिल रहा है। मकड़ौली टोल रोहतक के सबसे नजदीक है तो माना जा सकता है कि मंगलवार को रोहतक के 1300 के करीब लोगों ने फास्टैग के लिए अप्लाई किया। रोहतक एवं आसपास के क्षेत्रों में 70 प्रतिशत से अधिक वाहन चालक फास्टैग लगवा चुके हैं।
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एनएचएआई ऐसी परियोजना बनाने की और कदम उठा रहा है, जिससे टोल पर किसी वाहन चालक को ब्रेक न लगाने पड़े। कैश लाइन में एग्रीकल्चर वाहन भी लाइन में लगे रहते हैं, जिस कारण उनका समय और्र इंधन दोनों बर्बाद होते हैं। किसी का समय और इंधन बर्बाद न हो इसलिए देश भर में एग्रीकल्चर वाहनों पर भी ऐसे निशुल्क फास्टैग लगाने पर विचार किया जा रहा है, जिसे स्कैन करके बूम अपने आप खुल जाएगा और कोई पैसा भी नहीं कटेगा। सीजीएम ने कहा कि कैश लाइन को भी धीरे - धीरे करके बंद किया जाएगा। इसकी अभी कोई अंतिम तारीख नहीं है। लेकिर्न इंधन की बर्बादी, प्रदूषण और समय की बर्बादी को देखते हुए डिजिटल इंडिया की तरफ कदम बढ़ाया जा रहा है।
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एग्रीकल्चर वाहनों पर फास्टैग का फायदा
अगर एग्रीकल्चर वाहनों पर निशुल्क फास्टैग लगते हैं तो वो बिना विलंब के टोल से निकल सकेंगे। क्रॉप सीजन मेें यह ज्यादा कारगर सिद्ध होगा। निशुल्क फास्टैग को स्कैन कर अपने आप बूम उठ जाएगा, जिससे वाहन को वहां को दो तीन सेकेंड से ज्यादा नहीं खड़ा होना पड़ेगा। जिससे सबसे बढ़ी समस्या प्रदूषण से निजात मिलेगी। दूसर्रा इंधन एक गैर प्राकृतिक इंधन बचेगा और वाहन चालक का समय भी बचेगा।
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दोगुना टोल देकर निकल रहे लोग
टोल प्लाजा पर फास्टैग लाइन में बिना टैग की गाड़ियों से दोगुना जुर्माना वसूलने का नियम लागू होने के बाद से ही जिन वाहन चालकों को जल्दी है, वो दोगुना टोल देकर गुजर रहे हैं, तीन दिनों में 300 के करीब वाहन चालक दोगुना टोल देकर क्रास कर चुके हैं। वहीं जिन्हें जल्दी नहीं थी वो एग्रीकल्चर वाहनों के बीच में फंसकर चार से पांच मिनट का समय वेस्ट करके कैश लाइन से ही निकल रहे हैं। टोल पर ट्रैक्टर ट्रालियों व एग्रीकल्चर वाहनों का कोई टैक्स नहीं होता है। अब टोल पर कैश लाइन और निशुल्क वाहनों की एक ही लाइन हो गई है। जिस कारण एक की लाइन पर निशुल्क व बिना टैग व्यावसायिक वाहनों को गुजरना पड़ रहा है।
मकड़ौली टोल पर 1500 के करीब लोगों ने मंगलवार को बनवाए टैग
मकड़ौली टोल पर मंगलवार को 1500 के करीब लोगों ने फास्टैग बनवाए। सीजीएम कर्नल शेखावत ने कहा कि हरियाणा में अन्य राज्यों की अपेक्षा फास्टैग बनवाने के लिए लोगों का काफी रुझान देखने को मिल रहा है। मकड़ौली टोल रोहतक के सबसे नजदीक है तो माना जा सकता है कि मंगलवार को रोहतक के 1300 के करीब लोगों ने फास्टैग के लिए अप्लाई किया। रोहतक एवं आसपास के क्षेत्रों में 70 प्रतिशत से अधिक वाहन चालक फास्टैग लगवा चुके हैं।