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Rohtak News: किसान का बेटा प्रसन्नजीत ऑस्ट्रेलिया में बना लेफ्टिनेंट
Sat, 17 May 2025 12:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 17 May 2025 12:05 AM IST
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16जेएनडी28-प्रसन्नजीत मलिक को शपथ के बाद ज्वाइनिंग पत्र सौंपते हुए ऑस्ट्रेलियन सेनाधिकारी। स्रो
सफीदों। क्षेत्र के गांव कुरड़ के किसान दिलावर सिंह का बेटा प्रसन्नजीत मलिक आस्ट्रेलिया सेना में लेफ्टिनेंट बना है। इस उपलब्धि पर गांव ही नहीं पूरे सफीदों क्षेत्र में खुशी की लहर है।
दिलावर सिंह के निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ। 12 मई को ही प्रसन्नजीत मलिक ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में लेफ्टिनेंट पद की शपथ ग्रहण की है और अब उसकी एक साल तक ट्रेनिंग चलेगी।
पिता दिलावर सिंह मलिक ने बताया कि उसका बेटा शुरू से ही सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहता था। उसने भारतीय सेना में शामिल होने के लिए टेस्ट दिए, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया। उसने भारत में बीटेक की पढ़ाई की।
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करीब दस साल पहले वह एमबीए की पढ़ाई करने के लिए आस्ट्रेलिया चला गया। वहां पर जाने के बाद भी उसका सेना में जाने का जज्बा कम नहीं हुआ और उसने पढ़ाई करते-करते वहां की सेना की परीक्षाओं में हाथ आजमाया। उसने सेना में जाने के लिए वहां पर करीब दस महीने तक तैयारी की। उसके बाद उसने चार इंटरव्यू, एक रिटन पेपर, एक मेडिकल और एक फिजीकल टेस्ट दिया। सब परीक्षाओं में उर्तीण होने के बाद उसका ऑस्ट्रेलिया की सेना में बतौर लेफ्टिनेंट चयनित हो गया।
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दिलावर सिंह के निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ। 12 मई को ही प्रसन्नजीत मलिक ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में लेफ्टिनेंट पद की शपथ ग्रहण की है और अब उसकी एक साल तक ट्रेनिंग चलेगी।
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पिता दिलावर सिंह मलिक ने बताया कि उसका बेटा शुरू से ही सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहता था। उसने भारतीय सेना में शामिल होने के लिए टेस्ट दिए, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया। उसने भारत में बीटेक की पढ़ाई की।
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करीब दस साल पहले वह एमबीए की पढ़ाई करने के लिए आस्ट्रेलिया चला गया। वहां पर जाने के बाद भी उसका सेना में जाने का जज्बा कम नहीं हुआ और उसने पढ़ाई करते-करते वहां की सेना की परीक्षाओं में हाथ आजमाया। उसने सेना में जाने के लिए वहां पर करीब दस महीने तक तैयारी की। उसके बाद उसने चार इंटरव्यू, एक रिटन पेपर, एक मेडिकल और एक फिजीकल टेस्ट दिया। सब परीक्षाओं में उर्तीण होने के बाद उसका ऑस्ट्रेलिया की सेना में बतौर लेफ्टिनेंट चयनित हो गया।