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आंदोलन से लौटने वाले किसानों का खरावड़ में दूध, जलेबी व गाजर के हलवे से होगा स्वागत

Sun, 06 Dec 2020 01:29 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 06 Dec 2020 01:29 AM IST
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Farmers returning from the movement will be welcomed with milk, jalebi and carrot halwa in Kharawad
Farmers returning from the movement will be welcomed with milk, jalebi and carrot halwa in Kharawad - फोटो : RohtakCity
गर्मागर्म दूध। रसीली जलेबी और गाजर का हलवा। है न यम्मी। दिल्ली में किसान आंदोलन की समाप्ति पर इन लजीज व्यंजनों से पंजाब व राजस्थान के किसानों की मेहमाननवाजी होगी। खरावड़ पहुंचने पर ग्राम पंचायत की ओर से लगाए गए शिविर में हरियाणवी अंदाज में मेहमानों का स्वागत किया जाएगा।
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सरकार व किसान आमने-सामने हैं। दिल्ली तीन सीमाओं पर तनाव बरकरार है। यहां एक ओर हजारों की संख्या में संख्या में पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के किसान हैं तो दूसरी ओर दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ व पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भारी संख्या में तैनात हैं। सरकार व किसानों के बीच चल रही इस लड़ाई में जीत पर हर शख्स की नजर है। इससे इतर खरावड़ में ग्रामीण पंजाब व राजस्थान से दिल्ली जाने वाले आंदोलनकारियों की सेवा में दिन-रात जुटे हैं। यहां इन किसानों के लिए दो शिविर लगे हैं। इनमें हर दिन सैकड़ों किसानों को खाना खिलाया जा रहा है। यहां कभी हलवा तो कभी मटर पनीर बन रहा है। यही नहीं अब ग्रामीणों ने आंदोलन की समाप्ति के संबंध में भी तैयारी कर ली है। वह भी हरियाणवी अंदाज में।
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कार्यक्रम की सफलता के लिए बनाईं तीन टीमें
किसान आंदोलन की समाप्ति पर शिविर की व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए ग्रामीणों ने पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तीन टीमें गठित की हैं। इनमें से एक हलवाई के साथ है। यह खाना बनाने व उससे जुड़े काम देख रही है। दूसरी टीम खाना खिलाने व दूसरी व्यवस्था बनाने और तीसरी टीम शिविर के लिए जरूरी सामान की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी संभाल रही है। इन्हीं टीमों को आंदोलन की समाप्ति पर दूध, गाजर व अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था कर शिविर चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाबा टहलनाथ गोशाला के पास लगने शिविर की जिम्मेदारी संभाल रहे खरावड़ के राजेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों से आंदोलन समाप्ति पर बातचीत हुई है। वहीं खरावड़ चाकी के पास लगे शिविर पर ग्रामीणों ने शनिवार को बैठक की। लीलू प्रधान ने बताया कि यहां मुख्यत्यार सिंह दरोगा, प्रकाश, चंदराम, पूर्व सरपंच उमेद सिंह व अन्य ग्रामीणों ने दिल्ली से लौटने वाले किसानों का मुंह मीठा कराने का फैसला लिया।
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