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Rohtak News: कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर किसान

Thu, 18 Sep 2025 12:02 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 18 Sep 2025 12:02 AM IST
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Farmers forced to sell their crops at low prices
फोटो: 10अनाज मंडी में लगा बाजरा का ढेर। संवाद
रेवाड़ी। शहर की नई अनाज मंडी में रोज करीब 2 हजार क्विंटल बाजरे की आवक हो रही है। मंडी में जगह-जगह बाजरे की ढेरियां और कट्टे लगे हुए हैं। यहां पर साथ लगते राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले से भी बाजरा आता है। अभी मंडी में सिर्फ व्यापारियों के द्वारा ही बाजरा खरीद किया जा रहा है।
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इस समय प्राइवेट में भाव 1600 से लेकर 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक है जबकि सरकारी समर्थन मूल्य 2775 रुपये रखा गया है। हालांकि अभी एमएसपी पर खरीद न होने से जिले के किसानों को नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। किसान संगठनों ने जिला प्रशासन के माध्यम से सीएम के नाम ज्ञापन भी दिया जिसमें जल्द एमएसपी पर खरीद शुरू करने की मांग की है।
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इस बार जून से अब तक भारी बारिश की वजह से बाजरे की क्वालिटी भी बिगड़ गई है। चमक फीकी पड़ने के साथ ही रंग भी मटमैला दिखाई देता है। नमी भी ज्यादा है, जिस वजह से किसानों को मंडी की फड़ों पर बाजरे की उपज को सुखाना भी पड़ रहा है। दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिले में बाजरे का रकबा करीब 2 लाख हेक्टेयर है।
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एमएसपी पर खरीद अभी स्पष्ट नहीं

सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू हो सकती है। अभी खरीद को लेकर स्थानीय अधिकारियों को कोई निर्देश नहीं मिले हैं कि कब से शुरू होगी। यह भी स्पष्ट नहीं कि एमएसपी पर खरीद होगी या फिर भावांतर मिलेगा। इस बार सरकार ने सरकारी समर्थन मूल्य 2775 रुपए प्रति क्विंटल रखा है। यह पिछले वर्ष से 150 रुपये अधिक है लेकिन फिलहाल किसानों को व्यापारियों को ही बाजरे की बिक्री करनी पड़ रही है।
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