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Rohtak News: किसानों का आरोप-800 रुपये तक कम दाम पर खरीद रहे धान

Thu, 30 Oct 2025 02:26 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 30 Oct 2025 02:26 AM IST
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Farmers allege that they are buying paddy at a price as low as Rs 800.
06...नई अनाज मंडी में पड़ा धान। संवाद।
संवाद न्यूज एजेंसी
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रोहतक। सीएम फ्लाइंग और खुफिया टीम के छापे के बाद धान खरीद में चल रहे घोटाले के खुलासे को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को इसको लेकर किसानों ने खुलकर अपनी पीड़ा व्यक्त की और घोटाला करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। किसानों का आरोप है कि उन्हें मजबूरन सरकारी रेट से 800 रुपये कम दाम तक धान बेचना पड़ रहा है।
किसानों ने बताया कि मंडी में उनकी धान को जानबूझकर बदरंग या नमी वाला बताकर खारिज कर दिया जाता है। इसके बाद कई दिन तक किसान मंडी के चक्कर काटता है और आखिर में घाटे में अपनी फसल बेचने को मजबूर हो जाता है। इतना ही नहीं, जब तक आढ़ती या मिलर को पूरा पैसा नहीं मिलता, तब तक धान के बैगों का उठान तक नहीं होता। इसको लेकर हरियाणा वेयरहाउस रोहतक के डीएम से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया। उनको व्हाट्सएप पर भी मैसेज भेजा लेकिन कोई जवाब नहीं आाया।
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सरकारी खरीद का रेट 2389 रुपये प्रति क्विंटल है लेकिन किसानों से धोखाधड़ी कर 1500 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल तक धान खरीदा जा रहा है। बीच का पैसा पहले ही किसान से ले लिया जाता है। रिकॉर्ड में भुगतान सरकारी रेट पर दिखाया जाता है ताकि दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी न दिखाई दे।
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सरकार और आढ़ती मिलकर किसानों को लूट रहे हैं। कई-कई हफ्तों तक धान के बैग मंडी में पड़े रहते हैं, जब तक खरीदार को उसका हिस्सा नहीं मिलता, उठान नहीं होता। - सोनू, रिटौली

सरकारी रेट से 800 रुपये कम दाम में बेचने को मजबूर किया जाता है, वरना धान को नमी या रंग के बहाने खारिज कर दिया जाता है। ऐसे में किसानों को मजबूरन सस्ते दाम पर धान बेचना पड़ता है। - देवेंद्र, बालंद

आढ़ती खुले तौर पर कम रेट की बात करते हैं और अधिकारी भी इसमें शामिल हैं। सरकार को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। किसानों को 800 रुपये प्रति क्विंटल का घाटा उठाना पड़ रहा है। - बलराज, बालंद

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मौसम ने बढ़ाई किसानों की चिंता

सांपला। तीन दिन से बिगड़े मौसम को लेकर किसान चिंतित हैं। बारिश होने पर सरसों व धान की फसल में नुकसान होगा। वहीं, किसान अपनी अगली फसल गेहूं की तैयारी में लगे हुए हैं। सरसों की 80 प्रतिशत बिजाई पूरी हो चुका है। धान की कटाई भी जोरों पर है। नवंबर में गेहूं की बिजाई शुरू होगी। तीन दिन से बादल छाए हुए हैं। किसान चिंतित हैं कि कहीं बारिश न हो जाए। किसान राजवीर, हवा सिंह, रोहतास का कहना है कि अब बारिश हुई तो हाल में की गई सरसों की बिजाई में नुकसान हो सकता है। धान की फसल भी प्रभावित होगी। जिन किसानों ने गेहूं के लिए खेत खाली किए हुए हैं, उन्हें खेत को दोबारा तैयार करना होगा। कृषि विभाग का कहना कि किसान 1 से 20 नवंबर तक गेहूं की अगेती बिजाई कर सकते हैं। संवाद

06...नई अनाज मंडी में पड़ा धान। संवाद।

06...नई अनाज मंडी में पड़ा धान। संवाद।

06...नई अनाज मंडी में पड़ा धान। संवाद।

06...नई अनाज मंडी में पड़ा धान। संवाद।

06...नई अनाज मंडी में पड़ा धान। संवाद।

06...नई अनाज मंडी में पड़ा धान। संवाद।

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