फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   eyesight of three innocent people got spoiled due to Fireworks in Rohtak

Rohtak: आतिशबाजी ने छीनी 3 मासूमों की नेत्र ज्योति, त्योहार की रात ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए पहुंचे 170 मरी

Wed, 26 Oct 2022 04:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह विकास सैनी, अमर उजाला ब्यूराे, रोहतक (हरियाणा)
विकास सैनी, अमर उजाला ब्यूराे, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 26 Oct 2022 04:01 AM IST
सार

ट्रामा में 25 ओपीडी में 10 केस आंखों में पटाखा लगने के आए। पटाखा चलने से किसी का हाथ जला किसी का पैर। दिवाली पर सड़क हादसे में मारपीट के मामले भी ट्रामा सेंटर पहुंचे।

विज्ञापन
eyesight of three innocent people got spoiled due to Fireworks in Rohtak
आंखों की जांच करते डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंकल, मुंह के सामने पटाखा फूट गया। तेज धमाका हुआ था। इसके बाद से दर्द हो रहा है। बायीं आंख से कुछ नजर नहीं आ रहा है। यह कहना है रोहतक की सात वर्षीय बच्ची का। कक्षा पहली की यह छात्रा दीपोत्सव पर मां लक्ष्मी की पूजा के बाद अपने दो भाइयों के साथ आतिशबाजी देख रही थी। इस दौरान हुए हादसे ने इसकी एक आंख की रोशनी छीन ली।

विज्ञापन


पिता सुबह पीजीआई के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में बच्ची को लेकर पहुंचे तो जांच में आंख का कॉर्निया क्षतिग्रस्त पाया। लेंस भी हिला हुआ मिला। अब ऑपरेशन से आंख बचाने की जद्दोजहद चल रही है। ऐसा इसी बच्ची के साथ नहीं हुआ है। दिवाली की रात चरखी दादरी, पानीपत समेत अनेक जगहों से केस सामने आए हैं। 
विज्ञापन


दरअसल, दिवाली की रात आतिशबाजी का शौक और पटाखे चलाने में बरती गई लापरवाही हादसों का कारण बनी। पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर के पंजीकरण काउंटर के आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां रात 170 मरीज पहुंचे। इनमें सड़क हादसे, लड़ाई झगड़े, पटाखे व खाना बनाते समय आग लगने के केस शामिल हैं। जहां तक आंखों की सुरक्षा का सवाल है, पीजीआई में पटाखों से चेहरा जलने व आंखों में चोट लगने के करीब 50 मामले आए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनमें से 25 मामले अकेले आंखों में चोटों के हैं। जबकि दस केस मंगलवार सुबह ओपीडी में आए। नेत्र विभाग में सोमवार रात नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक करीब 15 घंटे में 25 केस पटाखों से आंखों में चोट लगने के मामले पहुंचे हैं। इनमें से तीन की एक आंख की रोशनी चली गई है।

इन्हें लगी गंभीर चोट के कारण किसी की आंख का पर्दा, किसी का कॉर्निया या लेंस क्षतिग्रस्त हो गया है। आंखों की रोशनी खोने वाले तीन मरीजों के अलावा करीब 10 गंभीर केस व शेष सामान्य चोट व जलन की शिकायत वाले मरीज आए। गंभीर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इनमें चेहरा जलना, पुतली सरकना, आंख में खून इकट्ठा होना शामिल है। जबकि सामान्य चोट वाले मरीजों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया। 

केस 1
रोहतक की सात साल की बच्ची दिवाली की रात पटाखे चलाते समय घायल हो गई। एक पटाखा उसके चेहरे के सामने फट गया। पटाखा फटने से उत्पन्न हुए तेज दबाव ने सीधे आंख पर वार किया। इस दबाव से बच्ची की आंख का कॉर्निया क्षतिग्रस्त हो गया। चेहरा भी जल गया। चेहरे पर जलने के गहरे निशान बन गए। ऑपरेशन कर बच्ची की आंख का कॉर्निया बचाने की कोशिश की जाएगी। 

केस 2 
चरखी दादरी के11 साल के किशोर की त्योहार पर हो रही आतिशबाजी ने आंख की रोशनी छीन ली। पास में फटा पटाखा सीधे आंख में जा लगा। इससे उसकी आंख का रेटिना क्षतिग्रस्त हो गया। कॉर्निया को नुकसान पहुंचा है। इस कारण फिलहाल मरीज को एक आंख से कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। आंख में चोट के कारण खून उतर आया है। इस कारण यह लाल हो गई है। ऑपरेशन से आंख बचाने की कोशिश की जाएगी। 

 
दिवाली की रात आतिशबाजी में आंख की चोट के मरीज आए हैं। इनमें से तीन-चार मरीजों की आंख की रोशनी चली गई है। जबकि दस के करीब गंभीर हैं। इन्हें आंख में गंभीर चोटें लगने से पर्दा फटने, लेंस या कॉर्निया क्षतिग्रस्त होने की शिकायत है। शेष सामान्य चोटों के मामले रहे। इन्हें इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। शेष का इलाज जारी है। - डॉ. जितेंद्र फौगाट, नेत्र विभाग, पीजीआई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed