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Rohtak News: एक्सपायरी डेट नाटक में मृत्यु को उत्सव के रूप में दिखाया
Tue, 08 Apr 2025 02:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 08 Apr 2025 02:02 AM IST
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07सीटीके14 नाटक कलाकारों को सम्मानित करते सप्तक कल्चरल सोसाइटी के पदाधिकारी। स्रोत : आयोजक
रोहतक। किशनपुरा स्थित एक स्टूडियो में सप्तक कल्चरल सोसाइटी की ओर से ‘घर फूंक’ थिएटर सीरीज में मंचित नाटक ‘एक्सपायरी डेट’ का मंचन किया गया। नाटक में जीवन और मृत्यु पर तीखे सवाल उठाए।
अनमोल रंग साहित्य और कला संस्कृति ट्रस्ट की ओर से प्रस्तुत इस नाटक ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। लेखक चैतन्य सरदेशपांडे के इस नाटक में कल्पनात्मक दुनिया को प्रस्तुत किया गया। जहां मृत्यु को शोक नहीं, बल्कि उत्सव के रूप में देखा जाता है। इसी दुनिया में लोगों को अपनी 'एक्सपायरी डेट' जानने की सुविधा दी जाती है। नाटक में फराह अनवर, पूजा, नवदीप, दिव्य, शोएब, अंकित राज, आशीष, अंकुर, गौरव व आध्या ने अभिनय व संगीत संयोजन पंकज ध्यानी ने किया।
अनुवाद, रूपांतरण और डिजाइन नील ने किया। वहीं, रूप सज्जा अनिल शर्मा, मंच सज्जा अंकुर जैन और प्रोडक्शन का संचालन विजय कुमार राजवंशी ने किया। निर्देशक पंकज ध्यानी ने कहा कि हम अक्सर मृत्यु से डरते हैं, लेकिन यदि हमें अपने जीवन की अंतिम तारीख पहले से पता हो, तो शायद हम और अधिक ईमानदारी से जीने लगें। हरियाणवी और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित निर्देशक सुखबीर गिल, जाने-माने थियेटर प्रोमोटर विश्वदीपक त्रिखा, डॉ. आनंद शर्मा, सुभाष नगाड़ा, डॉ. कृष्ण लाल, विष्णु मित्र सैनी, शीतल पहल, पंकज शर्मा, सप्तक के अध्यक्ष अविनाश सैनी, शक्ति सरोवर त्रिखा, अनिल शर्मा, डॉ अमन वशिष्ठ, यतिन वधवा, जगदीप जुगनू, कर्नल सिंह, समीर शर्मा, ललित खन्ना, मनीष खरे, विक्रमादित्य, अंकुर, गर्व कोचर सहित अनेक नाट्य प्रेमी शामिल थे। मंच संचालन अविनाश सैनी ने किया।
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अनमोल रंग साहित्य और कला संस्कृति ट्रस्ट की ओर से प्रस्तुत इस नाटक ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। लेखक चैतन्य सरदेशपांडे के इस नाटक में कल्पनात्मक दुनिया को प्रस्तुत किया गया। जहां मृत्यु को शोक नहीं, बल्कि उत्सव के रूप में देखा जाता है। इसी दुनिया में लोगों को अपनी 'एक्सपायरी डेट' जानने की सुविधा दी जाती है। नाटक में फराह अनवर, पूजा, नवदीप, दिव्य, शोएब, अंकित राज, आशीष, अंकुर, गौरव व आध्या ने अभिनय व संगीत संयोजन पंकज ध्यानी ने किया।
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अनुवाद, रूपांतरण और डिजाइन नील ने किया। वहीं, रूप सज्जा अनिल शर्मा, मंच सज्जा अंकुर जैन और प्रोडक्शन का संचालन विजय कुमार राजवंशी ने किया। निर्देशक पंकज ध्यानी ने कहा कि हम अक्सर मृत्यु से डरते हैं, लेकिन यदि हमें अपने जीवन की अंतिम तारीख पहले से पता हो, तो शायद हम और अधिक ईमानदारी से जीने लगें। हरियाणवी और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित निर्देशक सुखबीर गिल, जाने-माने थियेटर प्रोमोटर विश्वदीपक त्रिखा, डॉ. आनंद शर्मा, सुभाष नगाड़ा, डॉ. कृष्ण लाल, विष्णु मित्र सैनी, शीतल पहल, पंकज शर्मा, सप्तक के अध्यक्ष अविनाश सैनी, शक्ति सरोवर त्रिखा, अनिल शर्मा, डॉ अमन वशिष्ठ, यतिन वधवा, जगदीप जुगनू, कर्नल सिंह, समीर शर्मा, ललित खन्ना, मनीष खरे, विक्रमादित्य, अंकुर, गर्व कोचर सहित अनेक नाट्य प्रेमी शामिल थे। मंच संचालन अविनाश सैनी ने किया।

07सीटीके14 नाटक कलाकारों को सम्मानित करते सप्तक कल्चरल सोसाइटी के पदाधिकारी। स्रोत : आयोजक
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