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अनूठी मिसाल: कोरोना से पिता का हुआ निधन, बेटियों की शादी में गांव वालों ने दिया चार लाख का शगुन

Sun, 23 May 2021 10:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Sun, 23 May 2021 10:40 AM IST
सार

गांव देवता होता है यह कहावत हरियाणा में चरितार्थ हो गई। रोहतक के एक गांव में एक साल पहले कोरोना की वजह से अपने पिता को खोने वाली दो बहनों को शादी में ग्रामीणों ने ऐसा उपहार दिया, जिसे वे हमेशा याद रखेंगी। कोरोना काल में जहां अपने साथ छोड़ रहे हैं तो वहीं ग्रामीणों की यह एकजुटता हम सबके लिए एक पाठ है।  

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Villagers given four lakh rupees of shagun in marriage of two sisters who lost their father due to covid-19
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के रोहतक जिले में भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली है। यहां के ककराना गांव में एक साल पहले एक सामाजिक कार्यकर्ता का कोरोना से निधन हो गया था। 21 मई को उसकी दो बेटियों की शादी में पूरे गांव ने चार लाख रुपये का शगुन दिया। खास बात यह रही कि इसमें गांव की माटी में पैदा हुए और बाहर नौकरी व कारोबार कर रहे युवाओं का भी अहम योगदान रहा। छत्तीसगढ़ में डीसी, मुंबई से बॉलीवुड कलाकार, दिल्ली से सुप्रीम कोर्ट के वकील व फैक्टरी मालिक तक ने ऑनलाइन शगुन राशि भेजी।

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ककराना गांव के शिक्षक रामबीर ने सामाजिक कार्यों के लिए गांव की एक टीम बना रखी थी। इस टीम में हेयर ड्रेसर का काम करने वाला ठंडीराम भी जुड़े थे। मास्टर रामबीर ने बताया कि पिछले साल कोरोना से ठंडीराम की पीजीआईएमएस में मौत हो गई थी। ठंडीराम उसकी टीम का सदस्य था। उसी समय तय कर लिया था, ठंडीराम के परिवार को किसी तरह की तकलीफ नहीं होने देंगे। 
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ठंडीराम की दो बेटियां और दो बेटे हैं। बड़ी बेटी मेघा ने स्नातक की पढ़ाई कर ली है, जबकि उससे छोटी वर्षा अभी बीए कर रही है। दोनों पढ़ने में अव्वल रही हैं। मेघा ने तो 12वीं की परीक्षा में गांव के अंदर पहला स्थान हासिल किया था। एक माह पहले ठंडीराम का भाई उनके पास आया और बताया कि मेघा व वर्षा का रिश्ता तय कर दिया है। दोनों की 21 मई को शादी होनी है।

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डीसी, कलाकार व वकील ने भेजी शगुन राशि

मास्टर रामबीर ने ककराना धाम के नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है। ग्रुप से गांव के नौकरीपेशा, कारोबारी व कलाकार तक जुड़े हैं। गांव निवासी रणबीर शर्मा आईएएस हैं और फिलहाल छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के डीसी हैं, जबकि शिवशंकर मुंबई में फिल्म कलाकार हैं। गांव के शशिकांत सुप्रीम कोर्ट में वकील और राजकुमार फैक्टरी मालिक हैं।

गांव के 20 युवक शिक्षक व 15 पुलिस विभाग में नौकरी करते हैं। सभी ने आशीर्वाद स्वरूप कन्यादान राशि भेजी। मास्टर रामबीर ने एक पेट्रोल पंप मालिक से संपर्क किया और उसके खाते में राशि ट्रांसफर कर नकदी ले ली। करीब चार लाख की राशि कन्यादान के तौर आई।

चौपाल व हुक्के को छोड़ सोशल मीडिया से जुड़ रहा गांव
जिले में गांवों के अंदर पिछले साल कोरोना का पहला केस ककराना गांव में आया था, जबकि दिल्ली में कैंसर का उपचार करवाने गए एक बुजुर्ग कोरोना से संक्रमित हो गए थे। 700 घरों के गांव में पहले चौपाल पर या हुक्के पर ग्रामीण एकत्रित होते थे लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए अब सोशल मीडिया को प्लेटफार्म बना लिया है। इसकी अगुवाई गांव के शिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता रामबीर कर रहे हैं। उन्होंने ककराना के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है। कोरोना के प्रति गांव को सतर्क करना हो या गांव में किसी की भैंस गुम हो जाए तो वे ग्रुप में सूचना डालते हैं।

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