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Rohtak News: सड़क में दफन कर दिए गुणवत्ता के सबूत
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विजेंद्र कौशिक
रोहतक। वाह रे नगर निगम! अशोक चौक से झज्जर चुंगी तक सवा करोड़ रुपये रुपये से बनाई जाने वाली सड़क के सैंपल नहीं भरे जा सके। ठेकेदार अधिकारियों पर भारी पड़ा। बिना सैंपल लिए सड़क दोबारा बना दी। अब सवाल पूछने पर जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं आपको सड़क चाहिए। ठेकेदार को पेमेंट थोड़ा की है, जबकि सैंपल भरने के आदेश देने वाले आयुक्त जितेंद्र दहिया का तबादला हो चुका है, जबकि सड़क का निरीक्षण करने वाले मेयर मनमोहन गोयल के कार्यकाल को मंगलवार को आखिरी दिन है।
शहर के अशोका चौक से झज्जर चुंगी तक नगर निगम की ओर से सवा करोड़ रुपये की लागत से सड़क बनाई जा रही है। दो माह पहले ठेकेदार ने सड़क बना दी, लेकिन सड़क की रोड़ी उखड़कर एक सप्ताह में ही दुकानों के बाहर एकत्रित हो गई। शिकायत मेयर मनमोहन गोयल तक पहुंची। मेयर ने मौके का मुआयना किया। निगम आयुक्त से सैंपल करवाकर कार्रवाई के लिए कहा। आयुक्त ने इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारियों को सैंपल भरवाने के आदेश दिए। अधिकारी जल्द सैंपल भरने का दावा करते रहे, जबकि ठेकेदार ने सड़क बना भी दी।
कार्यकारी अभियंता कह रहे, आम आदमी को सड़क चाहिए
निगम के कार्यकारी अभियंता मनदीप धनखड़ से सड़क की सैंपलिंग को लेकर दो माह में चार बार सवाल पूछा गया। मेयर के निरीक्षण के तत्काल बाद धनखड़ बोले, ठेकेदार से खुद सैंपलिंग करवाएंगे। 15 दिन बाद बोले, वार्ड के एमसी राधेश्याम ढल बनारस चले गए थे, इसलिए सैंपल नहीं हो सके। तीसरी बार पूछा तो बोले, दो दिन मैं चंडीगढ़ चला गया। चौथी बार बोले, विकसित भारत संकल्प यात्रा में व्यस्त हूं। अब पांचवीं बार सवाल किया तो बोले, आम आदमी को सड़क चाहिए, सैंपल भरवा लेंगे। जब बताया गया कि ठेकेदार ने दोबारा सड़क बना दी, अब सैंपल कैसे लिए जाएंगे। कार्यकारी अभियंता जवाब नहीं दे सके।
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मेयर का झलका दर्द
टूटी सड़क का मैंने निरीक्षण किया था। निगम आयुक्त जितेंद्र दहिया से सैंपल भरने के आदेश भी करवा लिए थे। अब तक सैंपल नहीं भरे गए। अगर मेरे पास अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की पावर होती तो उसी दिन सैंपल तो दूर, कार्रवाई तक हो जाती।
- मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम।
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रोहतक। वाह रे नगर निगम! अशोक चौक से झज्जर चुंगी तक सवा करोड़ रुपये रुपये से बनाई जाने वाली सड़क के सैंपल नहीं भरे जा सके। ठेकेदार अधिकारियों पर भारी पड़ा। बिना सैंपल लिए सड़क दोबारा बना दी। अब सवाल पूछने पर जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं आपको सड़क चाहिए। ठेकेदार को पेमेंट थोड़ा की है, जबकि सैंपल भरने के आदेश देने वाले आयुक्त जितेंद्र दहिया का तबादला हो चुका है, जबकि सड़क का निरीक्षण करने वाले मेयर मनमोहन गोयल के कार्यकाल को मंगलवार को आखिरी दिन है।
शहर के अशोका चौक से झज्जर चुंगी तक नगर निगम की ओर से सवा करोड़ रुपये की लागत से सड़क बनाई जा रही है। दो माह पहले ठेकेदार ने सड़क बना दी, लेकिन सड़क की रोड़ी उखड़कर एक सप्ताह में ही दुकानों के बाहर एकत्रित हो गई। शिकायत मेयर मनमोहन गोयल तक पहुंची। मेयर ने मौके का मुआयना किया। निगम आयुक्त से सैंपल करवाकर कार्रवाई के लिए कहा। आयुक्त ने इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारियों को सैंपल भरवाने के आदेश दिए। अधिकारी जल्द सैंपल भरने का दावा करते रहे, जबकि ठेकेदार ने सड़क बना भी दी।
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कार्यकारी अभियंता कह रहे, आम आदमी को सड़क चाहिए
निगम के कार्यकारी अभियंता मनदीप धनखड़ से सड़क की सैंपलिंग को लेकर दो माह में चार बार सवाल पूछा गया। मेयर के निरीक्षण के तत्काल बाद धनखड़ बोले, ठेकेदार से खुद सैंपलिंग करवाएंगे। 15 दिन बाद बोले, वार्ड के एमसी राधेश्याम ढल बनारस चले गए थे, इसलिए सैंपल नहीं हो सके। तीसरी बार पूछा तो बोले, दो दिन मैं चंडीगढ़ चला गया। चौथी बार बोले, विकसित भारत संकल्प यात्रा में व्यस्त हूं। अब पांचवीं बार सवाल किया तो बोले, आम आदमी को सड़क चाहिए, सैंपल भरवा लेंगे। जब बताया गया कि ठेकेदार ने दोबारा सड़क बना दी, अब सैंपल कैसे लिए जाएंगे। कार्यकारी अभियंता जवाब नहीं दे सके।
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मेयर का झलका दर्द
टूटी सड़क का मैंने निरीक्षण किया था। निगम आयुक्त जितेंद्र दहिया से सैंपल भरने के आदेश भी करवा लिए थे। अब तक सैंपल नहीं भरे गए। अगर मेरे पास अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की पावर होती तो उसी दिन सैंपल तो दूर, कार्रवाई तक हो जाती।
- मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम।