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एमडी ने कसे पेंच ः 10 घंटे में 1000 बिजली कनेक्शन काटे
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 19 Nov 2015 02:08 AM IST
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डिफाल्टरों पर कार्रवाई और बिजली चोरी रोकने में नाकाम अधिकारी अब जाग गए हैं। यूएचबीवीएन के एमडी ने दो दिन पहले मीटिंग में अधिकारियों को फटकार लगाई तो 10 घंटे में ही जिले में 1000 डिफाल्टरों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। निगम अधिकारियों ने खिंचाई होने के बाद में एक रात में अभियान चलाया और रसूखदार डिफाल्टरों तक को नहीं बख्शा गया।
हालांकि गांव में टीम को विरोध भी सहना पड़ा। अफसरों का दावा है कि यह अभियान अब लगातार चलता रहेगा और डिफाल्टरों के अलावा बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ भी केस दर्ज कराया जाएगा।
यूएचबीवीएन के एमडी नितिन यादव ने रोहतक में डिफाल्टरों की लंबी लिस्ट और बिजली चोरी में दूसरे नंबर पर होने के कारण दो दिन पहले ही निगम अधिकारियों की मीटिंग ली थी। उस मीटिंग में एमडी ने अधिकारियों के पेंच कसे थे और डिफाल्टरों पर कार्रवाई करने के अलावा बिजली चोरी पूरी तरह से रोकने के आदेश दिए थे।
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एमडी की मीटिंग का असर तुरंत ही दिखना शुरू हो गया है और अपने कार्यालयों में आराम से बैठने वाले कार्यकारी अभियंता भी बाहर निकल गए। निगम अधिकारियों ने कई टीमें बनाकर मंगलवार की रात में बिजली चोरी पकड़ने व डिफाल्टरों के कनेक्शन काटने का अभियान चलाया।
इस अभियान के तहत केवल 10 घंटे में 1000 डिफाल्टरों के कनेक्शन काटे गए तो बिजली चोरी करने वालों की लिस्ट तैयार की गई। बिजली निगम के एसई ज्ञानचंद ने बताया कि इस अभियान के तहत ऐसे रसूखदारों के कनेक्शन भी काटे गए हैं, जो बिजली बिल जमा नहीं कर रहे थे।
पहले बिल जमा करेंगे डिफाल्टर, फिर तीन गुणा सिक्योरिटी देंगे
बिजली निगम के डिफाल्टर उपभोक्ताओं के लिए बड़ी समस्या खड़ी होने वाली है। कनेक्शन काटे जाने के बाद भी अगर वे बिल जमा नहीं कराते है तो उन पर केस दर्ज कराया जाएगा। फिर भी बिल जमा नहीं होता है तो आरसी जारी कराई जाएगी। इस तरह उनसे बिजली का बकाया बिल जमा कराया जाएगा। अगर उनको घर में दोबारा बिजली चाहिए तो उन्हें तीन गुणा सिक्योरिटी जमा करनी होगी।
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हालांकि गांव में टीम को विरोध भी सहना पड़ा। अफसरों का दावा है कि यह अभियान अब लगातार चलता रहेगा और डिफाल्टरों के अलावा बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ भी केस दर्ज कराया जाएगा।
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यूएचबीवीएन के एमडी नितिन यादव ने रोहतक में डिफाल्टरों की लंबी लिस्ट और बिजली चोरी में दूसरे नंबर पर होने के कारण दो दिन पहले ही निगम अधिकारियों की मीटिंग ली थी। उस मीटिंग में एमडी ने अधिकारियों के पेंच कसे थे और डिफाल्टरों पर कार्रवाई करने के अलावा बिजली चोरी पूरी तरह से रोकने के आदेश दिए थे।
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एमडी की मीटिंग का असर तुरंत ही दिखना शुरू हो गया है और अपने कार्यालयों में आराम से बैठने वाले कार्यकारी अभियंता भी बाहर निकल गए। निगम अधिकारियों ने कई टीमें बनाकर मंगलवार की रात में बिजली चोरी पकड़ने व डिफाल्टरों के कनेक्शन काटने का अभियान चलाया।
इस अभियान के तहत केवल 10 घंटे में 1000 डिफाल्टरों के कनेक्शन काटे गए तो बिजली चोरी करने वालों की लिस्ट तैयार की गई। बिजली निगम के एसई ज्ञानचंद ने बताया कि इस अभियान के तहत ऐसे रसूखदारों के कनेक्शन भी काटे गए हैं, जो बिजली बिल जमा नहीं कर रहे थे।
पहले बिल जमा करेंगे डिफाल्टर, फिर तीन गुणा सिक्योरिटी देंगे
बिजली निगम के डिफाल्टर उपभोक्ताओं के लिए बड़ी समस्या खड़ी होने वाली है। कनेक्शन काटे जाने के बाद भी अगर वे बिल जमा नहीं कराते है तो उन पर केस दर्ज कराया जाएगा। फिर भी बिल जमा नहीं होता है तो आरसी जारी कराई जाएगी। इस तरह उनसे बिजली का बकाया बिल जमा कराया जाएगा। अगर उनको घर में दोबारा बिजली चाहिए तो उन्हें तीन गुणा सिक्योरिटी जमा करनी होगी।