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Rohtak News: डेंगू के आठ नए केस आए, जिले में 94 हुई डेंगू मरीजों की संख्या
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रोहतक। टाइगर मॉस्किटो का हमला तेज होने लगा है। जिले में शुक्रवार को आठ नए केसों की पहचान के साथ डेंगू मरीजों की संख्या 94 पहुंच गई है। लार्वा भी बड़ी संख्या में मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को दिन भर में 62 जगह लार्वा मिला। इन जगहों से संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर दिया गया है।
उमस भरे मौसम में बरसाती पानी बीमारी देने लगा है। खेतों में जमा बारिश के पानी को टाइगर ने अपना घर बना लिया है। यह दबे पांव लोगों को अपना शिकार बना रहा है। जिले में शुक्रवार को डेंगू के आठ केसों की पुष्टि हुई है। इनमें से चार शहर व चार ग्रामीण इलाके से हैं। शहर में कृष्णा कॉलोनी, काठमंडी, सुखपुरा चौक व सुनारिया चौक का एक-एक व ग्रामीण क्षेत्र से बलंब, खिडवाली, सिंहपुरा कलां व काहनौर में एक-एक केस मिला है। पिछले तीन दिन में डेंगू के 33 केस मिल चुके हैं। इस माह केसों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंताजनक है। डेंगू केस इसी तरह बढ़ते गए तो अस्पतालों के हालात और बिगड़ना तय है। फिलहाल सिविल अस्पताल व पीजीआई की ओपीडी ही नहीं आपात विभाग भी बुखार के मरीजों से फुल है। डेंगू केस बढ़े तो मरीजों को अस्पताल में बेड मिलना मुश्किल हो जाएगा।
मलेरिया के तीन केस होना राहत भरा
बारिश के बाद पनप रहे मच्छर जनित रोगों में केवल डेंगू का डंग तीखा हो रहा है। मलेरिया फैलाने वाला मादा एनाफ्लीज अभी शांत है। यही वजह है कि अब तक जिले में तीन मलेरिया केस मिल हैं। चिकिनगुनिया या अन्य तरह केस जिले में नहीं हैं। ऐसे में डेंगू की विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। जिले में अब तक मिले डेंगू के 94 में से 48 मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से हैं।
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चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग मच्छर जनित रोगों को लेकर अलर्ट है। इसीलिए लोगों को जागरूक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर व गांवों में लार्वा विरोधी गतिविधि चलाने के साथ लोगों को मच्छर जनति रोगों के फैलने के कारण व बचाव की जानकारी भी दे रही है। शुक्रवार को जल स्त्रोतों की जांच में विभाग की टीमों को 62 जगह मच्छर का लार्वा मिला। इसके चलते संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही 72 घंटे में दोबारा लार्वा मिलने पर चालान की चेतावनी भी दी जा रही है।
मॉनसून सीजन में बारिश अच्छी हुई है। इस कारण खेत खलिहानों में जलभराव की स्थिति बनने से मच्छरों के पनपने के अनुकूल माहौल बना हुआ है। इस स्थिति में लोगों को सतर्क रहते हुए साफ सफाई पर ध्यान देने के साथ अपने आसपास जमा पानी निकासी पर जोर देना होगा। जमा पानी पर काला तेल डालकर भी मच्छरों को पनपने से काफी हद तक रोका जा सकता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। विभाग लोेगों को जागरूक बनाने का प्रयास कर रहा है। जनता भी विभाग का सहयोग करते हुए लार्वा पनपने से रोकने का प्रयास करे।
डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।
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उमस भरे मौसम में बरसाती पानी बीमारी देने लगा है। खेतों में जमा बारिश के पानी को टाइगर ने अपना घर बना लिया है। यह दबे पांव लोगों को अपना शिकार बना रहा है। जिले में शुक्रवार को डेंगू के आठ केसों की पुष्टि हुई है। इनमें से चार शहर व चार ग्रामीण इलाके से हैं। शहर में कृष्णा कॉलोनी, काठमंडी, सुखपुरा चौक व सुनारिया चौक का एक-एक व ग्रामीण क्षेत्र से बलंब, खिडवाली, सिंहपुरा कलां व काहनौर में एक-एक केस मिला है। पिछले तीन दिन में डेंगू के 33 केस मिल चुके हैं। इस माह केसों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंताजनक है। डेंगू केस इसी तरह बढ़ते गए तो अस्पतालों के हालात और बिगड़ना तय है। फिलहाल सिविल अस्पताल व पीजीआई की ओपीडी ही नहीं आपात विभाग भी बुखार के मरीजों से फुल है। डेंगू केस बढ़े तो मरीजों को अस्पताल में बेड मिलना मुश्किल हो जाएगा।
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मलेरिया के तीन केस होना राहत भरा
बारिश के बाद पनप रहे मच्छर जनित रोगों में केवल डेंगू का डंग तीखा हो रहा है। मलेरिया फैलाने वाला मादा एनाफ्लीज अभी शांत है। यही वजह है कि अब तक जिले में तीन मलेरिया केस मिल हैं। चिकिनगुनिया या अन्य तरह केस जिले में नहीं हैं। ऐसे में डेंगू की विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। जिले में अब तक मिले डेंगू के 94 में से 48 मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से हैं।
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चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग मच्छर जनित रोगों को लेकर अलर्ट है। इसीलिए लोगों को जागरूक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर व गांवों में लार्वा विरोधी गतिविधि चलाने के साथ लोगों को मच्छर जनति रोगों के फैलने के कारण व बचाव की जानकारी भी दे रही है। शुक्रवार को जल स्त्रोतों की जांच में विभाग की टीमों को 62 जगह मच्छर का लार्वा मिला। इसके चलते संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही 72 घंटे में दोबारा लार्वा मिलने पर चालान की चेतावनी भी दी जा रही है।
मॉनसून सीजन में बारिश अच्छी हुई है। इस कारण खेत खलिहानों में जलभराव की स्थिति बनने से मच्छरों के पनपने के अनुकूल माहौल बना हुआ है। इस स्थिति में लोगों को सतर्क रहते हुए साफ सफाई पर ध्यान देने के साथ अपने आसपास जमा पानी निकासी पर जोर देना होगा। जमा पानी पर काला तेल डालकर भी मच्छरों को पनपने से काफी हद तक रोका जा सकता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। विभाग लोेगों को जागरूक बनाने का प्रयास कर रहा है। जनता भी विभाग का सहयोग करते हुए लार्वा पनपने से रोकने का प्रयास करे।
डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।