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Rohtak News: गर्मी का असर...फंगल इंफेक्शन के आने लगे मरीज
Sat, 21 Jun 2025 01:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 21 Jun 2025 01:47 AM IST
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रोहतक। नागरिक अस्पताल के त्वचा रोग की ओपीडी में फंगल इंफेक्शन खुजली, लाल चकत्ते, दाने और जलन की समस्या के मरीज पहुंच रहे हैं। रोजाना 30 से अधिक मरीज ऐसी बीमारियों का इलाज कराने के लिए यहां आ रहे हैं।
चर्म रोग विशेषज्ञ डाॅ. दिनेश मालिक ने बताया कि त्वचा के बढ़ते मामले मौसम में बदलाव और बढ़ती गर्मी के कारण हो रहे हैं। इसके अलावा पीएमएलई और फोटो डर्मेटाइटिस (सूर्य की तेज रोशनी से होने वाला रोग) के भी मरीज आ रहे हैं। धूप के कारण पसीना और इसके सूखने के बाद शरीर की नियमित सफाई न करने से भी त्वचा में ऐसी समस्याएं होती हैं।
उन्होंने बताया कि गर्मी में त्वचा डिहाइड्रेट हो जाती है। इससे जलन और सूखापन होता है। लापरवाही से बीमारी लंबे समय तक रह सकती है। आमतौर पर एक से दो हफ्ते में सुधार हो जाता है, लेकिन साफ-सफाई और परहेज जरूरी है।
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केस-1
रामकुमार निवासी दुर्गा कॉलोनी के शरीर पर दाने हुए थे। धीरे-धीरे दानों को खुजाने से उनके हाथों में जलन होने लगी। जिससे उनको शरीर पर रैशेज की समस्या हो गई।
केस-2
गांधी कैप निवासी महेश ने बताया कि उसके शरीर पर लाल निशान होने लगे थे। लाल निशान होने पर उसने पास की एक दुकान दवा ले ली। इसके बाद शरीर पर धीरे-धीरे फंगल इंफेक्शन होना शुरू हो गया।
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चर्म रोग विशेषज्ञ डाॅ. दिनेश मालिक ने बताया कि त्वचा के बढ़ते मामले मौसम में बदलाव और बढ़ती गर्मी के कारण हो रहे हैं। इसके अलावा पीएमएलई और फोटो डर्मेटाइटिस (सूर्य की तेज रोशनी से होने वाला रोग) के भी मरीज आ रहे हैं। धूप के कारण पसीना और इसके सूखने के बाद शरीर की नियमित सफाई न करने से भी त्वचा में ऐसी समस्याएं होती हैं।
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उन्होंने बताया कि गर्मी में त्वचा डिहाइड्रेट हो जाती है। इससे जलन और सूखापन होता है। लापरवाही से बीमारी लंबे समय तक रह सकती है। आमतौर पर एक से दो हफ्ते में सुधार हो जाता है, लेकिन साफ-सफाई और परहेज जरूरी है।
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केस-1
रामकुमार निवासी दुर्गा कॉलोनी के शरीर पर दाने हुए थे। धीरे-धीरे दानों को खुजाने से उनके हाथों में जलन होने लगी। जिससे उनको शरीर पर रैशेज की समस्या हो गई।
केस-2
गांधी कैप निवासी महेश ने बताया कि उसके शरीर पर लाल निशान होने लगे थे। लाल निशान होने पर उसने पास की एक दुकान दवा ले ली। इसके बाद शरीर पर धीरे-धीरे फंगल इंफेक्शन होना शुरू हो गया।