{"_id":"6629bc0f244b8497ba050c66","slug":"effect-of-change-in-weatherthe-problem-of-irritation-and-watering-of-eyes-increased-rohtak-news-c-17-roh1020-408857-2024-04-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: मौसम में बदलाव का असर...आंखों में जलन और पानी आने की समस्या बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: मौसम में बदलाव का असर...आंखों में जलन और पानी आने की समस्या बढ़ी
विज्ञापन
रोहतक। मौसम में बदलाव के कारण नेत्र संक्रमण के मरीज नागरिक अस्पताल पहुंचने लगे हैं। हल्की खुजली के बाद आंखें लाल हो रही हैं। तापमान में कभी गिरावट तो और कभी धूप के कारण यह समस्या हो रही है। इस संक्रमण सबसे ज्यादा शिकार बच्चे हो रहे हैं, जिनकी उम्र 6 से 10 वर्ष के बीच है। आमतौर यह समस्या बारिश के मौसम में शुरू होती है लेकिन इसकी शुरुआत अप्रैल में ही हो गई है। आंख आने की समस्या लेकर बुधवार को 6 मरीज पहुंचे। इनकी परेशानी आंखों में सूजन, जलन, पानी आने की समस्या रही।
नेत्र जांच के लिए नागरिक अस्पताल की ओपीडी में लंबी कतार लग रही है। कुछ मरीज कतार में तो कुछ बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। बुधवार को नेत्र रोग की ओपीडी करीब 247 मरीज पहुंचे। इसमें ज्यादातर मरीज 40 से 60 वर्ष के रहे। इसमें करीब दो प्रतिशत मरीज मोतियाबिंद के रहे। वहीं पीजीआईएमएस की ओपीडी में भी नेत्र जांच कराने के लिए मरीज पहुंचे और बैठकर अपनी बारी का इंतजार किया।
-- -- इन कारणों से हो सकता है आंखों का संक्रमण
-बारिश के पानी में भीगने से।
- वायु प्रदूषण।
-पालतू जानवरों कें ज्यादा संपर्क में रहने से।
-सफाई का ध्यान न रखना।
-बार-बार आंखों को छूना।
-- -आंख के संक्रमण के यह हैं लक्षण
- आंखें लाल होना।
-आंखों से पानी आना।
-आंखों में खुजली होना।
-आंखों से चिपचिपा पीला द्रव निकलना।
-पलकों में सूजन।
-आंख में दर्द होना।
कंजक्टिवाइटिस (आंख आना) यह एक आंख से दूसरी आंख में भी फैल सकता है। यह पालतू जानवर के ज्यादा संपर्क में रहने और हाथ साफ किए बगैर आंखों को छूने से, खांसी या छींक के संपर्क में आने से यह संक्रमण हो सकता है। आंख आने के बाद चिकित्सक को तुरंत दिखाएं। खुजली होने पर आंखों को मलने से बचें। साफ और ठंडे पानी से धोएं।
विज्ञापन
-डॉ. दीपक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
विज्ञापन
नेत्र जांच के लिए नागरिक अस्पताल की ओपीडी में लंबी कतार लग रही है। कुछ मरीज कतार में तो कुछ बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। बुधवार को नेत्र रोग की ओपीडी करीब 247 मरीज पहुंचे। इसमें ज्यादातर मरीज 40 से 60 वर्ष के रहे। इसमें करीब दो प्रतिशत मरीज मोतियाबिंद के रहे। वहीं पीजीआईएमएस की ओपीडी में भी नेत्र जांच कराने के लिए मरीज पहुंचे और बैठकर अपनी बारी का इंतजार किया।
विज्ञापन
-बारिश के पानी में भीगने से।
- वायु प्रदूषण।
-पालतू जानवरों कें ज्यादा संपर्क में रहने से।
-सफाई का ध्यान न रखना।
-बार-बार आंखों को छूना।
- आंखें लाल होना।
-आंखों से पानी आना।
-आंखों में खुजली होना।
-आंखों से चिपचिपा पीला द्रव निकलना।
-पलकों में सूजन।
-आंख में दर्द होना।
कंजक्टिवाइटिस (आंख आना) यह एक आंख से दूसरी आंख में भी फैल सकता है। यह पालतू जानवर के ज्यादा संपर्क में रहने और हाथ साफ किए बगैर आंखों को छूने से, खांसी या छींक के संपर्क में आने से यह संक्रमण हो सकता है। आंख आने के बाद चिकित्सक को तुरंत दिखाएं। खुजली होने पर आंखों को मलने से बचें। साफ और ठंडे पानी से धोएं।
विज्ञापन
-डॉ. दीपक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल