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Rohtak News: ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर फाइलों में बंद...कैथल-रोहतक दौड़ लगा रहे युवा

Fri, 20 Feb 2026 12:10 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 12:10 AM IST
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Driving training centers are locked in files, young people are racing between Kaithal and Rohtak
19जेएनडी26-पेगां गांव के पास ट्रेनिंग स्कूल सेंटर खोलने के लिए निकाली गई चारदीवारी। संवाद - फोटो : यूजीसी के नए नियमों के समर्थन में निकला पैदल मार्च।
जींद। जिले में स्कूल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर पांच वर्षों से अधर में है। पेगां गांव में जमीन अधिग्रहित किए जाने के बावजूद ट्रेनिंग सेंटर शुरू नहीं हो पाया। मोटर्स कंपनी
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की ओर से दिलचस्पी नहीं लेने के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। युवाओं को प्रशिक्षण के लिए कैथल-रोहतक जाना पड़ता है। आरटीए भी परिवहन विभाग को कई बार पत्र लिख चुका है।
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परिवहन विभाग की योजना के तहत जिले के पेगां गांव में करीब 12 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी। उद्देश्य था कि यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस ड्राइविंग व वाहन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाए ताकि युवाओं को हल्के और भारी वाहन चलाने की ट्रेनिंग दी जाए।
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ट्रैफिक नियमों की जानकारी और लाइसेंस से संबंधित प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण युवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा सके। कंपनी की ओर से ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण कार्य शुरू न किए जाने के कारण यह योजना फाइलों में ही सीमित रह गई है।
भूमि अधिग्रहित कर आवश्यक औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई थी। इसके बाद चहारदीवारी का कार्य किया गया लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।
जिला क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की ओर से कई बार परिवहन विभाग को पत्र लिखे जा चुके हैं लेकिन मोटर्स कंपनी इसको लेकर दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। ऐसे में जिले के युवाओं को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण लेने के लिए कैथल और रोहतक जाना पड़ रहा है। इससे उन्हें अतिरिक्त समय और खर्च का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए यह और भी कठिन हो जाता है क्योंकि उन्हें परिवहन सुविधा की कमी के कारण कई बार प्रशिक्षण छोड़ना पड़ता है। सेंटर शुरू न होने का सबसे अधिक असर उन युवाओं पर पड़ रहा है जो ड्राइविंग को रोजगार के रूप में अपनाना चाहते हैं।
शहरवासी सुरेश, जगजीत, रोशनलाल, दीपक, प्रवीण का कहना है कि पेगां गांव में ट्रेनिंग सेंटर शुरू हो जाए तो न केवल युवाओं को सुविधा मिलेगी बल्कि आसपास के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सेंटर के निर्माण और संचालन से कई लोगों को काम मिल सकता है। इसके अलावा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी जिससे दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

वर्जन
यदि जिले में ही ट्रेनिंग सेंटर शुरू हो जाए तो काफी राहत मिलेगी। इसके लिए कैथल और रोहतक की तरफ रूख करना पड़ता है। युवाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। -सोमबीर, कैथल रोड, जींद

यदि कंपनी रुचि नहीं ले रही है तो विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए किसी अन्य एजेंसी के माध्यम से कार्य शुरू कराना चाहिए। इससे युवाओं को फायदा होगा और एक जगह की सभी सुविधाएं मुहैया हो जाएंगी।-कृष्ण कुमार, अपोलो रोड, जींद

पेगां गांव में स्कूल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने के लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है।बैठकों में भी यह मामला रखा गया है। सेंटर के लिए 12 एकड़ जमीन अधिग्रहण कर चहारदीवारी का कार्य किया गया है।

-गिरीश कुमार, जिला परिवहन अधिकारी, जींद

19जेएनडी26-पेगां गांव के पास ट्रेनिंग स्कूल सेंटर खोलने के लिए निकाली गई चारदीवारी। संवाद

19जेएनडी26-पेगां गांव के पास ट्रेनिंग स्कूल सेंटर खोलने के लिए निकाली गई चारदीवारी। संवाद- फोटो : यूजीसी के नए नियमों के समर्थन में निकला पैदल मार्च।

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