फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   driver himself stopping train for firends

भाईचारे में चालक रोक रहे ट्रेन, बता रहे चेन पुलिंग

Mon, 08 Feb 2016 01:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Mon, 08 Feb 2016 01:48 AM IST
विज्ञापन
driver himself stopping train for firends

हर मिनट की देरी का जवाब मांगने वाला रेलवे अपने ही चालकों के भाईचारे से परेशान है। चालक दल अपने चहेतों को छूट चुकी गाड़ी में बैठाने के लिए स्पेशल हार्न बजाकर गाड़ी रोक देते हैं और कारण कारण इमरजेंसी चेन पुलिंग में दर्ज करा देते हैं। चालक जनरल बोगी में चेन पुलिंग होने का संदेश देते हैं, जिससे आरपीएफ आरोपी को खोजती ही रह जाए।

विज्ञापन

आरपीएफ के मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश मुख्य स्टेशनों पर प्रतिदिन के औसतन चार से पांच चेन पुलिंग के मामले अज्ञात पर ही दर्ज होते हैं। जरनल बोगी में यात्रियों की संख्या अधिक होती है, इसलिए पहचान भी नहीं हो पाती और नतीजा कोई हिरासत में नहीं लिया जाता है। जबकि कहने के लिए रेलवे अपने चालक और गार्ड से रेल गाड़ी की हर मिनट की रिपोर्ट लेता है। 

विज्ञापन

गाड़ी किस फाटक पर रुकी, किस बत्ती पर ठहरी, सिग्नल कहां खराब था, चेन कहां खींची गई, स्टेशन से क्यों देरी से रिलीव किया गया आदि कई जानकारी गार्ड को अपने मुख्यालय देनी होती हैं। लेकिन भाईचारा निभाने के लिए इसका भी तोड़ निकाल लिया गया है, वह है गाड़ी रोको और इमरजेंसी चेन पुलिंग के तहत कार्रवाई कर दो। 

विज्ञापन
विज्ञापन

ये हैं नियम

यदि कोई ट्रेन सिग्नल मिलने के बाद भी रोकी गई है तो कारण देना होता है। जब ट्रेेन की चेन पुलिंग होती है तो चालक आरपीएफ को सूचना देने के लिए स्पेशल हार्न बजाता है, जिससे वे आरोपियों को हिरासत में ले लें। यदि चालक आरक्षित कोच की रिपोर्ट करते हैं तो आरपीएफ उसमें बैठने वाले यात्रियों तक आसानी से पहुंच सकती है। साथी के लिए ट्रेन रोकने की दशा में चालक जरनल कोच की रिपोर्ट करते हैं, ताकि चेन पुलिंग करने वाले तक आरपीएफ पहुंच ही न सके। 


10 से 15 लीटर डीजल और कीमती समय होता है बर्बाद

डीजल रेल इंजन एक्सपर्ट की मानें तो एक बार गाड़ी छूटने के बाद यदि गाड़ी रोकी जाती है तो कम से कम दस से पंद्रह लीटर डीजल खराब जाता है। इसके साथ ही कम से कम पांच मिनट गाड़ी और देरी से चलती है। लंबे रूट के यात्रियों के लिए यह मुसीबत भरा होता है। 


पल्ला झाड़ते अधिकारी

ट्रेन में चेन पुलिंग के बारे में कोई भी अधिकारी स्पष्ट बोलने को तैयार नहीं होता। जबकि सूत्रों की मानें तो यह रुटीन हो गया है। आरपीएफ भी सब कुछ जानते हुए अज्ञात पर मामला दर्ज कर इतिश्री कर लेता है।


जरनल बोगी में चेन खींचने वाले को तलाशना मुश्किल

हम चालक और गार्ड की रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात पर चेन पुलिंग का मामले दर्ज कर लेते हैं। हमारे जवान गाड़ी में होते हैं, स्पेशल अलार्म बजते ही वे अलर्ट हो जाते हैं। जब शिकायत जरनल बोगी की होती है तो उनको तलाशना मुश्किल हो जाता है। इस तरह के कई मामले फाइलों में दर्ज हैं।

- एसपी सिंह, प्रभारी, जीआरपी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed