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उधार न देना पड़े, इसलिए रचा था पांच लाख की लूट का ड्रामा

Sun, 17 Apr 2022 11:15 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 17 Apr 2022 11:15 PM IST
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Don't have to lend, so the drama of looting five lakhs was created
उधार न देना पड़े, इसलिए रचा था पांच लाख की लूट का ड्रामा
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रोहतक। खिड़वाली गांव के पास आभूषण साफ करने वाले कारीगर से पांच लाख की लूट नहीं हुई थी, बल्कि उसने उधारी देने से बचने के लिए लूट का ड्रामा रचा था। रविवार को पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच्चाई उगल दी। अब पुलिस आरोपी के खिलाफ सोमवार को अदालत में झूठी सूचना देने पर आईपीसी की धारा 182 के तहत केस दर्ज कराएगी।
डीएसपी विनोद कुमार ने बताया कि शुक्रवार रात को पश्चिम बंगाल निवासी निमई कोले ने शिकायत दी कि वह अमृत कॉलोनी में परिवार सहित रहता है। साथ ही रोहतक के आभूषण व्यापारियों के लिए काम करता है। वह गोहाना संजय नाम के युवक से पांच लाख रुपये लेने गया था। जब पैसे लेकर लौट रहा था तो दो बाइक सवार युवकों ने उसका पीछा किया। वह खिड़वाली गांव के पास ड्रेन नंबर आठ के पास पहुंचा, जहां युवक चाकू मारकर उसका थैला छीनकर ले गए। सदर थाने में दो अज्ञात नकाबपोश युवकों के खिलाफ लूट का केस दर्ज किया गया।
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बयानों ही घिर गया निमई, नहीं दिया संजय का मोबाइल नंबर
पुलिस के मुताबिक लूट की शिकायत देते समय ही निमई कोले अपने बयानों में घिर गया। उसने कहा कि वह गोहाना के जिस संजय नाम के युवक से पांच लाख रुपये लेकर आया, उसका पता नहीं जानता। मोबाइल नंबर भी नहीं है। गोहाना से बाहर आकर संजय ने उसे पैसे दिए थे। दूसरा, जब बाइक सवार उसका पीछा कर रहे थे, जब वह सीधा रोहतक की तरफ या ब्राह्मणवास गांव की तरफ जाने की बजाय खिड़वाली की तरफ सुनसान रास्ते पर चला गया और ड्रेन नंबर आठ के पास चाकू मारकर उससे थैला छीन लिया। रात को ही उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई। पुलिस उसे रोहतक से गोहाना गाड़ी में बैठाकर ले गई और पूरे घटनाक्रम का विस्तृत ब्योरा लिया।
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पूछताछ में उगल दिया कहानी
पुलिस के निमई कोले से रविवार को उसकी पत्नी व पड़ोसियों की मौजूदगी में पूछताछ की। पूछताछ में उसने सच्चाई उगल दी। बताया कि उसने लॉकडाउन के दौरान रमेश नाम के व्यक्ति से 30 हजार रुपये उधार लिए थे। कुछ राशि तो वापस कर दी, कुछ अभी बकाया है। रमेश बार-बार पैसे वापस देने के लिए कह रहा था। उसने सोचा अगर लूट का केस दर्ज करवा देगा तो रमेश उससे पैसे मांगना छोड़ देगा। सोचेगा कि पहले ही पांच लाख लूट गए। अब पैसे कहां से दे।
वर्जन
पूछताछ में निमई कोले ने बताया कि उसे उधार न चुकानी पड़े, इसलिए पांच लाख लूट की झूठी कहानी बनाई थी। अब पुलिस दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए अदालत में अर्जी लगाएगी। साथ ही सोमवार को शिकायतकर्ता के खिलाफ झूठी शिकायत देने पर आईपीसी की धारा 182 के तहत अदालत में केस दर्ज कराएगी।

- परमजीत सिंह, कार्यकारी थाना प्रभारी सदर
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झूठी सूचना देने पर हो सकती है छह माह तक की सजा
भारतीय दंड संहिता की धारा 182 के अनुसार अगर पुलिस या किसी अन्य विभाग को झूठी शिकायत दी जाती है। इससे पुलिस व अधिकारी का समय व मेहनत बर्बाद होती है। ऐसे केस में आरोप साबित होने पर छह माह की कारावास की सजा या एक हजार रुपये जुर्माना हो सकता है। अदालत जाएं तो अदालत छह माह तक की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना की सजा दे सकती है। अदालत कारावास देने के साथ जुर्माना साथ में लगा सकती है।
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