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डॉक्टरों ने डेढ़ घंटे तक पूछे सवाल, कभी रोने लगा तो कभी खामोश रहा अभिषेक

Sat, 04 Sep 2021 01:35 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 04 Sep 2021 01:35 AM IST
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Doctors asked questions for one and a half hours, sometimes Abhishek started crying and sometimes he was silent
विजय नगर हत्याकांड का आरोपी अभिषेक कहीं साइको किलर तो नहीं, यह जानने के लिए शुक्रवार को पुलिस ने पीजीआई के मनोचिकित्सकों की चार सदस्यीय टीम से उसकी पड़ताल करवाई। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक टीम ने आरोपी अभिषेक से कई सवाल पूछे। बताया गया है कि सवाल-जवाब के दौरान अभिषेक ज्यादातर समय सामान्य नजर आया। वहीं, कभी रोने लगता तो कभी खामोश हो जाता था।
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पुलिस के अनुसार हत्यारोपी अभिषेक पूछताछ के दौरान बार-बार नई कहानी बदल कर बता रहा है। ऐसे में आशंका हो रही कि वह कहीं साइको किलर तो नहीं है। यह जानने के लिए उसकी पड़ताल मनोचिकित्सकों से कराने का फैसला लिया गया। उसे पीजीआई के मनोचिकित्सकों की एक पैनल के सामने पेश किया गया। इस दौरान पैनल ने उससे कई सवाल पूछे। ज्यादातर समय अभिषेक सामान्य रहा। कभी-कभी वह रोने लग रहा था तो कभी शांत बैठा रहता था।
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उधर, पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि उसने 32 बोर की रिवाल्वर दिल्ली रोड पर आईजी ऑफिस के नजदीक नहर किनारे झाड़ियों में छिपाई थी। देर रात पुलिस मौके पर पहुंची और रिवाल्वर बरामद की है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद जींस पैंट व टी शर्ट को बरामद कर लिया है। अभी पुलिस को यह पता नहीं लगा है कि कपड़ों पर खून के छीटों के निशान हैं या नहीं। ऐसे में जांच के लिए कपड़े लैब में भेजे जाएंगे।
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दोस्त बताएगा अभिषेक की कहानी में कितना दम, गिरफ्तारी कभी भी
पुलिस का कहना है पूछताछ में अभिषेक ने बताया कि वह अपने दोस्त को बेहद पसंद करता है। उसके साथ ही रहना चाहता है। दोनों के बीच संबंधों की भी बात सामने आ रही है। पुलिस अधिकारी आरोपी के खुलासे पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में आरोपी के दोस्त की हत्याकांड में भूमिका की जांच की जा रही है। कहीं वह साजिश में शामिल तो नहीं। ऐसे में पुलिस उसे किसी भी समय गिरफ्तार कर सकती है।
अहम सबूत साबित होंगे जूतों के निशान, कपड़ों की रिपोर्ट
परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में मौके का गवाह कोई नहीं है। ऐसे में पुलिस तकनीकी सुबूत जुटाने का प्रयास कर रही है, जिसके आधार पर कोर्ट में आरोपी को दोषी साबित किया जा सके। इसमें कमरे की छत पर मिले जूतों के निशान, कपड़ों पर खून के धब्बे हैं या नहीं हैं। साथ ही रिवाल्वर पर आरोपी के फिंगर प्रिंट मिले या नहीं। यह भी अहम रहेगा।
मोबाइल लोकेशन भी खंगालेगी पुलिस
हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस आरोपी के मोबाइल के लोकेशन की भी जांच करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या के समय व वारदात स्थल की स्थिति का मिलान होगा। दोनों तथ्य आपस में मिलते हैं तो यह भी अदालत में अहम सबूत साबित होगा।
पूछताछ में समलैंगिकता की बात आज ऑन रिकॉर्ड आई है। अब अभिषेक के दोस्त से पूछताछ की जाएगी। आरोपी जो खुलासा कर रहा है, वह सही है या नहीं। आरोपी की निशानदेही पर रिवाल्वर बरामद कर ली गई है। आरोपी बार-बार नई कहानी सुना रहा है। ऐसे में पीजीआई के मनोचिकित्सकों की एक पैनल से उसकी पड़ताल करवाई गई है। रिपोर्ट दो दिन बाद आएगी।

-गोरखपाल राणा, डीएसपी, मुख्यालय
‘जड़ मेरी आज उसी ने काट दी, थक कर बैठा कल जो मेरी छांव में...’
प्रॉपर्टी डीलर बबलू पहलवान सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते थे। वह समय-समय पर पोस्ट करके अपने मन के भाव बयां करते रहते थे। उनके द्वारा पोस्ट किए गए कुछ संदेशों के अंश निमभनलिखित हैं।
-13 जुलाई : ना ढूंढ मेरा किरदार दुनिया की भीड़ में, वफादार तो हमेशा तनहा ही मिलते हैं।
-17 जून : यहां सब रिश्ते-नाते झूठ के हैं। तुम 24 घंटे के लिए सत्य बोलो, दूसरों में दो-चार दोस्त नहीं रहेंगे।
- 15 जून : जड़ मेरी आज उसी ने काट दी, थक कर बैठा कल जो मेरी छांव में।
- 4 जून : समंदर जैसी इस दुनिया में, हम कागज की नाव लिए चल रहे हैं।
- 14 मई : इज्जत किसी इंसान की नहीं होती, जरूरत की होती है।
जरूरत खत्म , इज्जत खत्म, यहीं दुनिया का सच है।
-09 मई : पहाड़ों पर बैठकर तप करना सरल है, लेकिन परिवार में सबके बीच बैठकर धीरज बनाए रखना कठिन है और यहीं तप है।
-8 अप्रैल : टूट जाते हैं वो रिश्ते अक्सर, जिनको संभालने की कोशिश अकेले की जाती है।
-4 जनवरी : सवाल पानी का नहीं प्यास का है। सवाल मौत का नहीं, सासों का है।
दोस्त तो बहुत हैं दुनिया में, मगर सवाल दोस्ती का नहीं विश्वास का है।
नोट : ये पोस्ट प्रॉपर्टी डीलर बबलू पहलवान के सोशल मीडिया अकाउंट से लिए गए हैं।
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