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एमडीयू में न बनाएं क्वारंटीन सेंटर, हमारे 500 परिवार हो सकते हैं संक्रमित

Tue, 12 May 2020 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2020 12:18 AM IST
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Do not build a quarantine center in MDU, our 500 families may be infected
मेडिकल स्टाफ को एमडीयू व सुपवा में ठहराने बारे बैठक करते डीसी। - फोटो : RohtakCity
विदेश से आने वाले लोगों को 14 क्वारंटीन रखने के लिए जिला प्रशासन ने एमडीयू के चार हॉस्टलों को सेंटर घोषित किया है। सोमवार को एमडीयू कैंपस में दिनभर सैनिटाइजेशन अभियान चलाया गया। इस दौरान चारों हॉस्टलों में सफाई, बिजली व पानी की व्यवस्था की गई। उधर, शाम को टीचिंग व नॉन टीचिंग एसोसिएशन ने क्वारंटीन सेंटर बनाने के विरोध में एमडीयू कुलपति के साथ करीब डेढ़ घंटे बैठक की। इस दौरान तीखी नोकझोंक के बीच कर्मचारियों ने कैंपस को ग्रीन से रेड जोन नहीं बनने देने का दो टूक फैसला कुलपति को सुनाया।
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बैठक में टीचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विकास सिवाच व नॉन टीचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलवंत मलिक ने कहा कि कैंपस में किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं घुसने दिया जाएगा। इसके लिए प्रदर्शन करना पड़ा तो इससे भी पीछे नहीं रहेंगे। इस संघर्ष में विवि के विभिन्न छात्र संगठन भी साथ हैं। बैठक में नौ-जे देव कॉलोनी से लगते गेट को भी बंद करने की बात कुलपति के समक्ष रखी गई।
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नारेबाजी के साथ पहुंचे वीवी निवास
एमडीयू टीचिंग व नॉन टीचिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी, सदस्य व कर्मचारी सोमवार शाम करीब सात बजे कुलपति प्रो. राजबीर सिंह के निवास स्थान के बाहर पहुंचे। यहां नारेबाजी करते हुए विवि के हॉस्टलों को क्वारंटीन सेंटर बनाने का विरोध किया। इसके बाद कुलपति निवास पर दोनों पक्षों में करीब डेढ़ घंटे बातचीत चली। इस दौरान कुलपति ने उन्हें सुरक्षा व व्यवस्था बनाए रखने का पूूरा विश्वास दिया, मगर कर्मचारी विवि में क्वारंटीन सेंटर बनाए जाने के विरोध पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि विदेश से आने वालों के कैंपस में आने से यहां रहने वाले 500 परिवारों पर खतरा मंडराने लगेगा। इस स्थिति में कर्मचारियों की सुरक्षा का जिम्मा कौन लेगा। यही नहीं ऐसी स्थिति में विवि कब खुलेगा। कब परीक्षाएं होंगी। कब नई प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो पाएगी, यह भी सोचने की जरूरत है। इन सेंटरों के कारण विवि की यह सारी व्यवस्था बेपटरी हो जाएगी।
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एमडीयू, सुपवा में ठहराया जाएगा मेडिकल स्टाफ
- कोरोना ड्यूटी में लगे पीजीआई के डॉक्टरों और स्टाफ के लिए होगी व्यवस्था
रोहतक। जिला प्रशासन ने कोरोना ड्यूटी में लगे पीजीआई के डॉक्टर्स और स्टाफ को एमडीयू व सुपवा में ठहराने की योजना बनाई है। इसे लेकर प्रशासन, पीजीआई और दोनों संस्थानों के अधिकारियों की प्राथमिक बैठक हुई। जिसमें इस पर सभी पक्षों ने सैद्धांतिक सहमति जताई है।
डीसी आरएस वर्मा ने बताया कि अभी डॉक्टरों और स्टाफ के लिए सरकारी गेस्ट हाउस में इंतजाम किया गया है। शहर में ऐसा कोई स्टैंड अलोन होटल नहीं है, जहां ऐसी व्यवस्था की जा सके। इसलिए एमडीयू और सुपवा प्रबंधकों से बात की गई है। जिन्होंने सहमति जताई है। अभी यह बहुत ही प्राथमिक स्तर पर है, अगली बैठक में सारी रूपरेखा तैयार की जाएगी।

डीसी ने की डॉक्टरों और अधिकारियों के साथ बैठक
डीसी आरएस वर्मा ने लघु सचिवालय स्थित विडियो कॉन्फ्रेंस हॉल में जिले के डॉक्टरों और अधिकारियों के साथ कोरोना को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि प्रशासन महामारी को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क और सावधान है। पीजीआई के डॉक्टर लगातार इससे बचाव को प्रयासरत हैं, सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कोरोना का केस मिलने पर वहां कंटेनमेंट जोन बना कर चिकित्सा सेवाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। डॉक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए भी एहतियात बरती जा रही है। कई क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। बैठक में एसपी राहुल शर्मा, निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा, एडीसी महेंद्र पाल, पीजीआई के वीसी ओपी कालड़ा, डायरेक्टर डॉ. रोहताश यादव, डॉ. ध्रुव चौधरी, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला भी मौजूद थे।
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