36 बिरादरी को साथ लेकर चलो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश का इतिहास 36 बिरादरियों के प्रेम और भाईचारे की मिसाल रहा है। चंद उपद्रवी इसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं। जिनके हाथों में कैंची है, उनके हाथों में से कैंची छिननी पड़ेगी। उनके हाथों में सूई देनी पड़ेगी, ताकि वे प्रेम रूपी मोतियों को एक धागे में पिरो सकें।
इसलिए एक-दूसरे को काटने का काम छोड़ो और 36 बिरादरी को साथ लेकर जोड़ने का काम करो। लोगों के दिलों में जो घाव है, उस पर मरहम लगाने का काम संत और सामाजिक संस्थाओं के लोग ही कर सकते है, सरकार नहीं। मैं यहीं संदेश लेकर आया हूं, जिसे हर घर में बांटना है।
यह बात आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने कही। वे शनिवार को ग्रीन रोड स्थित केशव पार्क में हुई सद्भावना सभा में बोल रहे थे। उन्होंने पार्क में मौजूद भक्तों से कहा कि आपराधिक तत्वों ने जो आर्थिक नुकसान किया है, वह तो फिर भी आ जाएगा।
लेकिन, पूरे प्रदेश के जिन परिवारों को जान की हानि हुई है, उसकी भरपाई कभी भी नहीं हो पाएगी। मन के घाव को ठीक करना बहुत जरूरी है। इसके लिए हर बिरादरी के लोगों के घर जाकर भाईचारा बनाने की अपील करनी होगी। क्योंकि, हर बिरादरी में अच्छे लोग भी होते हैं और बुरे भी। किसी बिरादरी में कुछ बुरे लोगों के होने से पूरे समाज को बुरा नहीं कहा जा सकता है। इस दौरान महंत बाबा बालकपुरी और स्वामी परम चैतन्य ने भी शांति और भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया।
उपद्रव के पीछे राजनीतिक तत्वों का होगा हाथ: रवि शंकर पत्रकारों से बातचीत में श्री श्री रविशंकर ने कहा कि हरियाणा में जो उपद्रव हुआ है, यह पूरी तरह से निंदनीय है। उन्हें लगता है कि इस पूरी घटना के पीछे जरूर कुछ राजनीतिक तत्वों का हाथ है। वे इस पूरे मामले में केंद्र सरकार से उच्च स्तरीय जांच कराने के लिए अनुरोध करेंगे।
यह पूरा प्रकरण भीड़ मनोविज्ञान के तहत हुआ है। लोगों को खुद में सुधार लाना होगा, तभी कुछ बेहतर होगा। क्योंकि, हर बिरादरी में चोर और अपराधी होते हैं। इसके लिए एक बिरादरी को टारगेट करना ठीक नहीं है।
गाड़ी में बैठे हुए ही देखा खौफनाक मंजर श्री श्री रवि शंकर दोपहर को करीब 12:05 बजे ही रोहतक में प्रवेश कर चुके थे। उन्होंने दिल्ली रोड से मॉडल टाउन तक उपद्रवियों द्वारा मचाई तबाही के खौफनाक मंजर को अपनी गाड़ी में बैठकर ही देखा। पावर हाउस पर भी सेंटर मॉल को देखने के लिए सिर्फ दो मिनट ही गाड़ी से उतरे।
इस दौरान मॉडल टाउन और डी पार्क पर पीड़ित व्यापारियों से कोई बातचीत नहीं की और सीधे सुखपुरा चौक पर 35 बिरादरी के धरने पर पहुंचे।