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जिला बार चुनाव : बल्क पेमेंट की वजह से काटे गए वोट दोबारा जोड़ने पर मंथन
Wed, 05 Mar 2025 01:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 05 Mar 2025 01:47 AM IST
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रोहतक। जिला बार चुनाव का नए सिरे से चुनाव कराने के लिए फिर से वकीलों के बीच हलचल होने लगी है। मंगलवार को चुनाव अधिकारी प्रदीप मलिक व ओपी पूनिया ने सभी प्रत्याशियों के साथ बैठक की।
निर्णय हुआ कि बल्क पेमेंट के चलते काटे गए वोट दोबारा जोड़े जाएंगे। बशर्ते, 28 फरवरी तक दोबारा पेमेंट जमा होनी चाहिए, साथ ही आवेदक पात्रता पूरी करता हो। हालांकि, अंतिम निर्णय सिविल कोर्ट के फैसले को की जाने वाली अपील के निरस्त होने या न होने पर निर्भर रहेगा।
पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल की तरफ से 28 फरवरी को पूरे प्रदेश में बार एसोसिएशन के चुनाव करवाए गए, लेकिन रोहतक जिला बार की मतदाता सूची को लेकर चल रहे विवाद के चलते मतदान नहीं हो सका। 3536 वकीलों ने वोट बनवाने के लिए फीस व शपथ पत्र जमा करवाए थे। चार सदस्यीय चुनाव कमेटी ने जांच कर 1200 से ज्यादा वोट काट दिए थे।
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बल्क पेमेंट को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने एक महिला वकील का वोट जोड़ने का आदेश दिया, लेकिन बाकी बल्क पेमेंट पर रोक लगा दी। इसके चलते मात्र 2288 वोट मतदाता सूची में बच गए। वकीलों की तरफ से सिविल कोर्ट में याचिका दायर की गई। कोर्ट ने मतदान से ठीक एक दिन पहले सुनाए फैसले में कहा कि जो वकील पात्रता पूरी करता है, उसे वोट डालने से न रोका जाए। चुनाव अधिकारियों ने मतदान के दौरान वोटों की पात्रता की जांच में असमर्थता जाहिर की। मतदान से ठीक पहले 27 फरवरी की रात को बार काउंसिल ने रोहतक बार का चुनाव अगले आदेशों तक स्थगित कर दिया था।
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चुनाव अधिकारी प्रदीप मलिक व ओपी पूनिया ने सभी प्रत्याशियों के साथ मंगलवार को बैठक की। तय हुआ कि बल्क पेमेंट के चलते जो वोट कटे हैं, उनमें से जिन वकीलों ने दोबारा 28 फरवरी को शाम 5 बजे तक फीस जमा कराई है, उनके वोटों को दोबारा जोड़ने पर विचार होगा। ऐसे 500 से ज्यादा वोट हैं।
- एडवोकेट अरविंद श्योराण, प्रत्याशी प्रधान पद
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सिविल कोर्ट के फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील की जाएगी। अगर आदेश अपील में निरस्त नहीं होता तो ये वोट जोड़ने का कार्य होगा। अगर आदेश निरस्त हो गया तो अभी जितने वोट हैं, उनसे ही चुनाव होगा।
- एडवोकेट प्रदीप मलिक, चुनाव अधिकारी जिला बार
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निर्णय हुआ कि बल्क पेमेंट के चलते काटे गए वोट दोबारा जोड़े जाएंगे। बशर्ते, 28 फरवरी तक दोबारा पेमेंट जमा होनी चाहिए, साथ ही आवेदक पात्रता पूरी करता हो। हालांकि, अंतिम निर्णय सिविल कोर्ट के फैसले को की जाने वाली अपील के निरस्त होने या न होने पर निर्भर रहेगा।
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पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल की तरफ से 28 फरवरी को पूरे प्रदेश में बार एसोसिएशन के चुनाव करवाए गए, लेकिन रोहतक जिला बार की मतदाता सूची को लेकर चल रहे विवाद के चलते मतदान नहीं हो सका। 3536 वकीलों ने वोट बनवाने के लिए फीस व शपथ पत्र जमा करवाए थे। चार सदस्यीय चुनाव कमेटी ने जांच कर 1200 से ज्यादा वोट काट दिए थे।
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बल्क पेमेंट को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने एक महिला वकील का वोट जोड़ने का आदेश दिया, लेकिन बाकी बल्क पेमेंट पर रोक लगा दी। इसके चलते मात्र 2288 वोट मतदाता सूची में बच गए। वकीलों की तरफ से सिविल कोर्ट में याचिका दायर की गई। कोर्ट ने मतदान से ठीक एक दिन पहले सुनाए फैसले में कहा कि जो वकील पात्रता पूरी करता है, उसे वोट डालने से न रोका जाए। चुनाव अधिकारियों ने मतदान के दौरान वोटों की पात्रता की जांच में असमर्थता जाहिर की। मतदान से ठीक पहले 27 फरवरी की रात को बार काउंसिल ने रोहतक बार का चुनाव अगले आदेशों तक स्थगित कर दिया था।
चुनाव अधिकारी प्रदीप मलिक व ओपी पूनिया ने सभी प्रत्याशियों के साथ मंगलवार को बैठक की। तय हुआ कि बल्क पेमेंट के चलते जो वोट कटे हैं, उनमें से जिन वकीलों ने दोबारा 28 फरवरी को शाम 5 बजे तक फीस जमा कराई है, उनके वोटों को दोबारा जोड़ने पर विचार होगा। ऐसे 500 से ज्यादा वोट हैं।
- एडवोकेट अरविंद श्योराण, प्रत्याशी प्रधान पद
सिविल कोर्ट के फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील की जाएगी। अगर आदेश अपील में निरस्त नहीं होता तो ये वोट जोड़ने का कार्य होगा। अगर आदेश निरस्त हो गया तो अभी जितने वोट हैं, उनसे ही चुनाव होगा।
- एडवोकेट प्रदीप मलिक, चुनाव अधिकारी जिला बार