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दूरस्थ शिक्षा में दाखिला लेना हो रहा दूर, विद्यार्थी परेशान
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 13 Sep 2016 02:27 AM IST
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एमडीयू के दूरस्थ शिक्षा के तहत यूजी-पीजी कोर्सों में दाखिला लेने की आखिरी तिथि 15 सितंबर
- फोटो : amar ujala
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के तहत स्नातक (यूजी) और परास्नातक (पीजी) कोर्सों में दाखिले हो रहे हैं। लेकिन दाखिले के लिए विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ रहा है। वेबसाइट में तकनीकी खामियों के चलते पासवर्ड काम नहीं कर रहे। इस वजह से दूरस्थ शिक्षा के कोर्सों मेें दाखिला लेना नए और पुराने विद्यार्थियों के लिए मुसीबत बन गया है। वेबसाइट में पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाई नहीं दे रहे। इसी तरह गैप ईयर से संबंधित अनेक परेशानियां विद्यार्थियों को आ रही हैं। इसके चलते विवि में रोजाना विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे कर्मचारी भी परेशान हो रहे हैं। वहीं, निदेशालय के डायरेक्टर ने कुलपति से बिना विलंब शुल्क 30 सितंबर तक दाखिला देने का आग्रह किया है।
सोमवार को दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में यूजी और पीजी कोर्सों के आवेदन व चालान फीस जमा कराने के लिए लंबी लाइनें लगी रही। आवेदन फॉर्म में ऑनलाइन आ रही समस्याओं को ठीक कराने के लिए काफी संख्या में विद्यार्थी पहुंचे। दूरस्थ से दाखिला लेने की आखिरी तिथि 15 सितंबर है। इसलिए 13 सितंबर की छुट्टी और दो दिन बचे होने के चलते प्रदेश के विभिन्न जिलों से विद्यार्थी पहुंचे थे। विद्यार्थियों को ऑनलाइन पोर्टल की खामियाें को दूर करने के लिए एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। विद्यार्थियों की परेशानी को देख गैर शिक्षक कर्मचारी वीसी से मिलेंगे। वे निजी कंपनी केपीएमजी पर सही तरीके से काम नहीं करने को लेकर जुर्माना लगाने की मांग करेंगे।
बिना विलंब शुल्क दाखिला बढ़ाने के लिए किया आग्रह
डीडीई के ऑनलाइन पोर्टल में काफी तकनीकी खामियां हैं। इसके बारे में कुलपति और यूसीसी विभाग को लिखित में दिया गया है। वेबसाइट में दाखिले से संबंधित विद्यार्थियों को जो भी दिक्कतें आ रही हैं, उनके बारे में समय-समय पर यूसीसी को बताया जा रहा है। मामले में सोमवार को कुलपति से भी मिले थे। उनसे 30 सितंबर तक बिना विलंब शुल्क दाखिला देने का आग्रह किया है। फाइल आगे फॉरवर्ड भी कर दी गई है।
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- कुलदीप सिंह छिक्कारा, डायरेक्टर, डीडीई निदेशालय एमडीयू।
निजी कंपनी ने नहीं निभाई जिम्मेदारी, जुर्माना लगाने की मांग
विवि प्रशासन ने डीडीई में ऑनलाइन दाखिले के लिए निजी कंपनी केपीएमजी को सॉफ्टवेयर तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी। इसके लिए करोड़ों रुपये दिए थे, लेकिन कंपनी ने जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। सॉफटवेयर में करीब 12 से अधिक तकनीकी खामियां हैं। जिस वजह से विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी आ रही है। कंपनी की लापरवाही की वजह से विद्यार्थी और कर्मचारी परेशान हैं। कर्मचारी मामले में कुलपति से मिलेंगे और निजी कंपनी पर जुर्माना लगाने की मांग करेंगे।
- रणधीर कटारिया, प्रधान, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ एमडीयू
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सोमवार को दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में यूजी और पीजी कोर्सों के आवेदन व चालान फीस जमा कराने के लिए लंबी लाइनें लगी रही। आवेदन फॉर्म में ऑनलाइन आ रही समस्याओं को ठीक कराने के लिए काफी संख्या में विद्यार्थी पहुंचे। दूरस्थ से दाखिला लेने की आखिरी तिथि 15 सितंबर है। इसलिए 13 सितंबर की छुट्टी और दो दिन बचे होने के चलते प्रदेश के विभिन्न जिलों से विद्यार्थी पहुंचे थे। विद्यार्थियों को ऑनलाइन पोर्टल की खामियाें को दूर करने के लिए एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। विद्यार्थियों की परेशानी को देख गैर शिक्षक कर्मचारी वीसी से मिलेंगे। वे निजी कंपनी केपीएमजी पर सही तरीके से काम नहीं करने को लेकर जुर्माना लगाने की मांग करेंगे।
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बिना विलंब शुल्क दाखिला बढ़ाने के लिए किया आग्रह
डीडीई के ऑनलाइन पोर्टल में काफी तकनीकी खामियां हैं। इसके बारे में कुलपति और यूसीसी विभाग को लिखित में दिया गया है। वेबसाइट में दाखिले से संबंधित विद्यार्थियों को जो भी दिक्कतें आ रही हैं, उनके बारे में समय-समय पर यूसीसी को बताया जा रहा है। मामले में सोमवार को कुलपति से भी मिले थे। उनसे 30 सितंबर तक बिना विलंब शुल्क दाखिला देने का आग्रह किया है। फाइल आगे फॉरवर्ड भी कर दी गई है।
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- कुलदीप सिंह छिक्कारा, डायरेक्टर, डीडीई निदेशालय एमडीयू।
निजी कंपनी ने नहीं निभाई जिम्मेदारी, जुर्माना लगाने की मांग
विवि प्रशासन ने डीडीई में ऑनलाइन दाखिले के लिए निजी कंपनी केपीएमजी को सॉफ्टवेयर तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी। इसके लिए करोड़ों रुपये दिए थे, लेकिन कंपनी ने जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। सॉफटवेयर में करीब 12 से अधिक तकनीकी खामियां हैं। जिस वजह से विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी आ रही है। कंपनी की लापरवाही की वजह से विद्यार्थी और कर्मचारी परेशान हैं। कर्मचारी मामले में कुलपति से मिलेंगे और निजी कंपनी पर जुर्माना लगाने की मांग करेंगे।
- रणधीर कटारिया, प्रधान, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ एमडीयू