फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   dharna off 15 days altimatum

धरना खत्म, 15 दिन का अल्टीमेटम, फिर करेंगी क्रमिक अनशन

Thu, 17 Sep 2015 02:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 17 Sep 2015 02:33 AM IST
विज्ञापन
भूगोल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर सतबीर सिंह के तबादले से नाराज धरने पर बैठी आईसी कॉलेज की छात्राओं का धरना फिलहाल खत्म हो गया है।
विज्ञापन


छात्राओं ने प्रदेश सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देेते हुए धरना समाप्त किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बीच प्रोफेसर को वापस नहीं बुलाया गया तो वे क्रमिक अनशन पर बैठेंगी।

फिर, आमरण अनशन शुरू करेंगी। वहीं, परिजनों ने आरोप लगाया है कि बेटियों को धरने के लिए बहकाया जा रहा है। एक छात्र संगठन उन्हें बार-बार बरगला रहा है।

जिस प्रोफेसर के लिए उनकी बेटियां धरने पर बैठी है। एक बार भी वह बेटियों का हालचाल जानने नहीं आया है। जूस पिलाने पहुंचे भाजपा नेता स्वदेशी किराड़ और जिला उपाध्यक्ष राजरानी शर्मा के साथ नेत्रियों को भी खूब खरी-खोटी सुनाई।
विज्ञापन


उन्होंने भाजपा नेता से सवाल किया कि कहां है आपके सीएम और विधायक? क्या ये हैं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की सच्चाई?
    बुधवार सुबह 8 बजे, धरने पर बैठी छात्राओं ने कॉलेज के बाहर हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस बीच दोपहर 1:15 बजे, हस्ताक्षर अभियान चला रही दो छात्राएं गर्मी के चलते बेहोश हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिन्हें वुमन पीसीआर और एंबुलेंस में बिठाकर तुरंत सिविल अस्पताल के आपातकालीन विभाग में ले जाया गया। जहां प्रियंका और मनीषा को भर्ती किया गया और शाम 5 बजे तबीयत दुरुस्त होने के चलते डिस्चार्ज कर दिया गया। शाम 4:20 बजे छात्राओं को समझाने की फिर से कोशिश की गई। जिसमें अभिभावकों ने भी प्राध्यापकों का पक्ष लेते हुए अपने बच्चों को समझाया।
अब सीएम दरबार में गूंजेगा मामला, सौंपा ज्ञापन
उधर, शाम 5:15 बजे छात्राओं को जूस पिलाने पहुंचे भाजपा नेता स्वदेशी किराड़ ने कहा कि पंचायत चुनाव के चलते आचार संहिता लग गई है। उन्होंने शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा और विधायक मनीष ग्रोवर से भी बात की है। वे उनकी परेशानी को लेकर सीएम मनोहर लाल खट्टर से भी जल्द मुलाकात करेंगे।

इसके बाद छात्राओं ने लंबित मांगों का ज्ञापन सौंपा। साथ ही, हस्ताक्षर अभियान में उन्हें भी शामिल किया। इस दौरान भाजपा की जिला उपाध्यक्ष राजरानी शर्मा, मीनाक्षी नांदल और ज्योत्सना मौजूद रही।


45 मिनट समझाया, फिर छात्राओं ने मांगी सॉरी
वहीं, कॉलेज के प्राचार्या कक्ष में प्राध्यापकों के साथ अभिभावक और छात्राओं की बैठक हुई। करीब 45 मिनट तक यह बैठक चली, जिसमें अभिभावकों और प्राध्यापकों ने छात्राओं को खूब समझाया। फिर, उन्होंने प्राध्यापकों से सॉरी बोलकर माफी मांगी। इस बैठक में कार्यवाहक प्राचार्या सरोज गुलाटी ने कहा कि यह एक सिस्टम है। उनके हाथ बंधे हुए है। इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य बलजीत सिंह, अनीता सिंह, पूनम मौजूद रहे।
ये रखीं मांगें
1. प्रोफेसर सतबीर सिंह को वापस लाया जाए।
2. अगर यह संभव नहीं तो पहले से पढ़ा रहे अध्यापकों का भी स्थानांतरण किया जाए।
प्रोफेसर को लाने के ये गिनाए कारण
1. पाठ्यक्रम काफी रहता है, जो एक माह में पूरा नहीं हो सकता। कोई दूसरा प्राध्यापक पढ़ाता है तो वह शुरुआत से कराता है।
2. दूसरे प्राध्यापकों के पढ़ाने के तरीके में बदलाव आने से छात्राओं को समझने में मुश्किलें हो रही है।
3. परीक्षाएं सिर पर है, इसलिए बुलाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed