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डेंगू के एक संदिग्ध मरीज की उपचार के दौरान मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 17 Aug 2016 02:11 AM IST
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डेंगू, मच्छर
- फोटो : file photo
जिले में डेंगू के एक संदिग्ध मरीज की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मरीज की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को समय पर न दिए जाने के मामले में निजी अस्पताल को सिविल सर्जन की ओर से नोटिस जारी किया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग अब एक अन्य संदिग्ध डेंगू मरीज की तलाश में जुट गया है।
सिविल सर्जन कार्यालय को गांव खिड़वाली से सूचना मिली थी कि गांव में दो लोगों को संदिग्ध डेंगू मिला है। इनका कार्ड टेस्ट हुआ था और सिरोलॉजिकल टेस्ट कराया जाना है। ये उपचार के लिए शहर के मेडिकल मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में आए। इसमें से एक मरीज की 14 अगस्त को मौत हो गई और दूसरे मरीज को निजी अस्पताल ने दिल्ली रेफर कर दिया। जब इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को मिली तो सिविल सर्जन ने मामले पर संज्ञान लेते हुए एक टीम को जांच के लिए निजी अस्पताल भेजा। टीम ने विभाग को बताया कि निजी अस्पताल के पास मरीज 3 अगस्त को आया था और 14 अगस्त को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। गौरतलब है कि इससे पहले नया पड़ाव में एक लड़की और गांव मकड़ौली के एक युवक को डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि हो चुकी है। ये दोनों फिलहाल स्वस्थ हैं।
बोली चिकित्सा अधिकारी
डेंगू की कार्ड टेस्ट में पुष्टि होने पर निजी अस्पताल को मरीज की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भेजना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं होता तो संबंधित डॉक्टर को छह माह तक की कैद तक हो सकती है। खिड़वाली के दो लोगों को कार्ड टेस्ट में डेंगू पॉजिटिव पाया गया है। इसमें से एक की मौत हो चुकी है और दूसरे को दिल्ली रेफर किया गया है। इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन ने हमें क्यों नहीं दी, इसके लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
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- डॉ. दीपा जाखड़, सिविल सर्जन
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सिविल सर्जन कार्यालय को गांव खिड़वाली से सूचना मिली थी कि गांव में दो लोगों को संदिग्ध डेंगू मिला है। इनका कार्ड टेस्ट हुआ था और सिरोलॉजिकल टेस्ट कराया जाना है। ये उपचार के लिए शहर के मेडिकल मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में आए। इसमें से एक मरीज की 14 अगस्त को मौत हो गई और दूसरे मरीज को निजी अस्पताल ने दिल्ली रेफर कर दिया। जब इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को मिली तो सिविल सर्जन ने मामले पर संज्ञान लेते हुए एक टीम को जांच के लिए निजी अस्पताल भेजा। टीम ने विभाग को बताया कि निजी अस्पताल के पास मरीज 3 अगस्त को आया था और 14 अगस्त को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। गौरतलब है कि इससे पहले नया पड़ाव में एक लड़की और गांव मकड़ौली के एक युवक को डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि हो चुकी है। ये दोनों फिलहाल स्वस्थ हैं।
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बोली चिकित्सा अधिकारी
डेंगू की कार्ड टेस्ट में पुष्टि होने पर निजी अस्पताल को मरीज की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भेजना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं होता तो संबंधित डॉक्टर को छह माह तक की कैद तक हो सकती है। खिड़वाली के दो लोगों को कार्ड टेस्ट में डेंगू पॉजिटिव पाया गया है। इसमें से एक की मौत हो चुकी है और दूसरे को दिल्ली रेफर किया गया है। इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन ने हमें क्यों नहीं दी, इसके लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
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- डॉ. दीपा जाखड़, सिविल सर्जन