फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Demand to withdraw MBBS bond cum loan policy

Rohtak News: एमबीबीएस बॉन्ड कम लोन पॉलिसी वापस लेने की मांग

Wed, 18 Sep 2024 04:22 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2024 04:22 AM IST
विज्ञापन
Demand to withdraw MBBS bond cum loan policy
17सीटीके02..पीजीआई स्थित डीन पार्क में पत्रकारों से बातचीत करते एमबीबीएस के विद्यार्थियों। संवा
रोहतक। प्रदेश के सरकारी व सहायता प्राप्त मेडिकल काॅलेजों के एमबीबीएस विद्यार्थियों ने मांग की है कि हरियाणा की एमबीबीएस बॉन्ड कम लोन पॉलिसी वापस ली जाए। पॉलिसी में एनईईटी (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा में टॉप रैंक लाकर एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को लोन के बोझ तले डाला जा रहा है। मंगलवार को पीजीआईएमएस स्थित डीन पार्क में एमबीबीएस छात्र एकत्रित हुए।
विज्ञापन

छात्र पंकज ने कहा कि इस बोझ से हरियाणा के होनहार विद्यार्थी दूसरे राज्यों से एमबीबीएस की पढ़ाई करने को मजबूर हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से 21 दिसंबर 2022 को जारी पॉलिसी बॉन्ड नहीं बल्कि लोन पॉलिसी है। इसमें आईडीबीआई बैंक 25 लाख रुपये की राशि का लोन (लड़कों के लिए) और 23 लाख रुपये की राशि का लोन (लड़कियों के लिए) देगा। यह लोन विद्यार्थियों को कतई मंजूर नहीं है। ऐसी व्यवस्था देश के किसी अन्य राज्य में नहीं है।
विज्ञापन


2022 में विद्यार्थियों और रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल के समय नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस पॉलिसी को वापस करने का वायदा किया था। छात्रों की प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील है की पॉलिसी को पूर्ण रूप से निरस्त करें और अपने घोषणा पत्रों में इसको शामिल करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed