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सरसों की बिजाई के लिए 1710 एमटी डीएपी की और भेजी डिमांड
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झज्जर। कृषि विभाग की ओर से सरसों की बिजाई के लिए डीएपी खाद की किल्लत को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। साथ ही खाद की व्यवस्था की जा रही है। मंगलवार को करीब 800 बैग खाद का और मंगवाया गया, जबकि सरसों बिजाई के लिए 1710 एमटी डीएपी खाद की आवश्यकता और बनी हुई है। सरसों की बिजाई प्रभावित न हो इसके लिए विभाग ने डीएपी की समुचित रूप से व्यवस्था करवाने की बात कही है।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में सरसों की बिजाई के लिए पांच हजार एमटी डीएपी खाद की डिमांड भेजी गई, लेकिन अब तक 3290 एमटी के करीब डीएपी खाद सरकारी व निजी बिक्री केंद्रों पर पहुंचा दिया गया है। किसानों को आगामी दिनों में डीएपी की किल्लत से जूझना न पड़े इसके लिए कृषि विभाग की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
उधर, सरकारी बिक्री केंद्रों पर डीएपी खाद नहीं पहुंच रहा है। इसके चलते किसानों को निजी केंद्रों पर लंबी लाइनें लगाकर खाद को खरीदना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सरकारी दुकानों पर भी डीएपी खाद को भेजा जाना चाहिए। किसानों ने बताया कि निजी बिक्री केेंद्रों के संचालक भाई-भतीजावाद के चक्कर में जरूरतमंदों की अनदेखी कर देते है और अपने चहेतों को जल्दी खाद उपलब्ध करवाते हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कृषि उपनिदेशक इंद्र सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी निरंतर निजी बिक्री केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। यदि कोई भी शिकायत किसानों की ओर से मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जा रही है। डीएपी खाद का वितरण सही ढ़ग से हो इसके लिए विभाग अलर्ट है।
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विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में सरसों की बिजाई के लिए पांच हजार एमटी डीएपी खाद की डिमांड भेजी गई, लेकिन अब तक 3290 एमटी के करीब डीएपी खाद सरकारी व निजी बिक्री केंद्रों पर पहुंचा दिया गया है। किसानों को आगामी दिनों में डीएपी की किल्लत से जूझना न पड़े इसके लिए कृषि विभाग की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
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उधर, सरकारी बिक्री केंद्रों पर डीएपी खाद नहीं पहुंच रहा है। इसके चलते किसानों को निजी केंद्रों पर लंबी लाइनें लगाकर खाद को खरीदना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सरकारी दुकानों पर भी डीएपी खाद को भेजा जाना चाहिए। किसानों ने बताया कि निजी बिक्री केेंद्रों के संचालक भाई-भतीजावाद के चक्कर में जरूरतमंदों की अनदेखी कर देते है और अपने चहेतों को जल्दी खाद उपलब्ध करवाते हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कृषि उपनिदेशक इंद्र सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी निरंतर निजी बिक्री केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। यदि कोई भी शिकायत किसानों की ओर से मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जा रही है। डीएपी खाद का वितरण सही ढ़ग से हो इसके लिए विभाग अलर्ट है।
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