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Rohtak News: एमडीयू में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया व छात्रवृत्ति में सुधार की मांग
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27...अपनी मांगों को लेकर एमडीयू के कुलसचिव डॉ. कृष्ण कांत को ज्ञापन देते छात्र नेता दीपक मलिक ,
रोहतक। संयुक्त छात्र समिति ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया व छात्रवृत्ति में सुधार की मांग को लेकर कुलसचिव डॉ. कृष्ण कांत को ज्ञापन सौंपा। छात्र समिति के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मलिक ने बताया कि एमडीयू की ओर से पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य किया गया है।
नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान लागू किया गया है। यह नियम यूजीसी मानदंडों के अनुरूप नहीं है और इसके कारण 75-80 प्रतिशत छात्र प्रवेश से वंचित रह जाते हैं जिससे विभिन्न विभागों में सीटें खाली रह जाती हैं।
एएसएपी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक धनखड़ ने बताया कि 2025 के नए ऑर्डिनेंस के तहत पंजीकृत शोधार्थियों को पहले दो वर्षों में 18,000 रुपये और तीसरे वर्ष से 20,000 रुपये छात्रवृत्ति दिए जाने का प्रावधान है।
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जबकि 2025 से पहले के शोधार्थियों के लिए यह राशि 14,000 रुपये और 15,000 रुपये निर्धारित की गई है। छात्र संगठनों ने इस भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ आवाज उठाई और सभी शोधार्थियों के लिए समान छात्रवृत्ति की मांग की।
कुलसचिव ने छात्र नेताओं को आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन इन मुद्दों को गंभीरता से ले रहा है। इस अवसर पर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित पिलाना व एआईडीएसओ के प्रदेश सचिव उमेश मौर्य मौजूद रहे।
संवाद
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नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान लागू किया गया है। यह नियम यूजीसी मानदंडों के अनुरूप नहीं है और इसके कारण 75-80 प्रतिशत छात्र प्रवेश से वंचित रह जाते हैं जिससे विभिन्न विभागों में सीटें खाली रह जाती हैं।
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एएसएपी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक धनखड़ ने बताया कि 2025 के नए ऑर्डिनेंस के तहत पंजीकृत शोधार्थियों को पहले दो वर्षों में 18,000 रुपये और तीसरे वर्ष से 20,000 रुपये छात्रवृत्ति दिए जाने का प्रावधान है।
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जबकि 2025 से पहले के शोधार्थियों के लिए यह राशि 14,000 रुपये और 15,000 रुपये निर्धारित की गई है। छात्र संगठनों ने इस भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ आवाज उठाई और सभी शोधार्थियों के लिए समान छात्रवृत्ति की मांग की।
कुलसचिव ने छात्र नेताओं को आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन इन मुद्दों को गंभीरता से ले रहा है। इस अवसर पर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित पिलाना व एआईडीएसओ के प्रदेश सचिव उमेश मौर्य मौजूद रहे।
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