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Rohtak News: निलंबन रद्द करने व सीएएस पदोन्नति में पारदर्शिता की मांग
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38 महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को ज्ञापन देते शिक्षक। संवाद
- फोटो : विमल किशोर।
रोहतक। एमडीयू के शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपकर दो प्राध्यापकों के निलंबन आदेश वापस लेने और कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत लंबित पदोन्नतियां निष्पक्ष तरीके से जारी करने की मांग की। ज्ञापन में शिक्षकों ने कहा कि डॉ. विकास सिवाच और डॉ. नसीब सिंह गिल के निलंबन आदेशों की समीक्षा कर उन्हें रद्द किया जाए।
उनका कहना है कि लंबे समय तक निलंबन रहने से न केवल संबंधित शिक्षकों को व्यक्तिगत व पेशेवर नुकसान हो रहा है बल्कि विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल और प्रतिष्ठा भी प्रभावित हो रही है। शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि निलंबन की कार्रवाई बिना तय समय-सीमा में निष्पादन के लंबित रखी गई है न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
ज्ञापन में कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पात्र शिक्षकों की पदोन्नति मामलों को यूजीसी नियमों और विश्वविद्यालय के अधिनियमों के अनुरूप व बिना किसी भेदभाव या चयनात्मक नीति के समयबद्ध तरीके से निपटाने की मांग उठाई। शिक्षकों ने कहा कि सीएएस के क्रियान्वयन में एकरूपता और पारदर्शिता जरूरी है ताकि संस्थान में विश्वास और शैक्षणिक नैतिकता बनी रहे।
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उनका कहना है कि लंबे समय तक निलंबन रहने से न केवल संबंधित शिक्षकों को व्यक्तिगत व पेशेवर नुकसान हो रहा है बल्कि विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल और प्रतिष्ठा भी प्रभावित हो रही है। शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि निलंबन की कार्रवाई बिना तय समय-सीमा में निष्पादन के लंबित रखी गई है न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
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ज्ञापन में कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पात्र शिक्षकों की पदोन्नति मामलों को यूजीसी नियमों और विश्वविद्यालय के अधिनियमों के अनुरूप व बिना किसी भेदभाव या चयनात्मक नीति के समयबद्ध तरीके से निपटाने की मांग उठाई। शिक्षकों ने कहा कि सीएएस के क्रियान्वयन में एकरूपता और पारदर्शिता जरूरी है ताकि संस्थान में विश्वास और शैक्षणिक नैतिकता बनी रहे।
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