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Rohtak News: हिरण का बढ़ेगा परिवार... पांच तरह के हिरण, चार चौसिंगा करेंगे आकर्षित
Mon, 12 Feb 2024 02:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 12 Feb 2024 02:51 AM IST
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रोहतक। वन्य प्राणी विभाग की ओर से लघु चिड़ियाघर का परिवार लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले दो वर्षों में काला व सफेद हिरण, चीतल, काकड़ और चिंकारा को शामिल किया गया। इसी कड़ी में वन्य प्राणी विभाग लघु चिड़ियाघर में अगले माह बिलासपुर से चार चौसिंगा लाने वाला है।
लघु चिड़ियाघर परिवार में वर्तमान में तीन सफेद हिरण, तीन चीतल हिरण, तीन चिंकारा हिरण, 16 काले हिरण और 12 काकड़ हिरण मिलाकर कुल 37 हिरण हैं। जिस कारण लगभग हजार वर्ग मीटर में बने हिरण के बाड़े को पिछले ही माह चार हिस्सों में बाटा गया। इस वर्ष हिरण के परिवार में चौसिंगा, अधिकतर हिरण जिन्हें अंग्रेजी में मोस्ट डीयर कहा जाता है और अन्य को लाए जाने की तैयारी है।
चिड़ियाघर में रविवार को खिलती धूप में वन्य प्राणियों को टहलते, लौटते, मौज-मस्ती करते देखने के लिए लगभग 2300 सैलानी पहुंचे। शुतुरमुर्ग, भालू, हिरण, लक्कड़ बग्गा और गीदड़ ने सैलानियों को आकर्षित किया। धीरा (बब्बर शेर) मचान पर धूप सेंकता दिखा और शेरनियां छोटी और सुधा दोपहर को घास पर लेटी रही। दूसरी ओर बाघ के बाड़े में अमर धूप में टहलता तो वहीं सागर और आशा धूप में सुस्ताते दिखे। सैलानियों ने बाघ को उसके नाम से पुकारा तो अमर ने पलट कर देखा, इसी पर सैलानी खुशी में सीटी बजाते नजर आए। बच्चों के साथ युवाओं व उनके अभिभावकों में वन्य प्राणियाें को देखने के लिए गजब का उत्साह देखने को मिला।
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वर्जन
वन्य प्राणी विभाग मुख्यालय की ओर से बिलासपुर से चौसिंगा लाने की इजाजत दी जा चुकी है। इस माह के अंत तक चौसिंगा लाने की कोशिश जारी है। मगर उससे पहले अन्य जलीय और वन्य प्राणी जैसे बब्बर शेर लाया जाएगा। - देवेंद्र हुड्डा, वन्य जीवन निरीक्षक, लघु चिड़ियाघर, वन्य प्राणी विभाग।
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लघु चिड़ियाघर परिवार में वर्तमान में तीन सफेद हिरण, तीन चीतल हिरण, तीन चिंकारा हिरण, 16 काले हिरण और 12 काकड़ हिरण मिलाकर कुल 37 हिरण हैं। जिस कारण लगभग हजार वर्ग मीटर में बने हिरण के बाड़े को पिछले ही माह चार हिस्सों में बाटा गया। इस वर्ष हिरण के परिवार में चौसिंगा, अधिकतर हिरण जिन्हें अंग्रेजी में मोस्ट डीयर कहा जाता है और अन्य को लाए जाने की तैयारी है।
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चिड़ियाघर में रविवार को खिलती धूप में वन्य प्राणियों को टहलते, लौटते, मौज-मस्ती करते देखने के लिए लगभग 2300 सैलानी पहुंचे। शुतुरमुर्ग, भालू, हिरण, लक्कड़ बग्गा और गीदड़ ने सैलानियों को आकर्षित किया। धीरा (बब्बर शेर) मचान पर धूप सेंकता दिखा और शेरनियां छोटी और सुधा दोपहर को घास पर लेटी रही। दूसरी ओर बाघ के बाड़े में अमर धूप में टहलता तो वहीं सागर और आशा धूप में सुस्ताते दिखे। सैलानियों ने बाघ को उसके नाम से पुकारा तो अमर ने पलट कर देखा, इसी पर सैलानी खुशी में सीटी बजाते नजर आए। बच्चों के साथ युवाओं व उनके अभिभावकों में वन्य प्राणियाें को देखने के लिए गजब का उत्साह देखने को मिला।
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वन्य प्राणी विभाग मुख्यालय की ओर से बिलासपुर से चौसिंगा लाने की इजाजत दी जा चुकी है। इस माह के अंत तक चौसिंगा लाने की कोशिश जारी है। मगर उससे पहले अन्य जलीय और वन्य प्राणी जैसे बब्बर शेर लाया जाएगा। - देवेंद्र हुड्डा, वन्य जीवन निरीक्षक, लघु चिड़ियाघर, वन्य प्राणी विभाग।