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Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   death from heart attack in hospital, officer escape responsibility

अस्पताल में हार्ट अटैक से मौत, जिम्मेदारी से बच रहे अधिकारी

Thu, 11 Sep 2014 02:52 AM IST
रोहतक
रोहतक Updated Thu, 11 Sep 2014 02:52 AM IST
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सिविल अस्पताल में बुधवार को उपचार के लिए आए 40 वर्षीय कंवल किशोर की हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई। मरीज के अस्पताल में होने के बावजूद भी उसे नहीं बचाया जा सका। जबकि जिम्मेदारी से बचने के लिए अधिकारी मामले पर कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। इमरजेंसी के एक चिकित्सक का कहना है कि मरीज को उनके पास मृत ही लाया गया था।
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सबसे बड़ा सवाल है कि आपात विभाग में मौके पर बुधवार को डी-फैब्यूलेटर नहीं मिला, जिससे शायद मरीज को बचाया जा सकता था। शहर के किला मोहल्ला निवासी कंवल किशोर की मौत अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के लिए सवाल बन गई है। अस्पताल में दिन में चर्चा रही कि कंवल सीने में दर्द की शिकायत की जांच कराने खुद किला मोहल्ला से अपने दो पहिया वाहन को चला कर अस्पताल में आया।
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अस्पताल में जांच पर्ची बनवाकर वह मेडिसन ओपीडी के बाहर खड़ा हो गया। इस दौरान उसे हर्ट अटैक हुआ और वह ओपीडी में ही गिर गया। वहीं, दूसरी ओर चर्चा रही कि मरीज आया, उसने चिकित्सक से जांच करवाई और दवा लेने के लिए कतार में खड़ा हुआ। इस दौरान उसे हर्ट अटैक हुआ और वह गिर गया।
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लेकिन चिकित्सकों का दावा है कि कंवल उनके पास सीधा आपात विभाग में ब्रॉड डेड ही लाया गया। बाद में उसके मोबाइल से परिजनों को सूचना दी गई। जब परिजन आए तो उनकी मांग पर बगैर पोस्ट मार्टम कराए शव उन्हें सौंप दिया गया। इस दौरान धर्मेंद्र, धर्मपाल, सुमित मोर्या, विक्की, भूषण शर्मा, जिम्मी और हरजीत सिंह उपस्थित रहे।

 
बेस्ट हास्पिटल का आवेदन, उपचार शून्य - सिविल अस्पताल ने एनएबीएच से बेस्ट हास्पिटल का सम्मान पाने के लिए आवेदन किया है, लेकिन उपचार के मामले में यहां व्यवस्थाएं शून्य हैं। आपात विभाग में मौके पर बुधवार को डी-फैब्यूलेटर का न मिलना हैरानी भरा रहा। या दूसरे शब्दों में कहें तो सामान्य अस्पताल प्रशासन यह भूल चुका है कि उनके पास भी कोई मरीज डी-फैब्यूलेटर (हृदय गति रुकने पर शॉक देने का यंत्र) की जरूरत का पहुंच सकता है। इसके विपरीत अस्पताल में उच्च स्तर के ऑपरेशन थियेटर बनाए जाने के दावे किए जा रहे हैं।

सीसीटीवी फुटेज से खुल सकता है राज - कंवल किशोर की मौत का राज अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से खुल सकता है। अगर यहां फुटेज खंगाली जाएं तो इस पहेली को सुलझाया जा सकता है।

वार्ड 14 के पार्षद पति नरौतामल भटनागर ने कहा कि कंवल किशोर 11 बजकर 40 मिनट पर किला मोहल्ला में मिला था। पांच मिनट उससे बात हुई। इसके बाद वह चला गया। बाद में पता चला कि वह अस्पताल में एक्सपायर हो गया है। कंवल को हृदय से संबंधित समस्या थी। उसके बडे़ भाई को भी हृदय से संबंधी समस्या है। कंवल आर्थिक रूप से कमजोर था। उसके साथ अस्पताल में कोई नहीं था, घटना कैसे घटी कोई जानकारी नहीं है।


सिविल अस्पताल के आरएमओ डॉ. वीरेंद्र अहलावत ने कहा कि कंवल किशोर आपात विभाग में ब्रॉड डेड आया था। परिजनों के आग्रह पर उन्हें शव सौंप दिया गया। डी-फैबूलेटर ऑपरेशन थियेटर में उपलब्ध था। हृदयाघात व्यक्ति को कभी भी व कहीं भी हो सकता है।
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