रोहतक: दहेज से तंग युवती ने शादी के 14 माह में ही दे दी थी जान, पति दोषी करार
अदालत में आरोपी यह साबित नहीं कर सका कि उसने अपनी पत्नी को तंग नहीं किया। डेढ़ माह के मासूम बेटे का मोह भी पीड़िता के कदम नहीं रोक सका था। एएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत में मामला चल रहा था।
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हरियाणा के रोहतक में शादी के मात्र 14 माह के अंदर युवती (23) ने दहेज उत्पीड़न से तंग आकर जान दे दी। डेढ़ माह के बेटे का मोह भी उसे आत्मघाती कदम उठाने से रोक नहीं सका। अदालत ने गुरुवार को उसके पति को दहेज हत्या का दोषी करार दिया है। सजा पर अब शुक्रवार को बहस होगी।
पीड़ित पक्ष के वकील मनोज मुंझाल ने बताया कि सांपला थाने में 2019 में एक व्यक्ति ने शिकायत दी कि उसने अपनी बेटी की शादी नवंबर 2017 में इस्माईला गांव निवासी मनोज के साथ की थी। शादी में उसने अपनी हैसियत के तहत दान-दहेज दिया था। बावजूद इसके मनोज व उसकी बहन उसकी बेटी को दहेज के लिए तंग करते थे।
कभी बाइक तो कभी नकद पैसे मांगे गए। इसी बीच उसकी बेटी मां बन गई, उसने बेटे को जन्म दिया। बावजूद इसके उसकी बेटी का उत्पीड़न कम नहीं हुआ। आखिरकार तंग आकर उसकी 23 वर्षीय बेटी ने जनवरी 2019 में फांसी लगाकर जान दे दी।
सांपला पुलिस ने दहेज हत्या का मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की। जांच में आरोपी मनोज की बहन को क्लीनचिट दे दी गई, जबकि मनोज को दहेज हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। तभी से उसके खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस चल रहा था। गुरुवार को अदालत ने मनोज को दोषी करार दिया। शुक्रवार को उसकी सजा पर बहस होगी। .
कोर्ट में आरोपी साबित नहीं कर सका कि उसने दहेज नहीं मांगा
पीड़ित पक्ष के वकील ने बताया कि शादी के सात साल के अंदर अगर दहेज उत्पीड़न या दहेज हत्या का केस दर्ज होता है तो आरोपी पक्ष को साबित करना होता है उसने ऐसा नहीं किया। केस के अंदर आरोपी यह साबित नहीं कर सका कि उसने दहेज नहीं मांगा। बल्कि गवाहों ने बताया कि आरोपी पक्ष दहेज मांगता था। इस कारण युवती उदास रहती थी।