{"_id":"56fd923e4f1c1b4750f00105","slug":"the-land-to-the-farmers-91-lakh-cheated","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान को जमीन नहीं दी, 91 लाख रुपये भी ठगे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
किसान को जमीन नहीं दी, 91 लाख रुपये भी ठगे
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 01 Apr 2016 02:40 AM IST
विज्ञापन
पकड़े गए आरोपी ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनीपत के एक किसान से साझेदारी में जमीन खरीदने के लिए 91 लाख रुपये ले लिए गए। उसकी न जमीन में साझेदारी की गई और न रुपये वापस लौटाए गए। किसान को दूसरी जगह जमीन देने का वादा किया गया, लेकिन वहां भी जमीन नहीं दी गई और रुपये भी लौटाने से इंकार कर दिया गया। इससे किसान ने रोहतक के रहने वाले व्यक्ति के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज कराया है।
सोनीपत के गोहाना में रहने वाले महावीर ने बताया कि उसने 29 सितंबर 2014 को रोहतक के घरौंठी गांव के खुशीराम उर्फ राजेश को जमीन खरीदने के लिए 91 लाख 4200 रुपये दिए थे। खुशीराम ने जमीन नहीं दिलाई और रुपये भी रख लिए। महावीर ने कई बार अपने रुपये मांगे तो घरौंठी में अपनी जमीन बेचने के लिए कहा गया।
इसकी रजिस्ट्री कराने के लिए भी महावीर तहसील में पहुंच गया। लेकिन काफी इंतजार करने के बावजूद खुशीराम वहां नहीं आया और उसके बाद उसने रुपये लौटाने से साफ इन्कार कर दिया। महावीर का आरोप है कि खुशीराम ने रुपये लेकर भी जमीन को किसी और को बेच दिया। इसके लिए आईजी के पास शिकायत दी गई, जिसमें आईजी ने कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद खुशीराम के खिलाफ सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस इसकी जांच में जुटी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोनीपत के गोहाना में रहने वाले महावीर ने बताया कि उसने 29 सितंबर 2014 को रोहतक के घरौंठी गांव के खुशीराम उर्फ राजेश को जमीन खरीदने के लिए 91 लाख 4200 रुपये दिए थे। खुशीराम ने जमीन नहीं दिलाई और रुपये भी रख लिए। महावीर ने कई बार अपने रुपये मांगे तो घरौंठी में अपनी जमीन बेचने के लिए कहा गया।
विज्ञापन
इसकी रजिस्ट्री कराने के लिए भी महावीर तहसील में पहुंच गया। लेकिन काफी इंतजार करने के बावजूद खुशीराम वहां नहीं आया और उसके बाद उसने रुपये लौटाने से साफ इन्कार कर दिया। महावीर का आरोप है कि खुशीराम ने रुपये लेकर भी जमीन को किसी और को बेच दिया। इसके लिए आईजी के पास शिकायत दी गई, जिसमें आईजी ने कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद खुशीराम के खिलाफ सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस इसकी जांच में जुटी है।
विज्ञापन