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बहन बोलीं: 6 महीने तक नहीं उठाया प्रोफेसर ने फोन, रिसीव हुआ तो मिली मौत की खबर
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 01 Nov 2015 02:11 AM IST
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करीब छह महीने पहले मोबाइल पर भाई ने दो मिनट के लिए मुझसे बात की थी। इसके बाद मैंने लगातार उनके मोबाइल पर कॉल की, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। रक्षाबंधन पर भाई को राखी भेजी तो भी मुझे कोई जवाब नहीं मिला। फिर अचानक मैंने शुक्रवार दोपहर को उनके मोबाइल पर कॉल की तो दूसरी तरफ से मेरा भाई नहीं बल्कि पुलिस की आवाज आई। दिल दहला देने वाले खबर मिली कि भाई ने परिवार सहित दुनिया छोड़ दी। अब लगता है शायद इसी वजह से वे हमसे दूर होते जा रहे थे।
शुक्रवार को ओमेक्स सिटी में अपने फ्लैट पर बेटे और पत्नी सहित फंदे पर लटके मिले एमडीयू से रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. ए. के. शर्मा की बहन रेनू शर्मा इससे ज्यादा और कुछ नहीं बोल सकीं। शनिवार सुबह मेरठ निवासी रेनू और मृतक प्रोफेसर का छोटा भाई अतुल शर्मा बिजनौर से पीजीआई के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बिजनौर स्थित चाहश्रीरि मोहल्ले में रहने वाले प्रोफेसर के छोटे भाई अतुल का बिजनौर में किरयाना स्टोर है। डॉ. शर्मा गोल्ड मेडलिस्ट थे।
अपने परिवार तक सीमित हो गया था प्रोफेसर
प्रोफेसर पिछले कई वर्षों से केवल अपने परिवार तक ही सीमित हो गया थे। 1980 में एमडीयू में नौकरी लगने के बाद वे एक या दो बार ही बिजनौर स्थित अपने पुश्तैनी मकान पर गए थे। परिवार के सदस्यों की मानें तो प्रोफेसर अपने पिता के अंतिम संस्कार पर भी नहीं गए थे। दो तीन दिन बाद वे बिजनौर पहुंचे थे। पिछले एक महीने से तो पूर्व प्रोफे सर ने किसी मोहल्ले वाले से भी बात नहीं की थी।
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शाम को अंतिम संस्कार
पुलिस ने परिजनों के रोहतक पहुंचने पर डॉक्टरों के बोर्ड से मृतकों का पोस्टमार्टम कराया। शाम को तीनों शवोें का शीला बाईपास स्थित रामबाम श्मशान घाट में दाह संस्कार किया गया।
सवाल- कौन संभालेगा प्रोफेसर की प्रॉपर्टी
प्रोफेसर के इकलौते बेटे की मौत के साथ ही एक सवाल खड़ा हो गया है कि अब उनके ओमेक्स सिटी स्थित मकान और अन्य प्रॉपर्टी का वारिस कौन होगा। सूत्रों की मानें तो प्रोफेसर ने मकान के दस्तावेजों में अपनी पत्नी सुधा शर्मा को नोमिनी बना रखा था।
ये है मामला
शुक्रवार को ओमेक्स सिटी स्थित आवास पर पूर्व प्रोफेसर अशोक कुमार शर्मा, उनकी पत्नी सुधा शर्मा और बेटे अंकुश कौशिक के शव लटके मिले थे। घर में मिले तीनों सुसाइड नोट में 26 अक्तूबर की तारीख लिखी थी। सुसाइड नोट में फिजिक्स के पूर्व प्रोफेसर और उनकी हाउस वाइफ पत्नी ने अपनी ब्लड कैंसर, हार्ट और किडनी की बीमारी से तंग आने का हवाला दिया था। वहीं, बैंक में नौकरी करने वाले बेटे ने अपने मां-बाप से बेतहाशा प्यार होने के कारण अकेले नहीं रह सकने की बात लिखी है। शवों के बुरी तरह से सड़ने के बाद बदबू बढ़ने पर पड़ोसियों ने पुलिस को बुलाया तो उनकी मौत का खुलासा हुआ था।
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शुक्रवार को ओमेक्स सिटी में अपने फ्लैट पर बेटे और पत्नी सहित फंदे पर लटके मिले एमडीयू से रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. ए. के. शर्मा की बहन रेनू शर्मा इससे ज्यादा और कुछ नहीं बोल सकीं। शनिवार सुबह मेरठ निवासी रेनू और मृतक प्रोफेसर का छोटा भाई अतुल शर्मा बिजनौर से पीजीआई के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बिजनौर स्थित चाहश्रीरि मोहल्ले में रहने वाले प्रोफेसर के छोटे भाई अतुल का बिजनौर में किरयाना स्टोर है। डॉ. शर्मा गोल्ड मेडलिस्ट थे।
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अपने परिवार तक सीमित हो गया था प्रोफेसर
प्रोफेसर पिछले कई वर्षों से केवल अपने परिवार तक ही सीमित हो गया थे। 1980 में एमडीयू में नौकरी लगने के बाद वे एक या दो बार ही बिजनौर स्थित अपने पुश्तैनी मकान पर गए थे। परिवार के सदस्यों की मानें तो प्रोफेसर अपने पिता के अंतिम संस्कार पर भी नहीं गए थे। दो तीन दिन बाद वे बिजनौर पहुंचे थे। पिछले एक महीने से तो पूर्व प्रोफे सर ने किसी मोहल्ले वाले से भी बात नहीं की थी।
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शाम को अंतिम संस्कार
पुलिस ने परिजनों के रोहतक पहुंचने पर डॉक्टरों के बोर्ड से मृतकों का पोस्टमार्टम कराया। शाम को तीनों शवोें का शीला बाईपास स्थित रामबाम श्मशान घाट में दाह संस्कार किया गया।
सवाल- कौन संभालेगा प्रोफेसर की प्रॉपर्टी
प्रोफेसर के इकलौते बेटे की मौत के साथ ही एक सवाल खड़ा हो गया है कि अब उनके ओमेक्स सिटी स्थित मकान और अन्य प्रॉपर्टी का वारिस कौन होगा। सूत्रों की मानें तो प्रोफेसर ने मकान के दस्तावेजों में अपनी पत्नी सुधा शर्मा को नोमिनी बना रखा था।
ये है मामला
शुक्रवार को ओमेक्स सिटी स्थित आवास पर पूर्व प्रोफेसर अशोक कुमार शर्मा, उनकी पत्नी सुधा शर्मा और बेटे अंकुश कौशिक के शव लटके मिले थे। घर में मिले तीनों सुसाइड नोट में 26 अक्तूबर की तारीख लिखी थी। सुसाइड नोट में फिजिक्स के पूर्व प्रोफेसर और उनकी हाउस वाइफ पत्नी ने अपनी ब्लड कैंसर, हार्ट और किडनी की बीमारी से तंग आने का हवाला दिया था। वहीं, बैंक में नौकरी करने वाले बेटे ने अपने मां-बाप से बेतहाशा प्यार होने के कारण अकेले नहीं रह सकने की बात लिखी है। शवों के बुरी तरह से सड़ने के बाद बदबू बढ़ने पर पड़ोसियों ने पुलिस को बुलाया तो उनकी मौत का खुलासा हुआ था।