फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   rohtak, Woman death in mysterious circumstances, pyre body, pgi, haryana rohtak

पीजीआई में भर्ती छह बेटियों की मां की संदिग्ध हालात में मौत, पुलिस ने चिता से उठवाया शव

Thu, 26 May 2016 01:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 26 May 2016 01:56 AM IST
विज्ञापन
rohtak, Woman death in mysterious circumstances, pyre body, pgi, haryana rohtak
शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते लोग - फोटो : amar ujala
छठी बेटी को जन्म देने के बाद अचानक तबियत खराब होने पर पीजीआई में भर्ती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पीजीआई के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। महिला के भाई का आरोप है कि डाक्टर ने उसको थप्पड़ मारा और वार्ड से बाहर निकाल दिया। यही नहीं जगह की कमी का हवाला देते हुए पीजीआई प्रशासन ने बुधवार सुबह शव को परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजन शव का दाह संस्कार करने श्मशान घाट पहुंचे तो वहां पुलिस आ गई। पुलिस ने अंतिम संस्कार रुकवाकर महिला के शव को चिता से उठवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन


पाड़ा मोहल्ला निवासी कमलजीत ने बताया कि उसकी बहन गीता (37) को पांच बेटियां हैं। गीता ने 23 मई की रात घर में ही छठी बेटी को जन्म दिया। लेकिन प्रसव के कुछ देर बाद ही अधिक रक्तस्राव होने से गीता की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद परिजनों ने गीता को रात में ही पीजीआईएमएस में भर्ती कराया। कमलजीत ने बताया कि डॉक्टरों ने गीता का रक्तस्राव रोकने के लिए ऑपरेशन कर दिया। इसके बाद मंगलवार को दिनभर गीता की तबियत ठीक रही। रात अचानक गीता को फिर खून बहना शुरू हो गया। इस पर डॉक्टरों ने उसका फिर ऑपरेशन कर दिया। कमलजीत का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद एक भी डॉक्टर ने गीता की सुध नहीं ली। जबकि गीता का खून लगातार बह रहा था। कमलजीत का आरोप है कि जब एक डॉक्टर वार्ड में आया तो उसने गीता को चेक करने की मांग की। इस पर डाक्टर ने कमलजीत को थप्पड़ जड़ दिया और वार्ड से बाहर धक्का दे दिया। कमलजीत का आरोप है कि इसके बाद 25 मई बुधवार की सुबह तक कोई भी डाक्टर गीता की सुध लेने नहीं आया। दोपहर को गीता की मौत हो गई। गीता की मौत के कुछ देर बाद ही पीजीआई प्रशासन ने जगह नहीं होने की बात कहकर गीता का शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव लेकर चले गए।
विज्ञापन


श्मशान घाट पहुंची पुलिस

जब परिजन गीता का दाह संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे तो किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। जानकारी मिलते ही पीजीआई थाने की पुलिस श्मशान घाट पहुंच गई। पुलिस ने परिजनों से घटना के बारे में बात की। इसके बाद पुलिस ने चिता से शव को उठवाया और पोस्टमार्टम के लिए डैड हाउस भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


झज्जर में हुई थी शादी, 15 साल से रह रही थी मायके में

गीता की शादी झज्जर के एक गांव निवासी होशियार सिंह से हुई थी। वह करीब 15 साल से अपने भाई के साथ पाड़ा मोहल्ले में रह रही थी। गीता की पांच बेटियां पहले से हैं। छठी के जन्म पर उसकी मौत हो गई। हालांकि नवजात बच्ची की हालत ठीक है। लेकिन पैदा होेते ही उसके सिर से मां का साया उठ गया। गीता की किसी भी बेटी की शादी अभी नहीं हुई है।

अज्ञात ने शिकायत की तो श्मशान पहुंची पुलिस

मामले में महिला के परिजनों का कहना है कि उन्होंने घटना के बारे में किसी पुलिस अधिकारी को नहीं बताया। पीजीआई थाना प्रभारी कुलदीप का कहना है कि किसी अज्ञात की शिकायत पर पुलिस श्मशान घाट पहुंची थी। एसएचओ ने कहा कि परिजनों की तरफ से डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत मिली है। जांच पड़ताल के बाद डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।


बोर्ड ने किया महिला का पोस्टमार्टम

पीजीआईएमएस पर महिला के उपचार में लापरवाही बरतने के आरोपों के बाद फोरेंसिक विभाग के बोर्ड ने देर शाम पोस्टमार्टम कर शव परिजनों के हवाले कर दिया। विभाग ने इसके लिए डॉ. कुणाल खन्ना, डॉ. तरुण डागर और डॉ. अविनाश को जिम्मेदारी दी थी। शव का विसरा रख लिया गया है। हिस्टोपैथोलोजिकल और बॉयोलोजिकल केमिकल जांच के बाद मौत के कारणों का पता लगाया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed