{"_id":"589251cc4f1c1b7c3de83858","slug":"rohtak-haryana-crime","type":"story","status":"publish","title_hn":"मामा को मोहरा बनाकर लोगों से ठगे करोड़ों, फिर भांजे ने मामा को ठगा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मामा को मोहरा बनाकर लोगों से ठगे करोड़ों, फिर भांजे ने मामा को ठगा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 02 Feb 2017 02:53 AM IST
विज्ञापन
मामा भांजे ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर सांपला के व्यक्ति से ठगे थे 10 लाख
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों ने करोड़ों की ठगी कर चुके मामा भांजे में से पुलिस ने आरोपी मामा को दबोच लिया है। सांपला थाना पुलिस के एसआई राजकुमार ने अपनी टीम के साथ आरोपी मामा गुरुप्रसाद को दिल्ली नजफगढ़ थाने के सामने से तीस जनवरी को गिरफ्तार कर लिया। मूलरूप से बिहार के छपरा निवासी गुरुप्रसाद काफी समय से दिल्ली के नजफगढ़ के गोला डेयरी में ब्लॉक एफ 1 में रहता था। मामा ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि भांजे ने ही उसे मोहरा बनाकर करोड़ों की ठगी की। फिर भांजे ने अपने मामा से भी लाखों रुपये ठग लिये। पुलिस ने आरोपी मामा को बुधवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
दरअसल, 17 नवंबर 2016 को खेड़ी सांपला निवासी भोला राम ने पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह खेतीबाड़ी करके परिवार का गुजारा करते हैं। एक साल पहले उनका एक परिचित सांपला में आरोपी सौरभ और गुरुप्रसाद को लेकर आया। भोला राम ने अपने भतीजे तरुण की नौकरी लगवाने की बात शुरू की तो आरोपियों ने कहा कि उनकी रेलवे में अच्छी पकड़ है। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि वे तरुण की रेलवे के आईटी विभाग में नौकरी लगवा देंगे। आरोपी सौरभ ने कहा कि वह खुद भी रेलवे के आईटी विभाग में नौकरी करता है। इस तरह आरोपियों ने भोला राम को झांसे में ले लिया। आरोपियों ने नौकरी लगवाने के एवज में भोला राम से 10 लाख रुपये मांगे। भोला राम ने थोड़ा थोड़ा करके सारी रकम आरोपियों को दी। लेकिन आरोपियों ने न तो नौकरी लगवाई और न ही रुपये वापस किए। बाद में आरोपियों ने अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया था। आरोपियों ने अपने दिल्ली के पते के बारे में भी कु छ नहीं बताया था। इस संबंध में सांपला थाने में दिल्ली के सौरभ सिंह और गुरुप्रसाद के खिलाफ धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज किया था।
जयपुर पहुुंचकर हुआ था फर्जी ज्वाइनिंग का खुलासा
जब आधे रुपये आरोपियों के हाथ में चले गए तो उन्होंने तरुण को ज्वाइनिंग लेटर भेजा। इसमें लिखा था कि राजस्थान के जयपुर में जाकर रिपोर्ट करें। ज्वाइनिंग लेटर भेजने के बाद आरोपियों ने शेष रकम भी हड़प ली। जब तरुण ज्वाइनिंग लेटर लेकर जयपुर पहुंचा तो वह अधिकारियों की बात सुनकर हैरान रह गया। यहां खुलासा हुआ कि ज्वाइनिंग लेटर फर्जी है। इस तरह की कोई भर्ती नहीं हुई है।
विज्ञापन
मुंहबोले भांजे ने मामा को भी नहीं बख्शा
पुलिस पूछताछ में गुरुप्रसाद ने खुलासा किया कि सौरभ उसके दोस्त का भांजा है। आरोपी ने बताया कि सौरभ ने उसे झांसे में लेकर कई लोगों से ठगी करवाई। गुरुप्रसाद ने बताया कि उसने भी सौरभ को अपनी साली और साले की नौकरी लगवाने के एवज में तीन लाख रुपये दे रखे थे। लेकिन जब साले साली की नौकरी नहीं लगी तो उसने रुपये मांगने शुरू कर दिये। उसका आरोप है कि सौरभ ने साजिश रचकर उसे केस में फंसा दिया।
प्लानिंग करके करते थे ठगी, फिर हो जाते थे फरार
आरोपी पूरी प्लानिंग के तहत ठगी करते थे। आरोपी गुरुप्रसाद ने बताया कि वे पहले तो व्यक्ति को झांसे में लेकर उसके दोस्त व रिश्तेदारों तक पहुंच बनाते और इसके बाद उन्हें झांसे में फंसा लेते। इसी तरह आरोपी ठगी को अंजाम देते और फरार हो जाते।
आरोपी से छह फर्जी ज्वाइनिंग लेटर बरामद
मामा भांजे के बीच लोगों से ठगी करके दिल्ली में एक घर लेने की बात हुई। गुरुप्रसाद ने बताया कि सौरभ ने एक क्लाइंट लाने पर 50 हजार रुपये देने की बात कही थी। करीब 10 लोगों को झांसे में लेकर गुरुप्रसाद ने सौरभ के पास भेज भी दिया था। मगर गुरुप्रसाद का कहना है कि सौरभ ने उसे एक भी रुपया नहीं दिया। पुलिस ने आरोपी गुरुप्रसाद के पास से करीब छह फर्जी ज्वाइनिंग लेटर बरामद किये हैं।
सौरभ के पिता केंद्रीय मंत्री के करीबी, पटना हाईकोर्ट में हैं वकील
गुरुप्रसाद की मानें तो मास्टरमाइंड सौरभ के पिता पटना हाईक ोर्ट में जाने माने वकील हैं। उसके पिता बिहार से ताल्लुक रखने वाले एक केंद्रीय मंत्री के भी करीबी हैं। गुरुप्रसाद ने बताया कि सौरभ दक्षिणी दिल्ली के सफदरजंग में किराये के मकान में रहता था। यहीं से सारे मामले को ऑपरेट करता था। यहां पर उसने कई नौकर भी रखे हुए थे। वह पूरी तरह से आराम की जिंदगी जीता था।
वर्जन
आरोपी गुरुप्रसाद ने रिमांड अवधि में सौरभ के बारे में काफी सूचना दी है। जल्द ही पुलिस बिहार में जाकर आरोपी की तलाश मेें छापेमारी करेगी। साथ ही आरोपी गुरुप्रसाद से बरामद किये गये फर्जी ज्वाइनिंग लेटर को लेकर भी जांच पड़ताल की जा रही है। ताकि पता चल सके कि यह किसे भेजे जाने थे।
राजकुमार, एएसआई एवं जांच अधिकारी।
विज्ञापन
दरअसल, 17 नवंबर 2016 को खेड़ी सांपला निवासी भोला राम ने पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह खेतीबाड़ी करके परिवार का गुजारा करते हैं। एक साल पहले उनका एक परिचित सांपला में आरोपी सौरभ और गुरुप्रसाद को लेकर आया। भोला राम ने अपने भतीजे तरुण की नौकरी लगवाने की बात शुरू की तो आरोपियों ने कहा कि उनकी रेलवे में अच्छी पकड़ है। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि वे तरुण की रेलवे के आईटी विभाग में नौकरी लगवा देंगे। आरोपी सौरभ ने कहा कि वह खुद भी रेलवे के आईटी विभाग में नौकरी करता है। इस तरह आरोपियों ने भोला राम को झांसे में ले लिया। आरोपियों ने नौकरी लगवाने के एवज में भोला राम से 10 लाख रुपये मांगे। भोला राम ने थोड़ा थोड़ा करके सारी रकम आरोपियों को दी। लेकिन आरोपियों ने न तो नौकरी लगवाई और न ही रुपये वापस किए। बाद में आरोपियों ने अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया था। आरोपियों ने अपने दिल्ली के पते के बारे में भी कु छ नहीं बताया था। इस संबंध में सांपला थाने में दिल्ली के सौरभ सिंह और गुरुप्रसाद के खिलाफ धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
जयपुर पहुुंचकर हुआ था फर्जी ज्वाइनिंग का खुलासा
जब आधे रुपये आरोपियों के हाथ में चले गए तो उन्होंने तरुण को ज्वाइनिंग लेटर भेजा। इसमें लिखा था कि राजस्थान के जयपुर में जाकर रिपोर्ट करें। ज्वाइनिंग लेटर भेजने के बाद आरोपियों ने शेष रकम भी हड़प ली। जब तरुण ज्वाइनिंग लेटर लेकर जयपुर पहुंचा तो वह अधिकारियों की बात सुनकर हैरान रह गया। यहां खुलासा हुआ कि ज्वाइनिंग लेटर फर्जी है। इस तरह की कोई भर्ती नहीं हुई है।
विज्ञापन
मुंहबोले भांजे ने मामा को भी नहीं बख्शा
पुलिस पूछताछ में गुरुप्रसाद ने खुलासा किया कि सौरभ उसके दोस्त का भांजा है। आरोपी ने बताया कि सौरभ ने उसे झांसे में लेकर कई लोगों से ठगी करवाई। गुरुप्रसाद ने बताया कि उसने भी सौरभ को अपनी साली और साले की नौकरी लगवाने के एवज में तीन लाख रुपये दे रखे थे। लेकिन जब साले साली की नौकरी नहीं लगी तो उसने रुपये मांगने शुरू कर दिये। उसका आरोप है कि सौरभ ने साजिश रचकर उसे केस में फंसा दिया।
प्लानिंग करके करते थे ठगी, फिर हो जाते थे फरार
आरोपी पूरी प्लानिंग के तहत ठगी करते थे। आरोपी गुरुप्रसाद ने बताया कि वे पहले तो व्यक्ति को झांसे में लेकर उसके दोस्त व रिश्तेदारों तक पहुंच बनाते और इसके बाद उन्हें झांसे में फंसा लेते। इसी तरह आरोपी ठगी को अंजाम देते और फरार हो जाते।
आरोपी से छह फर्जी ज्वाइनिंग लेटर बरामद
मामा भांजे के बीच लोगों से ठगी करके दिल्ली में एक घर लेने की बात हुई। गुरुप्रसाद ने बताया कि सौरभ ने एक क्लाइंट लाने पर 50 हजार रुपये देने की बात कही थी। करीब 10 लोगों को झांसे में लेकर गुरुप्रसाद ने सौरभ के पास भेज भी दिया था। मगर गुरुप्रसाद का कहना है कि सौरभ ने उसे एक भी रुपया नहीं दिया। पुलिस ने आरोपी गुरुप्रसाद के पास से करीब छह फर्जी ज्वाइनिंग लेटर बरामद किये हैं।
सौरभ के पिता केंद्रीय मंत्री के करीबी, पटना हाईकोर्ट में हैं वकील
गुरुप्रसाद की मानें तो मास्टरमाइंड सौरभ के पिता पटना हाईक ोर्ट में जाने माने वकील हैं। उसके पिता बिहार से ताल्लुक रखने वाले एक केंद्रीय मंत्री के भी करीबी हैं। गुरुप्रसाद ने बताया कि सौरभ दक्षिणी दिल्ली के सफदरजंग में किराये के मकान में रहता था। यहीं से सारे मामले को ऑपरेट करता था। यहां पर उसने कई नौकर भी रखे हुए थे। वह पूरी तरह से आराम की जिंदगी जीता था।
वर्जन
आरोपी गुरुप्रसाद ने रिमांड अवधि में सौरभ के बारे में काफी सूचना दी है। जल्द ही पुलिस बिहार में जाकर आरोपी की तलाश मेें छापेमारी करेगी। साथ ही आरोपी गुरुप्रसाद से बरामद किये गये फर्जी ज्वाइनिंग लेटर को लेकर भी जांच पड़ताल की जा रही है। ताकि पता चल सके कि यह किसे भेजे जाने थे।
राजकुमार, एएसआई एवं जांच अधिकारी।