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दीपक का काला अध्याय सलाखों के अंधेरे में पहुंचा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 20 Jun 2016 01:56 AM IST
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व्यापारी खट्टर को गोली मारने और व्यापारियों से रंगदारी मांगने वाला दीपक दो साथियों सहित गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
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पिछले करीब सात माह से हत्या, हत्या का प्रयास और रंगदारी मांगकर व्यापारियों में दहशत पैदा करके पुलिस की नाक में दम करने वाला दीपक उर्फ काला उर्फ दादा कुख्यात गैंगस्टर बनना चाहता था। दसवीं पास दीपक करीब दो साल वॉशिंग मशीन रिपेयरिंग का काम सीखने के बाद गांव में रिपेयरिंग की दुकान तो खोली, लेकिन जिस दुकान में काम सीखा उस दुकानदार से रंजिश नहीं भुला पाया। 6 मई को दिनदहाड़े व्यापारी को उसकी ही दुकान में घुसकर गोली मार दी। इससे पहले वह हत्या का प्रयास, हत्या और चोरी की वारदातें कर चुका था।
रंगदारी के लिए कुछ व्यापारियों को खत भी लिख चुका था। लेकिन पालिका बाजार में कारोबारी को गोली मारने के बाद जब वह 25 हजार का इनामी हो गया तो रंगदारी के लिए व्यापारियों को ताबड़तोड़ खत लिख डाले वह भी अपने नाम से। कानून-व्यवस्था के लिए मुसीबत बने दीपक को पकड़ने के लिए पुलिस सक्रिय हुई तो रविवार को उसके के सात माह के काले कारनामों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। छह मई को पालिका बाजार में दिनदहाड़े व्यापारी कृष्णलाल खट्टर को गोली मारने के आरोप में पुलिस ने मास्टर माइंड किलोई निवासी दीपक उर्फ काला उर्फ दादा को उसके साथी साहब सिंह उर्फ साहबला और सोनीपत के रिढाणा निवासी विनोद उर्फ मोनू को गिरफ्तार करके रविवार को कोर्ट में पेश किया। यहां से तीनों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसपी का कहना है कि 25 हजार के इनामी दीपक पैसे नहीं देने की वजह से व्यापारी कृष्णलाल खट्टर से रंजिश रखता था। इसी वजह से उसने उसे गोली मारी। उसने शहर के नामी शोरूम संचालकों को खत भेजकर करोड़ों रुपये मांगे थे। अब कुछ स्कूल संचालकों और ज्वैलर्स को रंगदारी के खत भेजे हैं, लेकिन खत पहुंचने से पहले ही वह दो साथियों के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
यूं पकड़े गए बदमाश
पुलिस के अनुसार पालिका बाजार में 6 मई को व्यापारी कृष्णलाल खट्टर को गोली मारने के बाद दीपक भाग गया। पुलिस ने उसकी तलाश में छापे मारे, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पुलिस को शनिवार रात को सूचना मिली कि दीपक साथियों के साथ बाइक पर हथियार लेकर पुरानी आईटीआई मैदान के आसपास घूम रहा है। इस पर पुलिस ने नाकेबंदी कर वाहनों की पड़ताल शुरू कर दी। जब पुलिस ने दीपक को नाके पर रुकने का इशारा किया तो वह बाइक छोड़कर भागने लगा। पुलिस ने घेरेबंदी कर तीनों को दबोच लिया। रिमांड अवधि में आरोपियों से अन्य साथियों और ठिकानों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने उनसे कई जगहों की निशानदेही भी करवाएगी। पुलिस ने उनसे बाइक सहित कई अवैध हथियार बरामद किए हैं। दीपक से एक देसी पिस्तौल व तीन कारतूस, साहब सिंह और विनोद में से प्रत्येक से एक पिस्तौल व एक कारतूस जब्त किया है। आरोपी ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए गोहाना में टीवी केबल का काम भी शुरू कर दिया था।
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15 दिन पहले हो गई थी दीपक की पहचान
पुलिस ने बताया कि व्यापारी कृष्णलाल ने किसी पर शक जाहिर करने से इनकार कर दिया तो पुलिस अपने स्तर पर आरोपियों की तलाश में जुट गई। करीब 15 दिन पहले पुलिस के हाथ दीपक की एक फोटो लग गई। इसके बाद पुलिस को पता चला कि दीपक ने व्यापारी की दुकान पर काम किया है। फिर पुलिस ने वारदात वाले दिन की सीसीटीवी फु टेज से उसकी फोटो का मिलान किया। व्यापारी से उसकी शिनाख्त कराई। तब जाकर पुलिस को दीपक के खिलाफ सबूत मिला।
व्यापारी की दुकान पर काम करता था दीपक
एसपी शशांक आनंद ने बताया कि मास्टर माइंड दीपक वर्ष 2010 से 2012 तक पालिका बाजार में व्यापारी कृष्णलाल खट्टर की दुकान पर वाशिंग मशीन रिपेयरिंग का काम करता था। बाद में किसी लेन-देन पर व्यापारी और दीपक के बीच अनबन हो गई। इस पर दीपक ने कृष्णलाल से रंजिश ठान ली। इसके बाद दीपक ने किलोई अड्डे पर वॉशिंग मशीन रिपेयर की दुकान खोल ली लेकिन वह कृष्णलाल से रंजिश को नहीं भूला। वारदात के समय दीपक का दोस्त मोनू बाइक चला रहा था, जबकि तीसरा साथी साहब सिंह उसके साथियों पर नजर रखे था।
व्यापारियों को भेजे थे दहशत भरे 14 खत
दीपक ने अपराध जगत में अपना नाम फैलाने और बड़े व्यापारियों के बीच अपने नाम की दहशत पैदा करने के लिए धमक ी भरे 14 खत लिखे। खास बात यह है कि दीपक ने कई खतों को अपने नाम से व्यापारियों के पास भेजा। नाम के आधार पर ही पुलिस ने आसपास के संदिग्ध के रिकार्ड को खंगालना शुरू किया। इसके बाद साइबर सेल की मदद से संदिग्धों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की जा रही थी। इसके बाद पुलिस के हाथ सफलता लगी।
पालिका बाजार के अन्य व्यापारी को भी मिला था धमकी भरा पत्र
दीपक ने व्यापारी कृष्णलाल के पक्ष में खड़े होने वाले पालिका बाजार के एक अन्य व्यापारी को भी उसके परिवार की हत्या की धमकी दी थी। दीपक ने डाकघर से व्यापारी को खत भेजकर कहा था कि यदि वह कृष्ण के साथ रहा तो उसके परिवार की हत्या कर देगा। इसके बाद व्यापारी ने पुलिस को मामले की जानकारी दी थी, लेकिन नाम सार्वजनिक होने के डर से एफआईआर दर्ज नहीं करवाई थी।
विस्फोट के मामले में भी भूमिका संदिग्ध
सूत्रों की मानें तो दीपक और उसके साथियों के नाम प्रदेश में पिछले दिनों रोडवेज बसों में हुए विस्फोट में भी सामने आ रहे हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। इस मामले में यूपी के एक आरोपी से भी दीपक के संबंध बताए जा रहे हैं। एसपी का कहना है कि रिमांड अवधि में बदमाशों से सभी बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। अभी तक विस्फोट में संलिप्तता के पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं। बता दें कि प्रदेश में पिछले दिनों पानीपत, फतेहाबाद और पीपली में बम विस्फोट हुए थे। जिले से बाहर के एक मर्डर के मामले में भी दीपक का नाम सामने आ रहा है। उसके बारे में पुलिस छानबीन कर रही है।
दूसरे प्रदेशों से भेजता था धमकी भरे खत
पुलिस की नजरों से बचने के लिए दीपक दूसरे प्रदेशों में जाकर डाकघरों से व्यापारियों को धमकी भरे खत भेजकर रंगदारी मांगता था। दीपक ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के शहरों से व्यापारियों को खत पोस्ट किए। अब पुलिस दीपक को निशानदेही के लिए हर शहर लेकर जाएगी।
अन्य प्रदेशों की पुलिस भी करेगी पूछताछ
दीपक से अब उन प्रदेशों की पुलिस भी पूछताछ करेगी जहां से उसने व्यापारियों को खत भेजे थे। एसपी ने बताया कि दीपक ने जिन शहरों में जाकर खत भेजे वहां उसके ठिकाने और साथियों के बारे में पता करने के लिए संबंधित पुलिस को सूचना दी जाएगी।
दूसरे प्रदेशों से आ रहे अवैध हथियारों ने बढ़ाई चिंता
आरोपियों से भारी संख्या में मिल रहे अवैध हथियारों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। एसपी ने बताया कि जिले में आरोपियों से मिलने वाले अधिकतर हथियार उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश में बने हैं।
दीपक का भाई जेल में
पुलिस के मुताबिक हत्या, लूट और हत्या के प्रयास के कई मामलों में दीपक वांछित है। इनमें से कई मामलों में उसे भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका है। दीपक ने गांव के स्कू ल से 10वीं पास की थी। उसका एक भाई गांव में किराना की दुकान चलाता है। जबकि छोटा भाई मनीष हत्या के एक मामले में जेल में बंद है। हालांकि दीपक के परिवार के अन्य सदस्यों का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है।
इन वारदात का खुलासा
1: नवंबर 2015 में साथियों सुनील उर्फ सरकारी और हन्नी निवासी किलोई के साथ मिलकर किलोई गांव में डॉक्टर यशबीर पर फरसे और लाठियों से हमला कर दिया था। इसके बाद आरोपी पर सदर थाने में केस दर्ज किया गया था।
2: 18 मार्च 2016 को भालौठ के सरकारी स्कूल में नकल रोकने का प्रयास कर रहे मंजीत की हत्या कर दी गई थी, एक अन्य घायल हो गया था। मामले में भी दीपक का नाम सामने आया था। दीपक सहित अन्य पर केस दर्ज किया गया था।
3: 29 अप्रैल 2016 को दीपक ने भिवानी रेलवे स्टेशन के नजदीक से एक बाइक चोरी की थी। इस पर भिवानी थाने में केस दर्ज किया गया था।
4: दीपक ने साथियों के साथ 6 मई को व्यापारी कृष्णलाल खट्टर को गोली मारी थी। इस संबंध में सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया था।
5 : मई 2016 में जगमोहन मोटर्स के मालिक जगमोहन मित्तल को धमकी भरा खत भेजकर 10 करोड़ की रंगदारी मांगी थी।
6 : अप्रैल 2016 में शीला सिनेप्लेक्स के मालिक अवतार सिंह कोचर उर्फ डोली सरदार को धमकी भरा पत्र भेजकर पांच करोड़ रुपये मांगे थे।
7 : अप्रैल 2016 में ही नरुला अस्पताल एवं लैब के मालिक डॉ. अरुण को धमकी भरा पत्र भेजकर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।
8 : मई 2016 में गिरीराज ज्वैलर्स के मालिक हेमंत बक्सी को धमकी भरा पत्र भेजकर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।
9 : 3 मई को पालिका बाजार रोहतक की रेफ्रिजरेटर की दुकान के मालिक सतपाल धींगड़ा को जान से मारने की धमकी दी थी।
छह और खत भेजे, जो व्यापारियों के पास आने शेष
एसपी ने बताया कि दीपक ने छह और खत व्यापारियों को भेजे हैं, जो अभी तक व्यापारियों तक नहीं पहुंचे हैं। जैसे ही ये खत व्यापारियों के पास पहुंचते हैं, इन मामलों में भी दीपक के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। दीपक ने इस बार ज्वैलर्स और स्कूल संचालकों को खत भेजे हैं।
साहब दोस्ती, तो मोनू लालच में फंसा
दीपक के साथी मोनू और साहब सिंह कई मामलों में वांछित हैं। विनोद उर्फ मोनू 7वीं पास करके अपराध की दुनिया में आ गया। वह रुपयों के लालच में दीपक से जुड़ गया। वहीं, साहब सिंह उर्फ साहबला ने ग्रेजुएशन कर रखी है। वह वर्ष 2009 से 2012 तक एक निजी बैंक में बीमा एजेंट था। दीपक से दोस्ती होने के बाद उसने अपराध जगत में कदम रखा।
पुलिस टीम होगी सम्मानित
एसपी ने आरोपियों को दबोचने वाली सीआईए-2 और साइबर सेल टीम की सराहना की है। विशेष तौर पर एसपी ने हेड कांस्टेबल संत कुमार, नवीन और कांस्टेबल विकास को प्रशंसा पत्र भेंट किया। उन्होंने कहा कि तीनों पुलिसकर्मियों के कॅरिअर को ध्यान में रखते हुए डीजीपी कार्यालय में उनकी संस्तुति भेजी जाएगी।
तीनों आरोपियों से रिमांड अवधि में अन्य वारदात के बारे में पूछताछ की जा रही है। किसी भी व्यापारी को डरने की आवश्यकता नहीं है। आरोपी से उसके अन्य साथियों के बारे में भी पता लगाया जा रहा हैै, ताकि अन्य बड़ी वारदात का भी खुलासा हो सके।
- शशांक आनंद, एसपी रोहतक।
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रंगदारी के लिए कुछ व्यापारियों को खत भी लिख चुका था। लेकिन पालिका बाजार में कारोबारी को गोली मारने के बाद जब वह 25 हजार का इनामी हो गया तो रंगदारी के लिए व्यापारियों को ताबड़तोड़ खत लिख डाले वह भी अपने नाम से। कानून-व्यवस्था के लिए मुसीबत बने दीपक को पकड़ने के लिए पुलिस सक्रिय हुई तो रविवार को उसके के सात माह के काले कारनामों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। छह मई को पालिका बाजार में दिनदहाड़े व्यापारी कृष्णलाल खट्टर को गोली मारने के आरोप में पुलिस ने मास्टर माइंड किलोई निवासी दीपक उर्फ काला उर्फ दादा को उसके साथी साहब सिंह उर्फ साहबला और सोनीपत के रिढाणा निवासी विनोद उर्फ मोनू को गिरफ्तार करके रविवार को कोर्ट में पेश किया। यहां से तीनों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसपी का कहना है कि 25 हजार के इनामी दीपक पैसे नहीं देने की वजह से व्यापारी कृष्णलाल खट्टर से रंजिश रखता था। इसी वजह से उसने उसे गोली मारी। उसने शहर के नामी शोरूम संचालकों को खत भेजकर करोड़ों रुपये मांगे थे। अब कुछ स्कूल संचालकों और ज्वैलर्स को रंगदारी के खत भेजे हैं, लेकिन खत पहुंचने से पहले ही वह दो साथियों के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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यूं पकड़े गए बदमाश
पुलिस के अनुसार पालिका बाजार में 6 मई को व्यापारी कृष्णलाल खट्टर को गोली मारने के बाद दीपक भाग गया। पुलिस ने उसकी तलाश में छापे मारे, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पुलिस को शनिवार रात को सूचना मिली कि दीपक साथियों के साथ बाइक पर हथियार लेकर पुरानी आईटीआई मैदान के आसपास घूम रहा है। इस पर पुलिस ने नाकेबंदी कर वाहनों की पड़ताल शुरू कर दी। जब पुलिस ने दीपक को नाके पर रुकने का इशारा किया तो वह बाइक छोड़कर भागने लगा। पुलिस ने घेरेबंदी कर तीनों को दबोच लिया। रिमांड अवधि में आरोपियों से अन्य साथियों और ठिकानों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने उनसे कई जगहों की निशानदेही भी करवाएगी। पुलिस ने उनसे बाइक सहित कई अवैध हथियार बरामद किए हैं। दीपक से एक देसी पिस्तौल व तीन कारतूस, साहब सिंह और विनोद में से प्रत्येक से एक पिस्तौल व एक कारतूस जब्त किया है। आरोपी ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए गोहाना में टीवी केबल का काम भी शुरू कर दिया था।
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15 दिन पहले हो गई थी दीपक की पहचान
पुलिस ने बताया कि व्यापारी कृष्णलाल ने किसी पर शक जाहिर करने से इनकार कर दिया तो पुलिस अपने स्तर पर आरोपियों की तलाश में जुट गई। करीब 15 दिन पहले पुलिस के हाथ दीपक की एक फोटो लग गई। इसके बाद पुलिस को पता चला कि दीपक ने व्यापारी की दुकान पर काम किया है। फिर पुलिस ने वारदात वाले दिन की सीसीटीवी फु टेज से उसकी फोटो का मिलान किया। व्यापारी से उसकी शिनाख्त कराई। तब जाकर पुलिस को दीपक के खिलाफ सबूत मिला।
व्यापारी की दुकान पर काम करता था दीपक
एसपी शशांक आनंद ने बताया कि मास्टर माइंड दीपक वर्ष 2010 से 2012 तक पालिका बाजार में व्यापारी कृष्णलाल खट्टर की दुकान पर वाशिंग मशीन रिपेयरिंग का काम करता था। बाद में किसी लेन-देन पर व्यापारी और दीपक के बीच अनबन हो गई। इस पर दीपक ने कृष्णलाल से रंजिश ठान ली। इसके बाद दीपक ने किलोई अड्डे पर वॉशिंग मशीन रिपेयर की दुकान खोल ली लेकिन वह कृष्णलाल से रंजिश को नहीं भूला। वारदात के समय दीपक का दोस्त मोनू बाइक चला रहा था, जबकि तीसरा साथी साहब सिंह उसके साथियों पर नजर रखे था।
व्यापारियों को भेजे थे दहशत भरे 14 खत
दीपक ने अपराध जगत में अपना नाम फैलाने और बड़े व्यापारियों के बीच अपने नाम की दहशत पैदा करने के लिए धमक ी भरे 14 खत लिखे। खास बात यह है कि दीपक ने कई खतों को अपने नाम से व्यापारियों के पास भेजा। नाम के आधार पर ही पुलिस ने आसपास के संदिग्ध के रिकार्ड को खंगालना शुरू किया। इसके बाद साइबर सेल की मदद से संदिग्धों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की जा रही थी। इसके बाद पुलिस के हाथ सफलता लगी।
पालिका बाजार के अन्य व्यापारी को भी मिला था धमकी भरा पत्र
दीपक ने व्यापारी कृष्णलाल के पक्ष में खड़े होने वाले पालिका बाजार के एक अन्य व्यापारी को भी उसके परिवार की हत्या की धमकी दी थी। दीपक ने डाकघर से व्यापारी को खत भेजकर कहा था कि यदि वह कृष्ण के साथ रहा तो उसके परिवार की हत्या कर देगा। इसके बाद व्यापारी ने पुलिस को मामले की जानकारी दी थी, लेकिन नाम सार्वजनिक होने के डर से एफआईआर दर्ज नहीं करवाई थी।
विस्फोट के मामले में भी भूमिका संदिग्ध
सूत्रों की मानें तो दीपक और उसके साथियों के नाम प्रदेश में पिछले दिनों रोडवेज बसों में हुए विस्फोट में भी सामने आ रहे हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। इस मामले में यूपी के एक आरोपी से भी दीपक के संबंध बताए जा रहे हैं। एसपी का कहना है कि रिमांड अवधि में बदमाशों से सभी बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। अभी तक विस्फोट में संलिप्तता के पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं। बता दें कि प्रदेश में पिछले दिनों पानीपत, फतेहाबाद और पीपली में बम विस्फोट हुए थे। जिले से बाहर के एक मर्डर के मामले में भी दीपक का नाम सामने आ रहा है। उसके बारे में पुलिस छानबीन कर रही है।
दूसरे प्रदेशों से भेजता था धमकी भरे खत
पुलिस की नजरों से बचने के लिए दीपक दूसरे प्रदेशों में जाकर डाकघरों से व्यापारियों को धमकी भरे खत भेजकर रंगदारी मांगता था। दीपक ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के शहरों से व्यापारियों को खत पोस्ट किए। अब पुलिस दीपक को निशानदेही के लिए हर शहर लेकर जाएगी।
अन्य प्रदेशों की पुलिस भी करेगी पूछताछ
दीपक से अब उन प्रदेशों की पुलिस भी पूछताछ करेगी जहां से उसने व्यापारियों को खत भेजे थे। एसपी ने बताया कि दीपक ने जिन शहरों में जाकर खत भेजे वहां उसके ठिकाने और साथियों के बारे में पता करने के लिए संबंधित पुलिस को सूचना दी जाएगी।
दूसरे प्रदेशों से आ रहे अवैध हथियारों ने बढ़ाई चिंता
आरोपियों से भारी संख्या में मिल रहे अवैध हथियारों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। एसपी ने बताया कि जिले में आरोपियों से मिलने वाले अधिकतर हथियार उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश में बने हैं।
दीपक का भाई जेल में
पुलिस के मुताबिक हत्या, लूट और हत्या के प्रयास के कई मामलों में दीपक वांछित है। इनमें से कई मामलों में उसे भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका है। दीपक ने गांव के स्कू ल से 10वीं पास की थी। उसका एक भाई गांव में किराना की दुकान चलाता है। जबकि छोटा भाई मनीष हत्या के एक मामले में जेल में बंद है। हालांकि दीपक के परिवार के अन्य सदस्यों का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है।
इन वारदात का खुलासा
1: नवंबर 2015 में साथियों सुनील उर्फ सरकारी और हन्नी निवासी किलोई के साथ मिलकर किलोई गांव में डॉक्टर यशबीर पर फरसे और लाठियों से हमला कर दिया था। इसके बाद आरोपी पर सदर थाने में केस दर्ज किया गया था।
2: 18 मार्च 2016 को भालौठ के सरकारी स्कूल में नकल रोकने का प्रयास कर रहे मंजीत की हत्या कर दी गई थी, एक अन्य घायल हो गया था। मामले में भी दीपक का नाम सामने आया था। दीपक सहित अन्य पर केस दर्ज किया गया था।
3: 29 अप्रैल 2016 को दीपक ने भिवानी रेलवे स्टेशन के नजदीक से एक बाइक चोरी की थी। इस पर भिवानी थाने में केस दर्ज किया गया था।
4: दीपक ने साथियों के साथ 6 मई को व्यापारी कृष्णलाल खट्टर को गोली मारी थी। इस संबंध में सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया था।
5 : मई 2016 में जगमोहन मोटर्स के मालिक जगमोहन मित्तल को धमकी भरा खत भेजकर 10 करोड़ की रंगदारी मांगी थी।
6 : अप्रैल 2016 में शीला सिनेप्लेक्स के मालिक अवतार सिंह कोचर उर्फ डोली सरदार को धमकी भरा पत्र भेजकर पांच करोड़ रुपये मांगे थे।
7 : अप्रैल 2016 में ही नरुला अस्पताल एवं लैब के मालिक डॉ. अरुण को धमकी भरा पत्र भेजकर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।
8 : मई 2016 में गिरीराज ज्वैलर्स के मालिक हेमंत बक्सी को धमकी भरा पत्र भेजकर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।
9 : 3 मई को पालिका बाजार रोहतक की रेफ्रिजरेटर की दुकान के मालिक सतपाल धींगड़ा को जान से मारने की धमकी दी थी।
छह और खत भेजे, जो व्यापारियों के पास आने शेष
एसपी ने बताया कि दीपक ने छह और खत व्यापारियों को भेजे हैं, जो अभी तक व्यापारियों तक नहीं पहुंचे हैं। जैसे ही ये खत व्यापारियों के पास पहुंचते हैं, इन मामलों में भी दीपक के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। दीपक ने इस बार ज्वैलर्स और स्कूल संचालकों को खत भेजे हैं।
साहब दोस्ती, तो मोनू लालच में फंसा
दीपक के साथी मोनू और साहब सिंह कई मामलों में वांछित हैं। विनोद उर्फ मोनू 7वीं पास करके अपराध की दुनिया में आ गया। वह रुपयों के लालच में दीपक से जुड़ गया। वहीं, साहब सिंह उर्फ साहबला ने ग्रेजुएशन कर रखी है। वह वर्ष 2009 से 2012 तक एक निजी बैंक में बीमा एजेंट था। दीपक से दोस्ती होने के बाद उसने अपराध जगत में कदम रखा।
पुलिस टीम होगी सम्मानित
एसपी ने आरोपियों को दबोचने वाली सीआईए-2 और साइबर सेल टीम की सराहना की है। विशेष तौर पर एसपी ने हेड कांस्टेबल संत कुमार, नवीन और कांस्टेबल विकास को प्रशंसा पत्र भेंट किया। उन्होंने कहा कि तीनों पुलिसकर्मियों के कॅरिअर को ध्यान में रखते हुए डीजीपी कार्यालय में उनकी संस्तुति भेजी जाएगी।
तीनों आरोपियों से रिमांड अवधि में अन्य वारदात के बारे में पूछताछ की जा रही है। किसी भी व्यापारी को डरने की आवश्यकता नहीं है। आरोपी से उसके अन्य साथियों के बारे में भी पता लगाया जा रहा हैै, ताकि अन्य बड़ी वारदात का भी खुलासा हो सके।
- शशांक आनंद, एसपी रोहतक।