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कंपनी बनाकर ड्रा के नाम पर ठगी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 16 May 2016 02:03 AM IST
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ठग
- फोटो : demo pic
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ड्रा का लालच देकर लोगों को ठगने वाली सांपला की निजी कंपनी पर पुलिस एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रही है। कंपनी का शिकार हुए पीड़ितों ने 20 दिन घूमकर किसी तरह एसपी तक शिकायत पहुंचाई। एसपी के आदेशों के बाद कंपनी संचालकों पर केस भी दर्ज किया गया। लेकिन सांपला पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। पीड़ितों का कहना है कि स्थानीय पुलिस आरोपियों से मिली हुई है और ठगी की पूरी छूट दे रखी है। यही कारण है कि कंपनी अब भी मार्केट में बेधड़क धंधा कर रही है।
शिकायतकर्ता पीड़ित प्रमोद कुमार का कहना है कि सांपला पुलिस ने ठगी कंपनी के मामले को हल्के मे लिया है। मामला हजारों लोगों की ठगी का होने के बाद भी आरोपियों को भागने का पूरा मौका दिया जा रहा है। प्रमोद का कहना है कि आरोपियों के पासपोर्ट तक बताए जा रहे हैं। बता दें कि पुलिस ने सांपला निवासी प्रमोद के बयान पर कंपनी चलाने वाले चार लोगों पर मामला दर्ज किया है। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी फर्जी है। जानकारी के मुताबिक चारों ने कई जिलों में अपने कार्यालय खोल रखे हैं। कंपनी की हकीकत तो पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगी लेकिन सांपला थाने में कंपनी के मैनेजर सोनीपत जिले के गांव खांड़ा निवासी प्रवीन कुमार रोहिल्ला, नवीन कुमार, दतौड़ निवासी प्रवीन और अटायल निवासी सुनील कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का मामला जरूर दर्ज किया गया है। हालांकि अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
18 हजार का चेक हुआ बाउंस
आसंड़ा निवासी युवक सुरेंद्र ने कंपनी को साल भर किस्त जमा कराई। इसकी एवज में उसको 21 हजार रुपये का चेक देने की बजाय 18 हजार रुपये का चेक दिया गया। चेक को चार बार बैंक में जमा कराया गया, लेकिन हर बार चेक बाउंस होता रहा। इसी तरह इलाके में करीब 1500 लोगों को जोड़ रखा है।
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कंपनी ने गुमराह कर निकाला ड्रा
शिकायतकर्ता प्रमोद का कहना है कि इस्माइला के एक युवक के कहने पर उसने उम्मीद कोऑपरेटिव प्रोड्यूसर लिमिटेड में 1500 रुपये प्रति महीने के हिसाब से पैसा जमा कराया। उसने तीन किस्त ही जमा कराई और बाद में बंद कर दी। किस्त बंद करने के बाद कंपनी ने लोगों को गुमराह करने के लिए उसका और उसके साथियों का ड्रा निकाल दिया। प्रमोद के अनुसार उसको ड्रा के रूप में कार निकाली गई जबकि उसके साथी संदीप की बाइक और एसी निकाला गया, लेकिन दिया कुछ नहीं गया।
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शिकायतकर्ता पीड़ित प्रमोद कुमार का कहना है कि सांपला पुलिस ने ठगी कंपनी के मामले को हल्के मे लिया है। मामला हजारों लोगों की ठगी का होने के बाद भी आरोपियों को भागने का पूरा मौका दिया जा रहा है। प्रमोद का कहना है कि आरोपियों के पासपोर्ट तक बताए जा रहे हैं। बता दें कि पुलिस ने सांपला निवासी प्रमोद के बयान पर कंपनी चलाने वाले चार लोगों पर मामला दर्ज किया है। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी फर्जी है। जानकारी के मुताबिक चारों ने कई जिलों में अपने कार्यालय खोल रखे हैं। कंपनी की हकीकत तो पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगी लेकिन सांपला थाने में कंपनी के मैनेजर सोनीपत जिले के गांव खांड़ा निवासी प्रवीन कुमार रोहिल्ला, नवीन कुमार, दतौड़ निवासी प्रवीन और अटायल निवासी सुनील कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का मामला जरूर दर्ज किया गया है। हालांकि अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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18 हजार का चेक हुआ बाउंस
आसंड़ा निवासी युवक सुरेंद्र ने कंपनी को साल भर किस्त जमा कराई। इसकी एवज में उसको 21 हजार रुपये का चेक देने की बजाय 18 हजार रुपये का चेक दिया गया। चेक को चार बार बैंक में जमा कराया गया, लेकिन हर बार चेक बाउंस होता रहा। इसी तरह इलाके में करीब 1500 लोगों को जोड़ रखा है।
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कंपनी ने गुमराह कर निकाला ड्रा
शिकायतकर्ता प्रमोद का कहना है कि इस्माइला के एक युवक के कहने पर उसने उम्मीद कोऑपरेटिव प्रोड्यूसर लिमिटेड में 1500 रुपये प्रति महीने के हिसाब से पैसा जमा कराया। उसने तीन किस्त ही जमा कराई और बाद में बंद कर दी। किस्त बंद करने के बाद कंपनी ने लोगों को गुमराह करने के लिए उसका और उसके साथियों का ड्रा निकाल दिया। प्रमोद के अनुसार उसको ड्रा के रूप में कार निकाली गई जबकि उसके साथी संदीप की बाइक और एसी निकाला गया, लेकिन दिया कुछ नहीं गया।