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जिस स्कूल में पढ़ती थी उसी की बस ने चार साल की मासूम को कुचला

Fri, 24 Feb 2017 01:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Fri, 24 Feb 2017 01:51 AM IST
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बच्‍ची मानसी - फोटो : file photo
करौंथा में वीरवार शाम को स्कूल बस ने एक चार साल की बच्ची को कुचल दिया। हादसे में बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। जिस स्कू ल की बस ने बच्ची को कु चला वह भी उसी स्कूल की छात्रा थी। परंतु वह वीरवार को स्कूल नहीं गई थी। हादसे के समय बच्ची का भाई स्कूल बस में सवार था। वह छुट्टी के बाद उसी बस से घर लौट रहा था। इस संबंध में शिवाजी कालोनी थाना पुलिस ने अज्ञात चालक पर केस दर्ज किया है।
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 पुलिस को दी शिकायत में गांव के मोहित ने बताया कि वह बीए में पढ़ाई करता है। शाम करीब तीन बजे मोहित अपने भतीजे दिपांशु को स्कू ल बस से लेने गली के बाहर गया। जब मोहित भतीजे को लेेने घर से बाहर आया तो उसके आगे ही भतीजी मानसी चल रही थी। जब मानसी गली को पार कर रही थी तभी स्कूल की बस तेज गति से आई और मानसी को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद मानसी बस के टायर के नीचे आ गई और बस ने उसे कुचल दिया। हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। तभी परिजन बच्ची को लेकर पीजीआई पहुंचे यहां डॉक्टरोें ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मामले में अभी तक आरोपी चालक के बारे में कुछ ही पता नहीं चल सका है।
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काश स्कूल चली जाती मानसी

जब मामले में मोहित से बात की गई तो उन्होंने बताया कि दिपांशु डीघल के एमडी हाई स्कू ल में पढ़ता है उसकी छोटी बहन मानसी भी इसी स्कूल की छात्रा थी। वीरवार को मानसी स्कूल नहीं गई थी। वह दो दिन से बीमार थी। इसी कारण उसे स्कूल नहीं भेजा था। काश वह स्कूल चली जाती तो आज हमारे बीच होती। परिजनों ने आरोपी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके पिता

मानसी के दुनिया छोड़कर चले जाने के बाद अब उसका भाई दिपांशु अकेला रह गया है। मोहित ने बताया कि किसी मामले में मानसी के पिता संत कुमार जेल में बंद है। हादसे की सूचना के बाद जब उनकी जमानत की बात की गई तो मानसी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी गई। मानसी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद देर रात संत कुमार की जमानत हो सकी। लेकिन इससे पहले ही मानसी का अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
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