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मरम्मत में ट्रैक गायब मिले क्लिप लाइनर, जुगाड़ के सहारे गुजरतीं रहीं ट्रेनें
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 13 Mar 2017 12:38 AM IST
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ट्रेन की पटरी पर िककिलप लगाता कारीगर
- फोटो : amar ujala
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दिल्ली बाईपास से नए बस स्टैंड के मार्ग पर स्थित फाटक संख्या 4 ए स्पेशल के चार मीटर ट्रैक की मरम्मत के दौरान किंड्रोल क्लिप लाइनर गायब मिले। इस चार मीटर की दूरी में चार बार वेल्डिंग हो चुकी है और जब इस ट्रैक से होकर ट्रेन गुजरती है तो वह जंप करती है। लेकिन पिछले आठ साल से इसकी एक बार भी ओवर हालिंग नहीं हुई है जबकि प्रत्येक तीन साल में एक बार ओवरहालिंग हो जानी चाहिए थी। वहीं, जब गेट मैन ने सूचना दी कि इस ट्रैक से गुजरते हुए पटरी जोर से हिलती है और ट्रेन में भी उछाल आता है तो इंजीनियरों ने रविवार दोपहर में इसकी मरम्मत की।
रोहतक-गोहाना ट्रैक की ओवर हालिंग होनी है, लेकिन किन्हीं कारणों से वह नहीं हो पा रही है। रविवार को इस पर जब पैसेंजर ट्रेन गुजर गई तो गेट मैन ने अधिकारियोें को सूचना दी कि ट्रैक से गुजरते वक्त ट्रेन जंप कर रही थी। इसके तुरंत बाद मौके पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर आरसी धींगरा पहुंचे। उन्होंने रेल कर्मियों के साथ मिलकर गेट की मरम्मत का काम शुरू किया। पहले तो जहां से पटरी चटक गई थी, उसे सपोर्ट लगाकर वेल्डिंग के सहारे जोड़ा गया। इस फाटक पर करीब चार मीटर की दूरी में चार बार वेल्डिंग की जा चुकी है। इसके बाद उन्होंने पटरी के जंप होने का कारण खोजा तो पता चला कि ट्रैक को सपोर्ट देने वाले किंड्रोल क्लिप लाइनर ही नहीं लगाए गए हैं और पिछले कई सालों से इस फाटक की ओवरहालिंग ही नहीं की गई है।
इसके तुरंत बाद उन्होंने ट्रैक के किनारे खुदाई की और क्लिप लगाने का काम शुरू किया। इसमें छह से अधिक क्लिप लगाए गए। फाटक का ट्रैक कंडम हालत में पहुंच चुका है। इंजीनियर आरसी धींगरा ने कहा कि ट्रैक की ओवरहालिंग जल्द ही कराने की जरूरत है। पिछले करीब आठ सालों से इसकी ओवरहालिंग नहीं की गई है, अधिक गति से ट्रेन को गुजारने पर कोई भी हादसा हो सकता है।
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पिछले महीने हुई थी फाटक 3 बी की मरम्मत
25 फरवरी को इसी लाइन के फाटक संख्या 3बी की ओवरहालिंग हुई थी। उसके बाद फाटक संख्या 4 ए और 4 बी की ओवरहालिंग भी प्रस्तावित की गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से वह नहीं हो पा रही है। जब रविवार को गेट मैन ने सूचना दी तो आनन फानन में ट्रैक की मरम्मत की गई लेकिन अभी भी ओवरहालिंग होना बाकी है। बता दें कि जनवरी महीने में ही इस ट्रैक के सभी स्लीपरों को बदला जा चुका है और नई ट्रैक लाइन बिछाई जा चुकी है। सड़क पर स्थित होने के कारण फाटक की ओवरहालिंग नहीं हो पा रही है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, अस्पताल और अन्य स्थानों से अनुमति लेनी होती है।
आयुक्त के दौरे की चल रही थीं तैयारियां
आगामी बुधवार को रोहतक से जींद ट्रैक लाइन पर इलेक्ट्रिक लाइन की शुरूआत करने के लिए रेलवे सुरक्षा आयुक्त का दौरा होना है। इसके लिए समरगोपालपुर और खरैंटी स्टेशनों पर मरम्मत की जा रही थी लेकिन ट्रैक की मरम्मत की गई। बुधवार को रोहतक-जींद ट्रैक के निरीक्षण के लिए सुबह करीब 11 बजे सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) रोहतक रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। इसके बाद वह निरीक्षण करने के बाद जींद के लिए रवाना होंगे, शाम के करीब सात बजकर बीस मिनट पर जींद से रवाना होंगे।
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रोहतक-गोहाना ट्रैक की ओवर हालिंग होनी है, लेकिन किन्हीं कारणों से वह नहीं हो पा रही है। रविवार को इस पर जब पैसेंजर ट्रेन गुजर गई तो गेट मैन ने अधिकारियोें को सूचना दी कि ट्रैक से गुजरते वक्त ट्रेन जंप कर रही थी। इसके तुरंत बाद मौके पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर आरसी धींगरा पहुंचे। उन्होंने रेल कर्मियों के साथ मिलकर गेट की मरम्मत का काम शुरू किया। पहले तो जहां से पटरी चटक गई थी, उसे सपोर्ट लगाकर वेल्डिंग के सहारे जोड़ा गया। इस फाटक पर करीब चार मीटर की दूरी में चार बार वेल्डिंग की जा चुकी है। इसके बाद उन्होंने पटरी के जंप होने का कारण खोजा तो पता चला कि ट्रैक को सपोर्ट देने वाले किंड्रोल क्लिप लाइनर ही नहीं लगाए गए हैं और पिछले कई सालों से इस फाटक की ओवरहालिंग ही नहीं की गई है।
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इसके तुरंत बाद उन्होंने ट्रैक के किनारे खुदाई की और क्लिप लगाने का काम शुरू किया। इसमें छह से अधिक क्लिप लगाए गए। फाटक का ट्रैक कंडम हालत में पहुंच चुका है। इंजीनियर आरसी धींगरा ने कहा कि ट्रैक की ओवरहालिंग जल्द ही कराने की जरूरत है। पिछले करीब आठ सालों से इसकी ओवरहालिंग नहीं की गई है, अधिक गति से ट्रेन को गुजारने पर कोई भी हादसा हो सकता है।
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पिछले महीने हुई थी फाटक 3 बी की मरम्मत
25 फरवरी को इसी लाइन के फाटक संख्या 3बी की ओवरहालिंग हुई थी। उसके बाद फाटक संख्या 4 ए और 4 बी की ओवरहालिंग भी प्रस्तावित की गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से वह नहीं हो पा रही है। जब रविवार को गेट मैन ने सूचना दी तो आनन फानन में ट्रैक की मरम्मत की गई लेकिन अभी भी ओवरहालिंग होना बाकी है। बता दें कि जनवरी महीने में ही इस ट्रैक के सभी स्लीपरों को बदला जा चुका है और नई ट्रैक लाइन बिछाई जा चुकी है। सड़क पर स्थित होने के कारण फाटक की ओवरहालिंग नहीं हो पा रही है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, अस्पताल और अन्य स्थानों से अनुमति लेनी होती है।
आयुक्त के दौरे की चल रही थीं तैयारियां
आगामी बुधवार को रोहतक से जींद ट्रैक लाइन पर इलेक्ट्रिक लाइन की शुरूआत करने के लिए रेलवे सुरक्षा आयुक्त का दौरा होना है। इसके लिए समरगोपालपुर और खरैंटी स्टेशनों पर मरम्मत की जा रही थी लेकिन ट्रैक की मरम्मत की गई। बुधवार को रोहतक-जींद ट्रैक के निरीक्षण के लिए सुबह करीब 11 बजे सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) रोहतक रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। इसके बाद वह निरीक्षण करने के बाद जींद के लिए रवाना होंगे, शाम के करीब सात बजकर बीस मिनट पर जींद से रवाना होंगे।